







हल्द्वानी : उत्तराखण्ड के विख्यात आम्रपाली विश्वविद्यालय के होटल प्रबंधन विभाग द्वारा आज ’शेफ संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्तराखण्ड के माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी ने आनलाईन माध्यम से उत्तराखण्ड के प्रमुख शेफ एवं आम्रपाली विश्वविद्यालय में अध्ययनरत् प्रशिक्षु शेफ के साथ संवाद किया। ’शेफ संवाद’ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उत्तराखण्ड के श्रीअन्न एवं पारम्परिक भोजन को बढ़ावा देने एवं वैश्विक पटल पर उसके प्रचार प्रसार करने हेतु रणनीति पर मंथन करना रहा।
कार्यक्रम के मुख्य संमवयक डा0 विनोद सिंह नेगी ने बताया कि ’शेफ संवाद’ कार्यक्रम हेतु उत्तराखण्ड के प्रमुख होटलों के शेफ जैसे आनन्दा होटल ऋषिकेश के शेफ दिवाकर बलोदी, आई0टी0सी0 फॉर्च्यून होटल हल्द्वानी के शेफ कुन्दन सिंह, रेडिसन होटल नैनीताल की शेफ शिवांगी पवार, गोल्डन टस्क होटल रामनगर के शेफ शान्ति प्रसाद, द चेमोलिन होटल भीमताल के शेफ किशोर नेगी, आई0एच0जी0 वोको रामनगर के शेफ संदीप जुयाल, सराका रिजॉर्ट रामनगर के शेफ सुबोध उपाध्याय, रेडिसन होटल रूद्रपुर के शेफ अनुराग श्रीवास्तव एवं बेकरी शेफ वर्मित विज आदि ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी बात रखी साथ ही आम्रपाली विश्वविद्यालय में अध्ययनरत् प्रशिक्षु शेफ इस कार्यक्रम का हिस्सा बने।
परिचर्चा के कॉर्डिनेटर डा0 एस0 के0 सिंह ने उत्तराखण्ड की संस्कृति व कुजीन का विवरण देकर परिचर्चा का प्रारम्भ किया। माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी अपनी व्यस्तता के कारण कार्यक्रम में ऑनलाईन माध्यम से उपस्थित रहें। परिचर्चा में सभी व्यवसायिक शेफ ने एक एक करके माननीय मुख्यमंत्री जी से अपने पारम्परिक भोजन को मेन्यू में लाने, स्थानीय उत्पादों जैसे मक्का, मडुवा, झंगोरा, भटृ इत्यादि की होटलों में उपलब्धता, जी समिट जैसे आयोजनों में उत्तराखण्ड के पारम्परिक भोजन की प्रस्तुति स्थानीय उत्पादों की प्रोसेसिंग एवं निर्यात, पांरपरिक भोजन की शुद्धता बनाए रखने हेतु मानक तय करने, फूड ट्रेल्स एवं बाजार विकसित करने, आतिथ्य उद्योग से जुडे स्टार्टअप को बढ़ावा देने, एवं उत्तराखण्ड के पारम्परिक भोजन की दुनिया में पहचान बनाने हेतु प्रयासों से सबंधित प्रश्न किये।…
इनका उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शेफ को चाहिए कि अपने होटलों के मेन्यू में उत्तराखण्ड के भोजन को बढ़ावा दें एंव स्थानीय उत्पादों एवं मसालों को उसमे सम्मिलित करें। साथ ही उन्होंने बताया कि कई बड़े शहरों में स्थित उत्तराखण्ड भवन में स्थानीय उत्पादों के काउन्टरो से उनकी बिक्री हो रही है। कई युवा व्यवसायी स्थानीय उत्पादों को ऑनलाइन माध्यम से भी उपलब्ध करवा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कई बडे मौको जैसे जी0 -20 सम्मेलन, राष्ट्रीय खेल आदि के समय पर भी उत्तराखण्डी व्यंजनों को परोसा एवं सराहा गया है। स्थानीय उत्पादों की प्रोसेसिंग एवं निर्यात के लिए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यह सबका साथ सबका विकास द्वारा ही संभव है। उत्तराखण्ड सरकार स्थानीय कारोबारियों को ऐसा वातावरण उपलब्ध करवा रही है जिसमें वह किसानों के साथ मिलकर उत्पादों का निर्यात कर सकें। उन्होंने यह भी बताया कि आतिथ्य उद्योग अथवा स्टार्टअप के लिए सरकार आसान ऋण सुविधा सब्सिडिटी, सिंगल विंडो क्लियरेंस, स्किल ट्रेनिंग, आदि की सुविधा प्रदान कर रही है।
उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे खाद्य पदार्थो को अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार उपलब्धता हेंतु अपने स्टार्टअप पर कार्य करें। अपनी उत्तराखण्डी रसोई से प्राप्त रेसिपी को वैश्विक पटल पर प्रचारित प्रसारित करें। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आम्रपाली विश्वविद्यालय ही पहल करके एक कम्यूनिटी बनाएं एवं इस प्रकार के सम्मेलन प्रत्येक वर्ष कराएं जिससे सरकार एवं उद्योग जगत के बीच आपसी तालमेल द्वारा उत्तराखण्ड के भोजन को नये आयाम स्थपित करने का अवसर प्राप्त हो।
महिला शेफ के सवालों जैसे शेफ छात्राओं के लिए छात्रवृत्ति, फेलोशिप इत्यादि के लिए सरकार की भविष्य की योजनाओं एवं पारम्परिक उत्तराखण्डी भोजन में अपना करियर बनाने हेतु सरकार के समर्थन की मॉग पर माननीय मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जो लोग इस क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते है उन्हें अपने ग्राहकों को पारम्परिक घर जैसे स्वाद उपलब्ध करवाने चाहिए। अपनी पारम्परिक पाक कला को सहेज कर रखना चाहिए एवं रेसिपी बुक के निर्माण की ओर भी कदम उठाना चाहिए। उन्होंने विश्वास दिलाया कि शेफ छात्राओं के लिए छात्रवृत्ति, फेलोशिप आदि योजनाओं पर वह पर्यटन विभाग द्वारा कार्ययोजना बनाने पर कार्य करेंगे।
इस अवसर पर आम्रपाली विश्वविद्यालय के प्रशिक्षु शेफ ने भी अपने सवाल मुख्यमंत्री से किये उन्होंने मुख्यमंत्री के पसंदीदा उत्तराखण्डी भोजन स्वाद इत्यादि के बारे में अपने सवाल किये साथ ही विश्वविद्यालय एंव अतिथ्य उद्योग के मध्य मेंटरशिप और अप्रेंटिसशिप के अवसर बनाने की मॉग की।
प्राशिशु शेफ से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वयं उन्हें मॉ के हाथ के बने हुए पारम्परिक उत्तराखण्डी भोजन करने में अत्यंत आनन्द का अनुभव होता है उनके मेहमानों को भी पारम्पारिक भोजन थाल ही परोसा जाता है। पहाड़ की प्राकृतिक दाल, सब्जियॉ एवं श्रीअन्न ऊर्जा एवं स्वास्थ का भण्डार है जिन्हें पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढाना है।
इस अवसर पर होटल प्रंबधन विभाग आम्रपाली विश्वविद्यालय की काफी टेबल बुक ’’रूट्स ऑफ द रिज- ए जर्नी थ्रू कुजीन, कल्चर एण्ड ट्रेडिशन ऑफ उत्तराखण्ड’’ का भी विमोचन किया गया।
अंत में आम्रपाली विश्वविद्यालय के सी0ई0ओ0 डा0 संजय ढींगरा ने मुख्यमंत्री एवं सभी आगन्तुकगणों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर बंशीधर भगत विधायक विधानसभा कालाढूगी , गजराज सिंह बिष्ट जी महापौर, हल्द्वानी काठगोदाम नगर निगम, जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल, श्री अनिल डब्बू, श्री प्रताप संधू, श्री श्याम अग्रवाल, जिला प्रशासन के प्रमुख अधिकारीगण, विश्वविद्यालय के अध्यक्ष श्री चानन लाल ढींगरा, सी0ई0ओ0 डा0 संजय ढींगरा, सचिव श्रीमती बिन्दू चावला, संयुक्त सचिव श्री मंयक ढींगरा, प्रतिकुलपति प्रो0 (डा0) एस0के0 सिंह, परीक्षा नियंत्रक प्रो0 (डा0) मनोज कुमार पाण्डेय एंव कुलसचिव डा0 अमनजीत सेठी, विश्वविद्यालय के शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।