पिथौरागढ़:16 वीं पुण्य तिथि पर गिर्दा को उनके जनगीतों के साथ याद किया!

खबर शेयर करें -

पिथौरागढ़ :22 अगस्त की शाम को कुमाउनी मासिक पत्रिका ‘आदलि कुशलि’ के कार्यालय में पिथौरागढ़ के साहित्यकारों, संस्कृति कर्मियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने जनकवि गिरीश तिवारी ‘गिर्दा’ को उनकी कविता, गीतों पर चर्चा एवं जनगीतों के गायन के साथ याद किया। वरिष्ठ साहित्यकार डॉ परमानंद चौबे एवं बालिका चेतना ने गिर्दा के चित्र पर माल्यार्पण किया। साहित्यकार चिन्तामणि जोशी ने गिर्दा के संघर्षपूर्ण जन सरोकारी जीवन, आन्दोलनजीवी बहुआयामी व्यक्तित्व एवं रचनाकर्म पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गिर्दा ने आम जन की उम्मीद के तमाम गीत लिखे, उन्हें संगीत दिया और आवाज भी दी। अब उनकी आवाज हम सभी की जिम्मेदारी है। शिक्षाविद डॉ चौबे, क्रिएटिव उत्तराखंड के हेम पंत, संस्कृति कर्मी निर्मल शाह एवं जनमंच के भगवान रावत ने गिर्दा के सान्निध्य में संजोए अपने अनुभवों को साझा किया।
नादभेद गन्धर्वालय के निदेशक रवि शास्त्री, दीपक और संस्था के विद्यार्थियों ने ‘उत्तराखंड मेरी मातृभूमी’ गीत के साथ सांस्कृतिक गायन की शुरुआत की और ‘सावनी सांझ’ तथा ‘जैंता एक दिन त आलो उ दिन यो दूनी में’ गीतों की संगीतमय प्रस्तुति के साथ सभी को भाव विभोर किया।
एडवोकेट रचना शर्मा ने संस्कृति कर्मी जहूर आलम द्वारा लिखी कविता सलाम गिर्दा का वाचन किया। डॉ ममता कन्याल ने ‘कैसा हो स्कूल हमारा’ कविता के माध्यम से गिर्दा के शैक्षिक सरोकारों पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में शैक्षिक दखल के समन्वय संपादक राजीव जोशी, निर्मल साह, साहित्यकार दिनेश भट्ट, विक्रम नेगी, लव कुश कुमार आदि की अगुवाई में सभी ने गिरदा के महत्वपूर्ण जनगीतों ‘हम लड़ते रयां ‘, ‘हम ओढ़- बारूढि-ल्वार’, ‘आज हिमाल तुमन कें धत्योंछ’ का बलवंत कुमार द्वारा हुड़के पर थाप के साथ सामूहिक गायन किया।…

डॉ सरस्वती कोहली ने इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में सहयोग हेतु सभी के प्रति आभार ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि आदलि कुशलि परिवार भविष्य में भी समाज को सही दिशा देने वाली विभूतियों पर कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा। डॉ भावना पांडेय, कवयित्री मुन्नी पांडेय, होशियार सिंह ज्याला, हेमराज मेहता, रोहित कुमार, सोनी धौनी, सार्थक जोशी आदि ने कार्यक्रम में सहभागिता की।
गिर्दा के गीत ‘जैंता घर जानू भलि है रए’ के बाद गिरदा की आवाज को सदैव जीवंत रखने के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad