‘लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी महानगर कांग्रेस महामंत्री आलोक मेहता के आवास पर पहुंचे,✅राहुल गांधी ने मंच से दिवंगत कार्यकर्ता अमर मेहता को दी श्रद्धांजलि, कल हादसे में हुई थी मौत, कार्यक्रम में पहुंचे एक युवक ने सबका ध्यान खींचा, युवक कार्यक्रम में डिग्रियों की माला पहनकर पहुंचा….






देहरादून:राहुल गांधी ने देहरादून में कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के लिए नीचे से ऊपर तक पूरा तंत्र जिम्मेदार है, जिसमें कोचिंग सेंटर से लेकर मंत्रालय तक शामिल हैं।बारिश के बीच आयोजित छात्रों की गूंज कार्यक्रम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता के मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पेपर लीक केवल एक परीक्षा की समस्या नहीं है, बल्कि यह करोड़ों युवाओं के भविष्य से जुड़ा सवाल है। राहुल गांधी ने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में पेपर लीक की घटनाओं से करीब साढ़े 7 करोड़ युवाओं पर असर पड़ा है।
जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचने पर राहुल गांधी का कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। कार्यक्रम स्थल पर जाने से पहले उन्होंने दिवंगत कांग्रेस नेता अमर मेहता के आवास पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और संवेदनाएं व्यक्त कीं। अमर मेहता की कार्यक्रम स्थल पर हुए हादसे में मौत हो गई थी।
राहुल गांधी ने कहा कि अमर मेहता का निधन कांग्रेस परिवार के लिए बड़ी क्षति है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने एक समर्पित कार्यकर्ता खो दिया है और दुख की इस घड़ी में पूरा कांग्रेस परिवार पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है।
बन्नू कॉलेज ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में सुबह से ही छात्रों की भीड़ जुटने लगी थी। बारिश के बावजूद युवाओं का उत्साह कम नहीं हुआ। कांग्रेस के अनुसार कार्यक्रम के लिए बड़ी संख्या में छात्रों ने पंजीकरण कराया था। छात्रों ने पेपर लीक, रोजगार और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए।
कार्यक्रम में अभिनय सर ने पेपर लीक के मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि यह समस्या केवल वर्तमान छात्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर आने वाली पीढ़ियों पर भी पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए केवल बयान नहीं, बल्कि व्यवस्था में सुधार की जरूरत है।
कार्यक्रम में पेपर लीक मामले के बाद आत्महत्या करने वाली देहरादून की छात्रा रिया थापा को याद किया गया। मंच पर बड़ी स्क्रीन पर रिया की तस्वीर दिखाई गई तो माहौल भावुक हो गया।राहुल गांधी ने रिया की मौत को बेहद दुखद बताते हुए उसके पिता राजेश थापा को मंच पर बुलाया। राजेश थापा ने बेटी के संघर्ष को याद करते हुए कहा कि रिया परीक्षा की तैयारी के लिए रात-रातभर पढ़ाई करती थी। उन्होंने बताया कि वह रात तीन बजे तक पढ़ती थी और पेपर लीक की जानकारी मिलने के बाद वह काफी परेशान हो गई थी।
राहुल गांधी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाला युवा अकेले संघर्ष नहीं करता, बल्कि उसके साथ पूरा परिवार मेहनत करता है। उन्होंने कहा कि कई युवा वर्षों तक अपनी सामाजिक जिंदगी और खुशियों को पीछे छोड़कर तैयारी करते हैं, जबकि कई परिवार बच्चों की पढ़ाई और कोचिंग के लिए कर्ज तक लेते हैं।
उन्होंने कहा कि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए सरकारी नौकरी आज भी उम्मीद का बड़ा सहारा है। ऐसे में परीक्षा में धांधली या पेपर लीक होने से पूरे परिवार की उम्मीदों को बड़ा झटका लगता है।
राहुल गांधी ने रोजगार के मुद्दे पर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश में मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र कमजोर हुआ है और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सीमित हैं। ऐसे हालात में सरकारी नौकरी की परीक्षाओं में पारदर्शिता बेहद जरूरी है।उन्होंने कहा कि युवाओं को भरोसा चाहिए कि उनकी मेहनत का सही मूल्यांकन होगा और भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से पूरी होगी।राहुल ने आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने रोजगार के अवसर सीमित कर दिए हैं।
सरकारी नौकरियों तक पहुंच का रास्ता पेपर लीक तथा परीक्षा में धांधली के कारण बाधित हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की जिम्मेदारी निजी कंपनियों से हटाकर सरकारों को अपने हाथ में लेनी चाहिए।
राहुल ने अपने संबोधन की शुरुआत में कहा कि यह कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है, केवल युवाओं के भविष्य को लेकर है।
उन्होंने कहा कि हर साल हिंदुस्तान में गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के मेधावी छात्र-छात्राएं कठिन परिश्रम के बल पर सरकारी नौकरी पाने का सपना देखते हैं, लेकिन पेपर लीक ने उनकी उम्मीदों को आघात पहुंचाया है।
चोर दरवाजे से केवल एक प्रतिशत युवाओं को लाभ मिलता है, जबकि 99 प्रतिशत ईमानदार और मेहनती युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। रोजगार की दृष्टि से हर तरफ दरवाजे बंद हैं। ऐसे में सरकारी नौकरी का ही रास्ता बचता है। इसमें भी दो रास्ते हैं।
पहला ईमानदारी व मेहनत का और दूसरा पेपर लीक का। शिक्षा व्यवस्था भी चार तरह के अन्याय से जूझ रही है।
छात्रों-युवाओं से संवाद के नाम पर राहुल ने चार युवाओं को मंच पर बुलाकर उनसे बात की। युवाओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं के अपने अनुभव साझा किए। राहुल ने दावा किया कि पिछले दस वर्षों में 152 पेपर लीक हुए, लेकिन किसी को सजा नहीं मिली।
अमर मेहता के परिवार से मुलाकात के बाद लौटते समय राहुल गांधी ने हुमेरा नाम की बच्ची से बातचीत की। हुमेरा ने बताया कि राहुल गांधी ने उससे पढ़ाई और उसके सपनों को लेकर चर्चा की। मुलाकात के बाद बच्ची काफी उत्साहित नजर आई।
इससे पहले एयरपोर्ट पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने राहुल गांधी का स्वागत किया। गोदियाल ने उन्हें बदरीनाथ जी की पारंपरिक भोजपत्र माला भेंट की।
कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम युवाओं और छात्रों के मुद्दों पर संवाद अभियान का हिस्सा है। कार्यक्रम के बाद राहुल गांधी ने कांग्रेस पार्लियामेंट्री बोर्ड की बैठक में हिस्सा लिया और संगठन व आगामी चुनावी रणनीति पर चर्चा की।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज दोपहर बाद दिल्ली से चार्टर्ड विमान द्वारा देहरादून पहुंचे। हवाई अड्डे से वे सीधे महानगर कांग्रेस महामंत्री आलोक मेहता के चमन विहार स्थित आवास पर गए।
राहुल गांधी ने वहां उनके पिता और कांग्रेस के सक्रिय कार्यकर्ता अमर सिंह मेहता के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक जताया और पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया।
तैयारियों के दौरान हुआ था हादसा
कैसे हुई घटना: गुरुवार को रेसकोर्स स्थित बन्नू स्कूल मैदान में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ संवाद कार्यक्रम की तैयारियां चल रही थीं। इसी दौरान पंडाल की एक भारी लोहे की छड़ (पिलर) अचानक गिर गई, जिसकी चपेट में आने से अमर मेहता गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
अस्पताल में तोड़ा दम: उन्हें तुरंत नजदीकी सीएमआई अस्पताल ले जाया गया, जहां शाम को उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।
इस दुखद हादसे के बाद जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं में शोक की लहर है, वहीं कार्यक्रम स्थल पर पंडाल निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।