अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की जीत का महापर्व विजयादशमी (दशहरा) इस वर्ष भी पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है, ज्योतिष शास्त्र में इस दिन को एक ‘अबूझ मुहूर्त’ (Self-Proven Auspicious Time) माना गया है, जिसमें किए गए उपाय जीवन के सभी संकटों को दूर कर सुख, समृद्धि और सफलता की राह खोलते हैं..

सुप्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य आचार्य संदीप पाठक के अनुसार, विजयादशमी के दिन कुछ विशेष ज्योतिषीय उपाय करने से जातक को धन, करियर, व्यापार और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है। आइए जानते हैं आचार्य संदीप पाठक द्वारा बताए गए कुछ बेहद असरदार और अचूक उपाय:
- सुख-समृद्धि और धन लाभ के गुप्त उपाय
आचार्य संदीप पाठक का कहना है कि विजयादशमी की शाम को माता लक्ष्मी का ध्यान करते हुए किसी मंदिर में नई झाड़ू का गुप्त दान करना चाहिए। ऐसा करने से घर में स्थिर लक्ष्मी का वास होता है और दरिद्रता दूर होती है। इसके अलावा, नवरात्रि के दौरान बोए गए जौ (जयंती) को इस दिन तिजोरी या धन स्थान पर रखने से कर्ज से मुक्ति मिलती है। पूजा के समय मां लक्ष्मी को नारियल अर्पित कर दान करने से भी आर्थिक तंगी हमेशा के लिए खत्म होती है।
- करियर और व्यापार में तरक्की के लिए शमी पूजन
यदि आपके नौकरी या व्यापार में लगातार बाधाएं आ रही हैं, तो आचार्य संदीप पाठक शमी वृक्ष के पूजन की सलाह देते हैं। दशहरे के दिन शमी के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का चौमुखी (चार मुख वाला) दीपक जलाएं। इससे शनि, राहु और केतु के दोष शांत होते हैं। करियर में बड़ी सफलता के लिए शमी का एक पत्ता अपनी तिजोरी या पर्स में जरूर रखें। प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र इस दिन बहते जल में चुटकी भर सरसों के दाने प्रवाहित करें।
- शत्रुओं पर विजय और संकटों से मुक्ति
आचार्य संदीप पाठक के मुताबिक, विजयादशमी के दिन नीलकंठ पक्षी के दर्शन करना अत्यंत भाग्यशाली माना जाता है। यह दर्शन शत्रुओं पर विजय सुनिश्चित करता है। यदि जीवन में कोई बड़ा संकट या कोर्ट-कचहरी का मामला चल रहा हो, तो इस दिन सुंदरकांड का पाठ करें और संकटमोचन हनुमान जी को बूंदी के लड्डू व पान का बीड़ा अर्पित करें। स्वास्थ्य लाभ और तंत्र-मंत्र के असर को खत्म करने के लिए एक पानी वाला नारियल अपने ऊपर से 21 बार वारकर रावण दहन की अग्नि में डाल दें।
- हर क्षेत्र में जीत के लिए ‘अपराजिता पूजा’
विशेष मनोकामना पूर्ति के लिए आचार्य जी ने एक खास उपाय बताया है। दोपहर के शुभ विजय मुहूर्त में घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में रोली या चंदन से 8 पंखुड़ियों वाला अष्टदल चक्र बनाएं। इस पर मां जया और विजया की स्थापना कर अपराजिता देवी का पूजन करें और “ॐ अपराजितायै नमः” मंत्र का जाप करें। यह उपाय आपको हर कार्य में विजय दिलाएगा।
निष्कर्ष:
आचार्य संदीप पाठक बताते हैं कि विजयादशमी का पूरा दिन ही सकारात्मक ऊर्जा से भरा होता है। यदि पूर्ण श्रद्धा और साफ नियत से ये उपाय किए जाएं, तो जातक के जीवन से दुर्भाग्य का नाश होता है और पूरे वर्ष मां दुर्गा व प्रभु श्रीराम की कृपा बनी रहती है|

