रानीखेत:उत्तराखंड के पहले 48 घंटे ट्रेल्स प्लस अल्ट्रा रन का सफल समापन, रानीखेत को मिली राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान,देशभर के धावकों ने दिखाई अद्भुत सहनशक्ति, विजेताओं को किया सम्मानित! संदीप पाठक की रिपोर्ट

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रानीखेत के नरसिंह स्टेडियम में आयोजित उत्तराखंड के अपनी तरह के पहले 48 घंटे ट्रेल्स प्लस अल्ट्रा रन “द ट्रांस लूप्स” का सफल समापन हुआ। तीन दिनों तक चले इस ऐतिहासिक आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से आए धावकों ने अपनी शारीरिक क्षमता, मानसिक दृढ़ता और अदम्य साहस का शानदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में 6 घंटे, 12 घंटे, 24 घंटे और 48 घंटे की विभिन्न श्रेणियों में प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

समापन समारोह में केआरसी कमांडेंट ब्रिगेडियर विजयंत महादिक एवं श्रीमती मनीषा महादिक ने विजेता प्रतिभागियों को ट्रॉफी, पदक और स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों के जज्बे और आयोजन की सराहना करते हुए इसे उत्तराखंड में साहसिक खेलों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल बताया।

48 घंटे वर्ग में हरियाणा के गुलाब सिंह ने 727 चक्कर पूरे कर प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि महाराष्ट्र के भूपेंद्र सिंह राजपूत दूसरे स्थान पर रहे। 12 घंटे वर्ग में रानीखेत के योग गुरु नरेश डोबरियाल ने शानदार प्रदर्शन किया, वहीं 6 घंटे वर्ग में बागेश्वर की सुनीता पंत ने अपनी श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। अन्य सभी वर्गों के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया।

रानीखेत माउंटेनियरिंग एंड आउटडोर क्लब के अध्यक्ष सुमित गोयल ने कहा कि उत्तराखंड में अपनी तरह के पहले 48 घंटे ट्रेल्स प्लस अल्ट्रा रन का सफल आयोजन राज्य के खेल इतिहास में एक मील का पत्थर है। इस आयोजन ने रानीखेत को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय एंड्योरेंस स्पोर्ट्स के मानचित्र पर भी नई पहचान दिलाई है।

उन्होंने कहा कि रानीखेत की प्राकृतिक सुंदरता, ऊंचाई, अनुकूल जलवायु और चुनौतीपूर्ण ट्रेल्स इसे विश्वस्तरीय एंड्योरेंस प्रतियोगिताओं के लिए आदर्श स्थल बनाते हैं। भविष्य में इस आयोजन को और अधिक भव्य एवं अंतरराष्ट्रीय स्वरूप दिया जाएगा, ताकि दुनिया भर के धावक रानीखेत की धरती पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें।

सुमित गोयल ने आयोजन के सफल संचालन में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करने के लिए संयुक्त मजिस्ट्रेट सुश्री दीक्षिता जोशी का विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के सहयोग और मार्गदर्शन से यह ऐतिहासिक आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो सका तथा भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को प्रशासन का सहयोग मिलता रहेगा। उन्होंने सहयोगी संस्थाओं, स्वयंसेवकों, प्रायोजकों, तकनीकी टीम और सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सामूहिक सहयोग से उत्तराखंड का यह ऐतिहासिक आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

उन्होंने कहा कि इस आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया है कि रानीखेत केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए ही नहीं, बल्कि साहसिक खेलों और एंड्योरेंस स्पोर्ट्स के लिए भी एक विश्वसनीय गंतव्य बनने की क्षमता रखता है। आने वाले वर्षों में “द ट्रांस लूप्स” रानीखेत की पहचान बनकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल पर्यटन को नई दिशा देगा तथा उत्तराखंड को एडवेंचर एवं एंड्योरेंस स्पोर्ट्स के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए।

इस अवसर पर होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष हिमांशु उपाध्याय, रानीखेत माउंटेनियरिंग एंड आउटडोर क्लब के सचिव देवांशु साह गंगोला, उपाध्यक्ष विवेक पांडेय, जीवन कुवार्बी, श्याम फर्त्याल, गोविंद सिंह बिष्ट, गौरव पांडेय, बॉबी नवाब, अशोक मेहरोत्रा, विनोद खुल्वे, पंकज सती, सोनू सिद्दीकी तथा फोटोग्राफी टीम के एंजिला नवाब, अमोग बिष्ट, भार्गव जोशी, गर्वित पांडेय सहित अनेक सदस्य एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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