
चम्पावत 07 जून, ।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चम्पावत के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में स्वरोजगार की नई क्रांति: मत्स्य पालन से सशक्त हो रही ग्रामीण आजीविका,
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी के विजन और राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों का परिणाम है कि उत्तराखंड के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और आजीविका के नए मार्ग प्रशस्त हो रहे हैं।
इसी क्रम में जनपद चम्पावत के विकासखंड पाटी के दूरस्थ ग्राम गोलडांडा में श्री सतीश सिंह रेकुड़ी ने मत्स्य पालन के क्षेत्र में एक नई मिसाल पेश की है। जहां वह सरकारी योजनाओं और तकनीकी सहयोग का लाभ उठाकर सफलतापूर्वक 10 तालाबों में मत्स्य पालन कर रहे हैं।
श्री सतीश सिंह द्वारा लगभग 2 वर्ष पूर्व प्रारंभ किए गए इस मत्स्य फार्म से आज प्रतिवर्ष लगभग 7 क्विंटल मत्स्य उत्पादन प्राप्त हो रहा है, जिससे उन्हें लगभग ₹2 लाख की वार्षिक आय अर्जित हो रही है। हाल ही में उनके द्वारा अपने तालाबों में कॉमन कार्प एवं ग्रास कार्प मत्स्य बीज का संचयन भी किया गया है।
प्रतिदिन तालाबों की नियमित देखरेख और उनके इस समर्पण से न केवल उनके स्वयं के परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि गांव के अन्य परिवार भी स्वरोजगार की ओर प्रेरित हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के ‘आत्मनिर्भर उत्तराखंड’ के संकल्प को साकार करने में मत्स्य पालन अब राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका सुदृढ़ करने का एक अत्यंत प्रभावी माध्यम बनकर उभर रहा है।