
चम्पावत, 23 अगस्त ।
उत्तराखण्ड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (USRLM), ग्राम्य विकास विभाग, उत्तराखण्ड द्वारा ग्रामीण महिलाओं को सतत आजीविका के अवसरों से जोड़ते हुए उन्हें आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से ‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना’ का शुभारंभ किया जा रहा है।
योजना का शुभारंभ मा. मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा 24 अगस्त 2026 को प्रातः 12:30 बजे सचिवालय परिसर, उत्तराखण्ड से किया जाएगा। इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम से प्रदेश के सभी 95 विकासखण्डों को भी जोड़ा जाएगा। जनपद चम्पावत में भी संबंधित अधिकारी, महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्याएं एवं अन्य प्रतिभागी कार्यक्रम में प्रतिभाग करेंगे।
कार्यक्रम में मा. मंत्री ग्राम्य विकास, लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग श्री भरत सिंह चौधरी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना’ का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं एवं महिला स्वयं सहायता समूहों को स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना, उनके स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना, स्वरोजगार को बढ़ावा देना तथा उनकी आय में वृद्धि के साथ आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करना है।
यह पहल ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। योजना के शुभारंभ अवसर पर जनपद के महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्याएं एवं संबंधित प्रतिभागी जुड़कर इस महत्वपूर्ण पहल के साक्षी बनेंगे।
चम्पावत, 23 अगस्त ।
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‘मेरा विद्यालय–मेरी जमीन’ अभियान के तहत जनपद चम्पावत में राजकीय विद्यालयों की भूमि को वैधानिक रूप से विद्यालयी शिक्षा विभाग के नाम दर्ज किए जाने की कार्रवाई निरंतर की जा रही है। अभियान का उद्देश्य विद्यालयों की भूमि को स्पष्ट अभिलेखीय पहचान एवं कानूनी सुरक्षा प्रदान करना तथा भविष्य में भूमि संबंधी विवादों की संभावनाओं को समाप्त करना है।
जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार के मार्गदर्शन में तहसील पाटी क्षेत्र में विद्यालयों की भूमि के अभिलेखीय परीक्षण एवं आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में उप जिलाधिकारी पाटी द्वारा प्रस्तुत आख्या एवं संस्तुति के आधार पर शासन द्वारा ग्राम तोलारैकुड़ी स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय कैडाइजर परिसर के लिए कुल 0.060 हेक्टेयर भूमि के निःशुल्क हस्तांतरण/नामांतरण की स्वीकृति प्रदान की गई है।
स्वीकृत भूमि में खाता संख्या 40 के अंतर्गत खसरा संख्या 2067 में 0.045 हेक्टेयर तथा खसरा संख्या 2069 में 0.015 हेक्टेयर, कुल 0.060 हेक्टेयर भूमि सम्मिलित है। उक्त भूमि को विद्यालय परिसर के प्रयोजन हेतु ‘विद्यालयी शिक्षा विभाग, उत्तराखण्ड शासन’ के नाम हस्तांतरित/नामांतरित किया जाएगा।
‘मेरा विद्यालय–मेरी जमीन’ अभियान के माध्यम से सरकारी विद्यालयों की भूमि का राजस्व अभिलेखों में स्पष्ट एवं विधिवत अंकन सुनिश्चित होने से विद्यालय परिसरों को स्थायी कानूनी सुरक्षा मिलेगी। साथ ही विद्यालयों की भूमि का रिकॉर्ड व्यवस्थित एवं अद्यतन होने से भविष्य में विकास एवं अवस्थापना संबंधी कार्यों के लिए भी भूमि की स्थिति स्पष्ट रहेगी।
भूमि हस्तांतरण निर्धारित शासनादेशों एवं शर्तों के अधीन किया गया है। भूमि का उपयोग केवल स्वीकृत विद्यालयी प्रयोजन के लिए किया जाएगा तथा शासन द्वारा निर्धारित प्रावधानों एवं संबंधित विभागों की आवश्यक स्वीकृतियों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
जिला प्रशासन द्वारा अभियान के तहत अन्य ऐसे राजकीय विद्यालयों की भूमि के अभिलेखीय परीक्षण एवं आवश्यक प्रक्रिया को भी प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि सरकारी विद्यालयों की भूमि को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और विधिक रूप से संरक्षित किया जा सके।