ब्रेकिंग भीमताल:विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिले को दी सौगात,रामलीला मैदान में आयोजित कार्यक्रम में 96 करोड़ 71 लाख रुपये की 13 योजनाओं का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास, 6 योजनाओं का लोकार्पण, 7 का किया शिलान्यास , शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क एवं आधारभूत संरचना को मिला बल !! ashok gulati एडिटर इन चीफ

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6 योजनाओं का लोकार्पण, 7 का किया शिलान्यास , शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क एवं आधारभूत संरचना को मिला बल

भीमताल क्षेत्र के विकास हेतु की अनेक घोषणाएं

मुख्यमंत्री द्वारा कैबिनेट मंत्री व स्थानीय विधायक श्री कैड़ा की,की गई सराहना

नैनीताल/भीमताल 05 जून l

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को भीमताल पहुंचकर जनपद नैनीताल को 96 करोड़ 71 लाख रुपये की 13 विकास योजनाओं की सौगात दी।इस दौरान उन्होंने विश्व पर्यावरण दिवस की बधाई देते हुए क्षेत्र के विकास हेतु अनेक घोषणाएं भी की।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 66 करोड़ 99 लाख 60 हजार की लागत से 6 योजनाओं का लोकार्पण एवं 29 करोड़ 71 लाख 59 हजार रुपये की लागत से 7 योजनाओं का किया शिलान्यास।

लोकार्पित योजनाएं – कुल लागत: 6699.60 लाख जिसमें
कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल के प्रशासनिक भवन का रेनोवेशन, योगा भवन, गणित एवं बीएड भवन निर्माण,
4568.46 लाख
हरतोला सतपूरी मोटर मार्ग का पुनः निर्माण एवं सुदृढीकरण

154.77 लाख की लागत से रामगढ़ क्षेत्र में मल्ला सूपी रूसानी दीगड कपुवा लोधिया मोटर मार्ग पुनः निर्माण.
251.65 लाख की लागत से डीएसबी परिसर नैनीताल में महिला-पुरुष छात्रावास एवं आईटी लैब निर्माण, 582.38 लाख रुपये की लागत से
कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल के सोनगांव स्थित भूमि में लेक्चर कम सेमीनार ब्लॉक निर्माण।

इसी प्रकार 507.20 लाख की लागत से
भीमताल में 10 शैय्यायुक्त आयुष चिकित्सालय निर्माण। — 635.14 लाख

शिलान्यास की गई योजनाएं – कुल लागत: 9671.19 लाख
काठगोदाम बाईपास मोटर मार्ग-87 निर्माण — 469.69 लाख
रानीबाग प्रभाग हेतु काठगोदाम बाईपास द्वितीय चरण निर्माण — 175.54 लाख
काठगोदाम-रानीबाग प्रभाग हेतु 75 मीटर स्पान स्टील ट्रस सेतु निर्माण — 1177.93 लाख
रामनगर-भण्डारपानी-अमगडी-बोहराकोट-तल्लीसेठी-बेतालघाट-रतौडा भुजान जैना रींची-बिल्लेख मोटर मार्ग निर्माण — 1028.00 लाख
नौकुचियाताल आयुर्वेदिक चिकित्सालय में फेब्रिकेशन कार्य — 36.65 लाख
बर्धो आयुर्वेदिक चिकित्सालय में चाहरदीवारी कार्य — 37.99 लाख
आयुर्वेदिक चिकित्सालय हल्सौ में चाहरदीवारी एवं गेट निर्माण — 45.79 लाख

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भीमताल स्थित रामलीला मैदान में आयोजित जनसभा कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री धामी ने
उपस्थित जनता को विश्व पर्यावरण दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यहां की सुंदर झील, चारों ओर फैली हरियाली, पर्वतों की अद्भुत श्रृंखला और प्रकृति की अनुपम छटा हमें केवल आनंद का अनुभव ही नहीं कराती, बल्कि हमें ये भी याद दिलाती है कि प्रकृति और पर्यावरण ही हमारा वर्तमान भी है और भविष्य भी है। इसलिए इस प्रकृति और पर्यावरण को संरक्षित और सुरक्षित रखना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि आज का दिन केवल पौधे लगाने या औपचारिक कार्यक्रमों को करने का ही नहीं है, बल्कि आज का दिन आत्मचिंतन करने का भी दिन है। आज का दिन स्वयं से ये पूछने का अवसर है कि हम अपने बच्चों और आने वाली पीढ़ियों को कैसी धरती, कैसा पर्यावरण और कैसा भविष्य सौंपकर जाना चाहते हैं,क्या हम उन्हें स्वच्छ नदियाँ, हरे-भरे जंगल और शुद्ध वातावरण देंगे, या फिर प्रदूषण, जल संकट और पर्यावरणीय चुनौतियों से भरा भविष्य देकर जायेंगे
इस प्रश्न का उत्तर हम सभी को स्वयं से पूछना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड का पर्यावरण कैसा हो ये हम सभी के लिए एक महत्वपूर्ण प्रश्न है।क्योंकि अच्छा पर्यावरण न केवल हमारी पहचान है बल्कि हमारी संस्कृति, आस्था और जीवन का आधार भी है। उन्होंने कहा कि हम उस पवित्र भूमि के निवासी हैं जहाँ से माँ गंगा और यमुना जैसी जीवनदायिनी नदियाँ निकलती हैं। जहाँ हिमालय केवल पर्वत नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता का प्रहरी है।और हम उस संस्कृति के वाहक हैं जिसने हजारों वर्षों पहले ही प्रकृति को पूजनीय माना और पूरी दुनिया को प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया आज जिस पर्यावरण संरक्षण की बात कर रही है, वह हमारी संस्कृति का हिस्सा हजारों वर्षों से रहा है। हमने नदियों को माँ कहा, वृक्षों को देवता माना, पर्वतों को पूजनीय माना और प्रकृति को जीवन का आधार माना।उन्होंने दुनिया में हो रहे जलवायु परिवर्तन को एक बड़ी चुनौती मानते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन अब केवल वैज्ञानिकों की चर्चा का विषय नहीं रह गया है।
यह हमारे रोजमर्रा जीवन की वास्तविकता बन चुका है। बदलता मौसम, बढ़ता तापमान, अनियमित वर्षा, सूखते जल स्रोत, पिघलते ग्लेशियर और बढ़ती प्राकृतिक आपदाएँ हमें लगातार चेतावनी दे रही हैं।
और यदि किसी राज्य को इस चुनौती का प्रभाव सबसे पहले महसूस होता है, तो वह हमारा ये हिमालयी राज्य उत्तराखंड है। क्योंकि जलवायु परिवर्तन से हमारे जल स्रोत प्रभावित हो रहे हैं, हमारी खेती प्रभावित हो रही है, हमारी जैव विविधता प्रभावित हो रही है साथ ही साथ हमारे राज्य की आर्थिकी का मूल आधार पर्यटन भी प्रभावित हो रहा है। इसलिए पर्यावरण संरक्षण हमारे लिए अति महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत ने विश्व को एक नई दिशा देने का काम किया है।उन्होंने पूरी दुनिया को यह संदेश दिया है कि विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं। इसी सोच के साथ भारत “प्रकृति भी और प्रगति भी” के मंत्र को लेकर आगे बढ़ रहा है।प्रधानमंत्री जी ने “मिशन लाइफ” के माध्यम से दुनिया को यह संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारों की जिम्मेदारी नहीं है।
जब करोड़ों लोग अपने जीवन में छोटे-छोटे बदलाव करने शुरू कर देते हैं, तब बड़े-बड़े परिवर्तन अपने आप संभव होने लग जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि
प्रधानमंत्री जी द्वारा प्रारंभ किया गया “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान भी केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं है। बल्कि ये भावनाओं से जुड़ा हुआ एक जनआंदोलन है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के प्रत्येक परिवार से आग्रह किया कि वह अपनी माँ के नाम एक पौधा अवश्य लगाए। और उसे वृक्ष बनाऐं। उन्होंने कहा कि जब पूरी दुनिया जंगलों की रक्षा की बात कर रही थी, तब उत्तराखंड की मातृशक्ति ने “चिपको आंदोलन” के माध्यम से इतिहास रचा था।गौरा देवी और यहॉं को माताओं, बहनों ने दुनिया को यह संदेश दिया था कि प्रकृति की रक्षा के लिए जनशक्ति से बड़ी कोई शक्ति नहीं होती। आज फिर उसी भावना को जगाने की आवश्यकता है। आज फिर हमें पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाना होगा।
उन्होंने कहा कि राज्य में जल संरक्षण, जल स्रोतों के पुनर्जीवन, नदी संरक्षण, वनीकरण, वन्यजीव संरक्षण और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण कार्य सरकार द्वारा किए जा रहे हैं। आज उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य है जिसने सकल पर्यावरण उत्पाद की अवधारणा को लागू किया है। यह केवल एक नीति नहीं, बल्कि बेहतर सोच का प्रतिबिंब है। जो बताती है कि हमारे लिए जंगल, जल और जैव विविधता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी आर्थिक प्रगति। सरकार का स्पष्ट संकल्प है,विकास भी होगा और पर्यावरण संरक्षण भी होगा। उन्होंने वनाग्नि की घटनाओं को रोकने हेतु प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि जंगलों को आग से बचाने में सरकार का सहयोग करें।जहाँ कहीं भी आग की छोटी सी चिंगारी दिखाई दे, तुरंत सूचना दें। एक छोटी सी सावधानी हजारों पेड़ों और अनेक जीवों का जीवन बचा सकती है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार का उद्देश्य अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक विकास पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि नैनीताल जनपद की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सड़क कनेक्टिविटी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण के साथ विकास के मॉडल पर काम कर रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित विभिन्न लोक गायकों व लोक कलाकारों से भी अपील की कि वह पर्यावरण संरक्षण एवं नशामुक्त अभियान में भी अपना सहयोग कर अपने लोक गीतों के माध्यम से इसे जनांदोलन का स्वरूप प्रदान करें

इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा भीमताल क्षेत्र के विकास हेतु विभिन्न घोषणा की,जिसमें

भीमताल में सैनिकों एवं व्यापारियों हेतु एक बहुउद्देश्यीय भवन का निर्माण किया जाएगा

भीमेश्वर मंदिर एवं ओखलकांडा पशुपतिनाथ मंदिर को मंदिर माला मिशन में जोड़ा जाएगा

रामगढ़ ब्लॉक के ओढ़ाखांन से मुक्तेश्वर मोटर मार्ग ,जीप मार्ग का मिलान किया जाएगा

रामगढ़ उप तहसील का शीघ्र संचालन किया जाएगा

क्षेत्र में प्राधिकरण की समस्या के समाधान हेतु उच्व स्तरीय कमेटी का गठन कर समस्या का समाधान किया जाएगा

इस अवसर पर माननीय कैबिनेट मंत्री श्री रामसिंह कैड़ा ने मुख्यमंत्री का स्वागत एवं आभार व्यक्त करते हुए भीमताल विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत गतिमान विभिन्न योजनाओं एवं विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों योजनाओं की जानकारी दी।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा रामलीला मैदान में स्थित श्री हनुमान मंदिर में दर्शन कर पूजा अर्चना की।

कार्यक्रम में अध्यक्ष जिला पंचायत दीपा दरमवाल, विधायक नैनीताल सरिता आर्या, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, उत्तराखंड सरकार में दर्जा राज्य मंत्री डॉ. अनिल कपूर डब्बू, ध्रुव रौतेला, भावना मेहरा, हुमुक सिंह कुंवर, देवेंद्र सिंह,ब्लॉक प्रमुख भीमताल डॉ हरीश बिष्ट, धारी भावना आर्या, अध्यक्ष नगर पालिका भीमताल सीमा टमटा, भाजपा प्रदेश महामंत्री तरुण बंशल, पूर्व मंत्री सुरेश आर्या, कुमाऊं आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति दीवान सिंह रावत,सीडीओ अरविंद कुमार पाण्डे,एसपी जगदीश चंद्र सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

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