राजनीतिक दलों का मोर्चा: कांग्रेस की सिक्किम इकाई और सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (SDF) जैसी विपक्षी पार्टियों ने गंगटोक में जिला प्रशासनिक केंद्र के सामने प्रदर्शन कर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से इस नियुक्ति को वापस लेने की अपील की है।
चक्का जाम का आह्वान: वरिष्ठ राजनेता और सामाजिक कार्यकर्ता भारत बस्नेत ने राज्यपाल के शपथ ग्रहण समारोह के विरोध में आज सांकेतिक चक्का जाम (वाहन बंद) का आह्वान किया, जिसे कई स्थानीय लोगों का समर्थन मिला,
छात्र और युवा संगठन: गंगटोक में छात्रों और स्थानीय लोगों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया। ‘सिक्किम यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स एसोसिएशन (SUSA)’ और नवगठित ‘सिक्किम युवा फ्रंट’ जैसे संगठनों ने इस नियुक्ति पर गंभीर आपत्ति जताई है।





- शपथ ग्रहण समारोह: सिक्किम के नए राज्यपाल के रूप में दुष्यंत कुमार गौतम का शपथ ग्रहण समारोह आज गंगटोक के लोक भवन में संपन्न हुआ। उन्हें सिक्किम उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश द्वारा पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई।
- क्रम: वे सिक्किम के 19वें राज्यपाल बने हैं।
- किनका स्थान लिया: उन्होंने पूर्व राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर का स्थान लिया है, जिन्हें हाल ही में केरलम (केरल) का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है।
- उपस्थिति: इस गरिमामयी समारोह में सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग (गोले), कैबिनेट मंत्री, विधायक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने नए राज्यपाल को बधाई दी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 12 अक्टूबर 2026 को दुष्यंत कुमार गौतम (जो कि भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद रह चुके हैं) को इस पद पर नियुक्त किया था।
वहीं दूसरी औरसिक्किम के नए राज्यपाल (Governor) के रूप में दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति का चौतरफा विरोध हो रहा है।
- विरोध का मुख्य कारण: अंकिता भंडारी हत्याकांड
दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति का विरोध मुख्य रूप से उत्तराखंड के 2022 के अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़ा हुआ है। पीड़िता के माता-पिता, विपक्षी दलों और छात्र संगठनों का आरोप है कि इस मामले में जिस संदिग्ध ‘VIP’ का जिक्र बार-बार आता रहा है, उसमें दुष्यंत गौतम का नाम भी उछाला गया है (हालांकि दुष्यंत गौतम ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है और इसे लेकर कानूनी कदम भी उठाए हैं)। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि जब तक केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) इस मामले की जांच पूरी नहीं कर लेती, तब तक उनकी नियुक्ति को रोका या रद्द किया जाना चाहिए।
- सिक्किम में जमीनी स्तर पर विरोध
- राजनीतिक दलों का मोर्चा: कांग्रेस की सिक्किम इकाई और सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (SDF) जैसी विपक्षी पार्टियों ने गंगटोक में जिला प्रशासनिक केंद्र के सामने प्रदर्शन कर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से इस नियुक्ति को वापस लेने की अपील की है।
- छात्र और युवा संगठन: गंगटोक में छात्रों और स्थानीय लोगों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया। ‘सिक्किम यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स एसोसिएशन (SUSA)’ और नवगठित ‘सिक्किम युवा फ्रंट’ जैसे संगठनों ने इस नियुक्ति पर गंभीर आपत्ति जताई है।
- चक्का जाम का आह्वान: वरिष्ठ राजनेता और सामाजिक कार्यकर्ता भारत बस्नेत ने राज्यपाल के शपथ ग्रहण समारोह के विरोध में आज ( सांकेतिक चक्का जाम (वाहन बंद) का आह्वान किया था, जिसे कई स्थानीय लोगों का समर्थन मिला।
- देश के अन्य हिस्सों में भी प्रदर्शन
यह मामला केवल सिक्किम तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के अन्य हिस्सों में भी इसके खिलाफ आवाज उठाई गई है:
उत्तराखंड में गुस्सा: उत्तराखंड कांग्रेस (गैरसैंण और देहरादून समेत कई जगहों पर) ने दुष्यंत गौतम का पुतला फूंककर और राजभवन के बाहर प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के इस फैसले का कड़ा विरोध किया है।
दिल्ली और देहरादून में प्रदर्शन: नई दिल्ली के इंडिया गेट और पटियाला हाउस कोर्ट के बाहर अंकिता भंडारी के माता-पिता, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और छात्रों ने रातभर धरना दिया, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।

