हल्द्वानी:जनपद के अल्ट्रासाउंड केन्द्रों की कड़ी निगरानी के निर्देश – जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ✅डेंगू की रोकथाम एवं नियंत्रण को लेकर जिलाधिकारी ने अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक!!✍️ ashok gulati एडिटर इन चीफ

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हल्द्वानी :
पीसी-पीएनडीटी अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला सलाहकार समिति की बैठक जिलाधिकारी  ललित मोहन रयाल की अध्यक्षता में कैम्प कार्यालय में आयोजित की गई। 

बैठक के दौरान अल्ट्रासाउंड केेन्द्रों से जुडे विभिन्न आवेदनों पर विचार किया गया। जिलाधिकारी ने नियमों का पालन और केन्द्रों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश मुख्य चिकित्साधिकारी रश्मि पंत को दिये।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि जनपद में एक भी सेंटर पर न हो भ्रूण लिंग परीक्षण। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिये कि भ्रूण लिंग परीक्षण से सम्बन्धित सूचना एवं किसी भी संदिग्ध अल्ट्रासाउण्ड सेन्टर पर तत्परता से की जाये छापेमारी की कार्यवाही। उन्होंने कहा जनपद में बिना पंजीकरण के मशीन का उपयोग करने वालों की सूचना देने पर रूपये 50,000 का इनाम दिया जाएगा और सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह से गुप्त रखा जाएगा।* 

जिलाधिकारी ने कहा कि अल्ट्रासाउंड या सोनोग्राफी मशीन का इस्तेमाल करने वाले सभी रेडियोलॉजिस्ट और सोनोलॉजिस्ट के लिए एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है, बिना वैध रजिस्ट्रेशन के अल्ट्रासाउंड मशीन का उपयोग करना कानूनन अपराध है।


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 मानसून काल में जनपद में डेंगू की रोकथाम एवं प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने स्वास्थ्य, नगर विकास सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि डेंगू से बचाव के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा जनजागरूकता अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित किया जाए।

बैठक में जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि संवेदनशील प्रभावित क्षेत्रों में नियमित सर्विलांस, समय पर जांच एवं उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जनपद के समस्त नगर निकायों एवं पंचायतीराज विभाग को नालियों की नियमित सफाई, जलभराव की समस्या का त्वरित समाधान तथा फॉगिंग एवं एंटी लार्वा छिड़काव अभियान के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि विद्यालयों, सरकारी कार्यालयों तथा सार्वजनिक स्थलों पर साफ-सफाई बनाए रखने के साथ लोगों को यह जानकारी दी जाए कि घरों एवं आसपास किसी भी पात्र में पानी जमा न होने दें। कूलर, गमले, टायर तथा अन्य जल संग्रहण वाले स्थानों की नियमित सफाई कर मच्छरों के प्रजनन को रोका जाए।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि डेंगू के संदिग्ध मामलों की सूचना मिलने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने जनपद वासियों से अपील की, कि पूर्ण बाजू के कपड़े पहनें, मच्छरदानी एवं मच्छररोधी उपायों का प्रयोग करें तथा बुखार आने पर स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं।

        

 ✅क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट को सख्ती से लागू के कराने निर्देश जिलाधिकारी ने बैठक में दिये।

जनपद संचालित सभी सरकारी एवं निजी चिकित्सालयों  में क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट के प्रावधानों का शतप्रतिशत अनुपालन कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा मरीजो को बेहतर और सुरक्षित स्वास्थ्य सुविधा प्राथमिकता के साथ उपलब्ध कराना है। 
मुख्य चिकित्साधिकारी ने कहा कि एक्ट के अनुसार अस्पताल आने वाले हर मरीज का इलेक्ट्रॉनिक और मेडिकल हेल्थ रिकॉर्ड सरकारी एवं निजी अस्पताल प्रशासन के पास सुरक्षित होना चाहिए। इस एक्ट के मेटरनिटी होम्स, डिस्पेंसरी क्लिनिक्स, नर्सिंग होम्स, एलोपैथी, होम्योपैथी और आयुर्वेदिक से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाओं पर समान रूप से लागू होता है। इस एक्ट के तहत प्रत्येक स्वास्थ्य सुविधा देने वाले संस्थानों का यह कर्तव्य है कि किसी रोगी के इमरजेंसी में पहुंचने पर उसको तुरंत स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाएं, जिससे रोगी को स्थिर किया जा सके।

बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 रश्मि पंत, बाल विकास अधिकारी अनुलेखा बिष्ट,डा0 मनोज काण्डपाल,जिला मलेरिया अधिकारी डा0 जयप्रकाश कश्यप,सीएमएस डा0 ऊषा जंगपांगी,डा0 दीपक जोशी,डा0 दीपा आर्या,डा0 हरीश चन्द्र पाण्डे,डा0 एस गुप्ता,डा0 यातिन मल्होत्रा,डा0 प्रदीप के साथ ही आदि विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
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