बागेश्वर:प्रसिद्ध ‘धोली नाग महोत्सव’ में कांडा पुलिस की बड़ी पहल; थानाध्यक्ष बलवन्त कम्बोज ने आगंतुकों को साइबर क्राइम, नशा उन्मूलन व यातायात नियमों के प्रति किया जागरूक!! Ashok gulati एडिटर इन चीफ

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बागेश्वर : पुलिस अधीक्षक बागेश्वर जितेन्द्र मेहरा (IPS) के कुशल निर्देशन में जनपद पुलिस द्वारा धार्मिक मेलों, सांस्कृतिक उत्सवों और बड़े जन-आयोजनों के माध्यम से आमजनमानस को सुरक्षित व जागरूक बनाने हेतु एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आज सुप्रसिद्ध धोली नाग महोत्सव के पावन अवसर पर थानाध्यक्ष कांडा श्री बलवन्त कम्बोज के नेतृत्व में कांडा पुलिस टीम द्वारा मेले में आने वाले हजारों श्रद्धालुओं और आगंतुकों के बीच एक वृहद जन-जागरूकता अभियान चलाया गया।
धोली नाग महोत्सव परिसर में आयोजित इस अवेयरनेस कार्यक्रम के तहत थानाध्यक्ष कांडा द्वारा उपस्थित जनसमुदाय को विभिन्न समसामयिक सामाजिक चुनौतियों और अपराधों के प्रति जागरूक किया गया ।
वर्तमान में बढ़ते ऑनलाइन वित्तीय अपराधों और “डिजिटल अरेस्ट” जैसे नए साइबर खतरों को देखते हुए आमजन को सुरक्षित इंटरनेट और बैंकिंग के गुर सिखाए गए। लोगों से अपील की गई कि वे किसी भी अनजान फोन कॉल या मैसेज के झांसे में न आएं और अपना ओटीपी (OTP), बैंक खाता संख्या या एटीएम पिन किसी से साझा न करें। साइबर ठगी होने पर बिना समय गंवाए तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया बताई गई।
देवभूमि को नशे के अभिशाप से मुक्त करने के उद्देश्य से महोत्सव में आए युवाओं और स्थानीय नागरिकों को मादक पदार्थों के घातक शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से समझाया गया। लोगों से आह्वान किया गया कि वे अपने बच्चों को नशे की लत से दूर रखें और क्षेत्र में अवैध शराब या ड्रग्स की तस्करी की सूचना तत्काल नेशनल नारकोटिक हेल्पलाइन नंबर 1933 (मानस पोर्टल) पर दें। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा।
सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए थानाध्यक्ष द्वारा वाहन चालकों को यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करने की हिदायत दी गई। दुपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनने, कार में सीट बेल्ट का प्रयोग करने, शराब पीकर वाहन न चलाने तथा नाबालिग बच्चों को किसी भी दशा में वाहन न देने की सख्त हिदायत दी गई। आपातकालीन पुलिस सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर डायल 112 की उपयोगिता भी समझाई गई।
उपस्थित महिलाओं और बालिकाओं को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए उत्तराखण्ड पुलिस ऐप के अंतर्गत उपलब्ध ‘गौरा शक्ति ऐप’ को डाउनलोड करने और आपातकाल में महिला हेल्पलाइन नंबर 1090 का उपयोग करने के संबंध में व्यावहारिक जानकारी दी गई।

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