रानीखेत:गोविन्द सिंह माहरा राजकीय चिकित्सालय ‘खुद ही बीमार” है?✅✅ “हर बीमारी का इलाज’ ‘रेफेर सेंटर’ बन गया है, नागरिकों में जबरदस्त आक्रोश !!✍️संदीप पाठक की रिपोर्ट

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‘छोटी मोटी बीमारी मे रेफेर करना :डॉ वर्मा मुख्यचिकित्साधिकारी”…

रानीखेत: गोविन्द सिंह माहरा राजकीय चिकित्सालय ‘खुद ही बीमार” है? “हर बीमारी का इलाज’ ‘रेफेर सेंटर’ बन गया है, नागरिकों में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है!! हमारे संवाददाता संदीप पाठक ने जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ वर्मा से संपर्क करने पर उन्होंने स्वीकार किया कि छोटी छोटी बा

बीमारी जैसे उल्टीदस्त,दर्द, बुखार आदि छोटी बीमारियों मे गरीब मरीज़ो को उच्च सेंटर रेफेर करना गलत है। उन्होंने कहा निर्देश दिए है की आपातकालीन मरीज़ो को वरिष्ठ फिजिशियन, सर्ज़न एवं अन्य वरिष्ठ डॉ जिनका की विषय हो जांच करके पहले अस्पताल मे उपलब्ध चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करें । गंभीर एवं सीरियस मरीज को को उच्च सेंटर को रेफर किया जाये। उन्होंने कहा लापरवाही करने वाले डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी । रविवार को डॉ द्वारा बहादुर सिंह नाम का युवक उलटी एवं चक्कर से ग्रसित था जिसको की अल्मोड़ा बेस चिकित्सालय रेफर कर दिया, मरीज़ के साथ आये तिमारदार राजेंद्र सिंह अधिकारी ने अपनी गरीबी का हवाला देते हुए डॉ से एक दो दिन का समय मरीज़ को ले जाने के लिए माँगा, जिसपर की डॉ ने कहाँ अभी ले जाना आवश्यक है, बेस चिकित्सालय मे पाया गया की मरीज़ की स्थिति गंभीर नहीं थी , अनावस्यक रूप से उसे रेफेर कर दिया गया है.
युवा नेता किसन जलाल ने गोविन्द सिंह मेहरा हॉस्पिटल को रेफर सेंटर बनाये जाने तथा बीच मे 108 एम्बुलेंस की त्रुटिओं से सम्बंधित विषयो पर कार्यवाही को लेकर जिला अधिकारी, उप जिलाधिकारी से मुलाक़ात तथा उचित चिकित्सा व्यवस्थाओ को लेकर अपनी मुहीम चलायी है. उनका कहना है यदि ऐसा है रहा तो उन्हें मजबूरन आंदोलन की राह पकड़नी पड़ेगी। बरहाल गोविन्द सिंह मेहरा हॉस्पिटल मरीजों के रेफर करने के लिए विख्यात होता जा रहा है, जिससे नागरिकों में जबरदस्त गुस्सा है l

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