हल्द्वानी:अल्पसंख्यक बच्चों की उच्च शिक्षा और कल्याण पर विशेष जोर,अल्पसंख्यक बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में मुख्य धारा से जोड़ना हमारा लक्ष्य- डॉ गांधी ashok gulati एडिटर इन चीफ

खबर शेयर करें -

✅अध्यक्ष अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण डॉ. सुरजीत सिंह गांधी ने काठगोदाम सर्किट हाउस में की समीक्षा बैठक

✅मदरसों, धर्मगुरुओं और अधिकारियों के साथ की विस्तृत चर्चा लाभांवित योजनाओं की ली विस्तृत जानकारी

हल्द्वानी : सर्किट हाउस काठगोदाम में उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी की अध्यक्षता में शनिवार को जनपद नैनीताल के अल्पसंख्यक बच्चों की उच्च शिक्षा एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा जनपद के समस्त मदरसों के प्रबंधकों, धर्मगुरुओं, उलेमाओं एवं मौलानाओं को आमंत्रित किया गया था।

बैठक को संबोधित करते हुए राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि अल्पसंख्यक समाज का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि मदरसे में पढ़ रहे बच्चों के हाथ में कंप्यूटर और किताबें होना भी जरूरी है इसके साथ ही स्मार्ट क्लासें भी लगाना अनिवार्य है प्रत्येक बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में मुख्य धारा में जोड़ना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है उन्होंने निम्न बिंदुओं पर विशेष जोर देते हुए कहा कि अल्पसंख्यक समाज के बच्चों को उच्च शिक्षा से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। छात्रवृत्ति, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग, कैरियर काउंसलिंग एवं मार्गदर्शन बुनियादी ढांचा जैसी योजनाओं का लाभ हर पात्र अल्पसंख्यक छात्र छात्राओं तक पहुंचाया जाए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मिड-डे मील योजना सहित केंद्र एवं राज्य सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं जैसे प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति कक्षा 1 से 10 तक, पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति कक्षा 11 से पीएचडी तक मेरिट कम मीन्स छात्रवृत्ति प्रोफेशनल टेक्निकल कोर्स, बेगम हजरत महल राष्ट्रीय छात्रवृत्ति बालिकाओं के लिए, मौलाना आजाद नेशनल फेलोशिप,एमएएनएफ, नया सवेरा निशुल्क कोचिंग योजना, नई उड़ान और पढ़ो प्रदेश, दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति, मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक मेधावी प्रोत्साहन योजना,यूनिफॉर्म, पाठ्य पुस्तक आदि का लाभ मदरसों में अध्ययनरत प्रत्येक बच्चे को समयबद्ध तरीके से मिलना सुनिश्चित किया जाए।बैठक में धर्मगुरुओं एवं उलेमाओं द्वारा मदरसा शिक्षा, बुनियादी सुविधाओं, भवन, पेयजल, शौचालय एवं मान्यता से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। डॉ. गांधी ने सभी बिंदुओं पर गहन विचार-विमर्श कर उनके शीघ्र निस्तारण का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जो भी मुद्दे शेष रह गए हैं, उन सभी समस्याओं का भी निराकरण अति शीघ्र ही सुनिश्चित किया जाएगा।

बैठक में विभिन्न क्षेत्रों से आए सदस्य ओबीसी आयोग ने भी अपने अपने विचार रखे और मदरसों में आधुनिक एवं तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

उन्होंने मुख्य शिक्षा अधिकारी डॉ. रणजीत सिंह नेगी को निर्देश देते हुए कहा कि वे मदरसों में शैक्षिक गुणवत्ता, शिक्षकों की उपलब्धता एवं आधारभूत सुविधाओं का नियमित रूप से निरीक्षण करें। और अल्पसंख्यक बच्चों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने व केन्द्र तथा राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित करें ताकि कोई भी व्यक्ति योजनाओं से वंचित न रहे

इस अवसर पर ओबीसी आयोग मदरसा हल्द्वानी से फसाहत, मोईन, इसातुल हक एसएस वास्ती दारूल उलूम ओबेसिया रामनगर से कुतबे आलम,जावेद मुख्य शिक्षा अधिकारी डॉ. रणजीत सिंह नेगी, जिला समाज कल्याण अधिकारी विश्वनाथ गौतम सहायक समाज कल्याण अधिकारी जसविंदर सिंह वरिष्ठ सहायक अनुप भंडारी व मदरसा धर्मगुरु मौलाना सहित जनपद के विभिन्न मदरसों से आए धर्मगुरु, उलेमा, प्रबंधक एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad