सुनो. सुनो. सुनो. सावधान हो जाओ, “यमराज की सवारी” आ रही है …





चम्पावत, 14 जुलाई ।
मा. सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों तथा . मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा सड़क सुरक्षा के संबंध में दिए गए दिशा निर्देशों एवं जिलाधिकारी मनीष कुमार के मार्गदर्शन में जनपद चम्पावत में सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रभावी अनुपालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा सघन प्रवर्तन अभियान चलाया गया।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) टनकपुर-चम्पावत के नेतृत्व में बाराकोट, लोहाघाट, पाटी एवं चम्पावत क्षेत्रों में व्यापक वाहन चेकिंग की गई। इस दौरान एआरएम लोहाघाट के साथ संयुक्त प्रवर्तन कार्रवाई भी की गई।
अभियान के दौरान मोटर वाहन अधिनियम एवं नियमों के विभिन्न प्रावधानों के उल्लंघन पर कुल 66 वाहनों के चालान किए गए। जांच में 06 वाहन बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस, 04 वाहन बिना फिटनेस प्रमाणपत्र तथा 05 वाहन बिना कर (टैक्स) संचालित पाए गए, जिनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की गई।
प्रवर्तन के दौरान किशोर द्वारा स्कूटी चलाते पाए जाने पर वाहन को कोतवाली चम्पावत में सीज किया गया। वहीं बिना परमिट, बिना फिटनेस एवं बिना टैक्स संचालित एक अन्य वाहन को कोतवाली लोहाघाट में सीज किया गया।अभियान के दौरान उत्तराखण्ड परिवहन निगम (UTC) की एक बस में प्रेशर हॉर्न का प्रयोग पाए जाने पर भी चालान कर नियमानुसार कार्रवाई की गई।
परिवहन विभाग ने सभी वाहन स्वामियों एवं चालकों से अपील की है कि वे वाहन संचालन के दौरान वैध ड्राइविंग लाइसेंस, फिटनेस प्रमाणपत्र, टैक्स, परमिट सहित सभी आवश्यक अभिलेख अद्यतन रखें तथा यातायात नियमों का पूर्ण पालन करें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जनपद में ऐसे प्रवर्तन अभियान नियमित रूप से जारी रहेंगे।
अभियान में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) मनोज बगोरिया, परिवहन कर अधिकारी (TTO) प्रमोद चौधरी, परिवहन उप निरीक्षक (TSI) आनंद सिंह बिष्ट, परिवहन सहायक निरीक्षक (TAI) राजेन्द्र प्रसाद, परिवहन आरक्षी श्री नीरज कुमार, परिवहन आरक्षी निशा जोशी तथा वाहन चालक फकीर कुमार उपस्थित रहे।
किशोरों को वाहन चलाने की अनुमति न दें, अभिभावक बरतें सावधानी : (एआरटीओ प्रवर्तन)
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) मनोज बगोरिया ने जनपदवासियों, विशेषकर अभिभावकों, विद्यालयों एवं वाहन स्वामियों से 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी परिस्थिति में वाहन न चलाने देने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि किशोर द्वारा वाहन चलाना कानूनन दण्डनीय अपराध होने के साथ-साथ उसके स्वयं के जीवन एवं अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है। मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 199A के अंतर्गत यदि कोई किशोर वाहन चलाते हुए पाया जाता है तो वाहन स्वामी अथवा अभिभावक को उत्तरदायी मानते हुए ₹25,000 तक का जुर्माना, तीन वर्ष तक के कारावास का प्रावधान, वाहन का पंजीकरण 12 माह तक निलंबित किए जाने सहित अन्य वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही किशोर के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही करते हुए उसे 25 वर्ष की आयु तक ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने से भी वंचित किया जा सकता है।
एआरटीओ (प्रवर्तन )ने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को दोपहिया अथवा चारपहिया वाहन की चाबी उपलब्ध न कराएं तथा उन्हें सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक बनाएं। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा की शुरुआत परिवार से होती है और प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करे।
उन्होंने बताया कि परिवहन विभाग द्वारा जनपद में किशोर वाहन संचालन के विरुद्ध नियमित प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित वाहन स्वामी एवं अभिभावकों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन विभाग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि सड़क सुरक्षा के इस अभियान में सहयोग करते हुए नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने से रोकें और सुरक्षित यातायात व्यवस्था के निर्माण में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।