


टनकपुर: नगर इन दिनों उत्तरायणी कौतिक मेले की उल्लासपूर्ण छटा से सराबोर है। हरेला क्लब के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय मेला 14 एवं 15 जनवरी को नगरवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मेले के माध्यम से उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक एकता को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।
मेले के उद्घाटन के साथ ही नगर की सड़कों पर पारंपरिक वेशभूषा में सजे लोक कलाकारों, ढोल-दमाऊं की थाप, छोलिया नृत्य और सांस्कृतिक झांकियों ने वातावरण को पूरी तरह लोक रंगों से भर दिया। गांव-गांव और नगर-नगर से आए स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक मेले में सहभागिता की और उत्तराखंडी संस्कृति के इस महापर्व का आनंद लिया।
मेले में लगे विभिन्न प्रकार के स्टॉल, हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजन, खिलौने और झूले बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लिए विशेष आकर्षण बने हुए हैं। पूरा मेला परिसर परिवारों की मुस्कान, बच्चों की खिलखिलाहट और लोक गीतों की गूंज से जीवंत नजर आ रहा है।
हरेला क्लब के अध्यक्ष श्री अजय कुमार गुरुरानी ने कहा कि उत्तरायणी कौतिक मेले का मुख्य उद्देश्य पर्वतीय संस्कृति, परंपराओं और लोक विरासत को आगे बढ़ाना है, ताकि नई पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ी रहे। उन्होंने बताया कि हरेला क्लब निरंतर ऐसे आयोजनों के माध्यम से समाज को सांस्कृतिक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास करता रहा है।
उत्तरायणी कौतिक मेला न केवल मनोरंजन का माध्यम है, बल्कि यह आपसी भाईचारे, सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक समरसता का सजीव उदाहरण भी प्रस्तुत कर रहा है। टनकपुर नगर में आयोजित यह मेला निश्चित ही लोक संस्कृति को सहेजने की दिशा में एक सराहनीय पहल के रूप में याद किया जाएगा।
इस अवसर पर हरेला क्लब के अध्यक्ष अजय कुमार …..
गुरुरानी सचिव माधवानंद जोशी देवी दत्त जोशी अमित जोशी किशोर खर्कवाल भुवन जोशी विद्या जुकरिया हेमा वर्मा रीता कलखुडिया किरण गहतोड़ी आदि सम्मानित पदाधिकारी उपस्थित रहे!