बागेश्वर:सामुदायिक पुलिसिंग के तहत गांवों में पहुँची थाना झिरौली पुलिस; अकेले रह रहे वरिष्ठ नागरिकों का जाना हाल-चाल, चौपाल लगाकर आमजन को साइबर अपराध, यातायात नियमों व नशे के खिलाफ किया जागरूक! Ashok gulati एडिटर इन चीफ

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पुलिस अधीक्षक बागेश्वर जितेन्द्र मेहरा (IPS) के कुशल निर्देशन में जनपद पुलिस द्वारा सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिक सुरक्षा, डिजिटल साक्षरता और अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु लगातार व्यापक स्तर पर “कम्युनिटी पुलिसिंग” (सामुदायिक पुलिसिंग) अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आज थाना झिरौली पुलिस टीम द्वारा अपने थाना क्षेत्र के विभिन्न ग्रामीण व सुदूरवर्ती इलाकों में सघन भ्रमण कर जन-जागरूकता चौपालों का आयोजन किया गया तथा आम जनमानस से सीधा संवाद स्थापित किया गया।
थाना झिरौली पुलिस के जवानों द्वारा *अकेले रह रहे बुजुर्गों व वरिष्ठ नागरिकों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना गया। बुजुर्गों के स्वास्थ्य व सुरक्षा की जानकारी लेते हुए उनके भीतर सुरक्षा का भाव सुदृढ़ किया गया।* पुलिस टीम ने उन्हें आश्वस्त किया कि किसी भी आकस्मिक संकट, बीमारी या आपातकालीन आवश्यकता के समय झिरौली पुलिस उनकी सहायता के लिए ’24×7 सदैव तत्पर’ है।
“साइबर सुरक्षा अभियान 2.0” व “साइबर जागरूकता माह” के अंतर्गत पुलिस टीम ने ग्रामीणों को वर्तमान में पैर पसार रहे गंभीर ऑनलाइन खतरों, जैसे— “डिजिटल अरेस्ट”, फर्जी लॉटरी/केबीसी (KBC) फ्रॉड, फर्जी बिजली बिल मैसेज और बैंक अधिकारी बनकर आने वाली फर्जी कॉल्स के तौर-तरीकों के प्रति गहनता से आगाह किया। ग्रामीणों को सख्त हिदायत दी गई कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी गोपनीय बैंकिंग जानकारी (ओटीपी या पिन) साझा न करें। ठगी का शिकार होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया समझाई गई।
उपस्थित आम जनता को समाज को खोखला कर रही नशे की कुरीतियों और इसके शारीरिक, मानसिक व आर्थिक दुष्प्रभावों के प्रति विस्तारपूर्वक जागरूक किया गया। पुलिस टीम ने अपील की कि क्षेत्र को पूर्णतः नशामुक्त बनाने में पुलिस का पूर्ण सहयोग करें। यदि कहीं भी मादक पदार्थों की अवैध बिक्री या नशा तस्करी होती है, तो इसकी गुप्त सूचना तत्काल नेशनल नारकोटिक्स हेल्पलाइन नंबर 1933 (मानस पोर्टल) पर दें। सूचना देने वाले जागरूक नागरिक की पहचान पूरी तरह गोपनीय और सुरक्षित रखी जाएगी।
सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने हेतु आम जनमानस को अनिवार्य रूप से यातायात नियमों का पालन करने के संबंध में जागरूक किया गया। दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने, कार में सीट बेल्ट का उपयोग करने, नाबालिगों को वाहन न देने तथा नशे की हालत में ड्राइविंग न करने की सख्त हिदायत दी गई। नियमों का उल्लंघन करने पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत होने वाली कठोर दंडात्मक कार्रवाई से भी अवगत कराया गया।

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