
हल्द्वानी +कुमाऊँ आयुक्त व सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने मंडल के सभी जिलाधिकारियों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के अंतर्गत लंबित वादों के प्रभावी एवं त्वरित निस्तारण के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
कुमाऊँ आयुक्त श्री रावत ने मंडल के सभी छह जनपदों नैनीताल, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, ऊधमसिंहनगर, चम्पावत एवं बागेश्वर के जिलाधिकारियों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के अंतर्गत लंबित वादों के प्रभावी एवं त्वरित निस्तारण के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
आयुक्त द्वारा जारी पत्र में जनपदों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर 01 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक दर्ज एवं निस्तारित वादों की समीक्षा की गई। समीक्षा के अनुसार मंडल में कुल 523 वाद दर्ज हुए, जिनमें से अब तक केवल 103 वादों का निस्तारण हो सका है, जबकि 420 वाद लंबित हैं।
समीक्षा में यह भी सामने आया कि नैनीताल में 374 वादों के सापेक्ष 49, अल्मोड़ा में 31 के सापेक्ष 8, पिथौरागढ़ में 9 के सापेक्ष 8, ऊधमसिंहनगर में 80 के सापेक्ष 15, चम्पावत में 14 के सापेक्ष 12 तथा बागेश्वर में 15 के सापेक्ष 11 वादों का निस्तारण किया गया है।
आयुक्त ने पत्र में कहा है कि कुछ जनपदों में खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत नए वाद दर्ज होने की संख्या अपेक्षाकृत कम है, जिससे खाद्य पदार्थों में मिलावट के विरुद्ध प्रवर्तन कार्यों को और अधिक सक्रिय एवं प्रभावी बनाने की आवश्यकता महसूस होती है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को समय-समय पर विशेष अभियान चलाकर सघन जांच एवं प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही, लंबित वादों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण करने तथा प्रत्येक माह के प्रथम सप्ताह में निस्तारित वादों के साथ अधिनियम के अंतर्गत लंबित तीन सबसे पुराने प्रकरणों का विवरण भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
कुमाऊँ आयुक्त का उद्देश्य है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट पर प्रभावी अंकुश लगाकर आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों को जवाबदेही एवं सक्रियता के साथ कार्य करने को कहा गया है।