जसपुर: पत्रकार दिनेश कौशिक की पुत्रवधू के सफल ऑपरेशन कर जीवन दान देने पर जताया आभार!

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जसपुर। सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता सर गंगाराम हॉस्पिटल के डॉक्टरो की टीम को सम्मानित करेंगे। उन्होंने वरिष्ठ पत्रकार दिनेश कौशिक की पुत्रवधू के सफल ऑपरेशन कर जीवन दान देने पर आभार प्रकट किया। वरिष्ठ पत्रकार दिनेश कौशिक की पुत्रवधू पारुल शर्मा की की छोटी आंत में टाइफाइड बुखार के चलते छेद हो गया था। जीवन मृत्यु के बीच संघर्ष कर रही थी। उपचार में स्थानीय डॉक्टरों के सफल होने पर उन्होंने सर गंगा राम हॉस्पिटल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरो ने उपचार कर जीवनदान दिया। डॉ. सुरेश कुमार सिंघवी (सह-निदेशक, लिवर ट्रांसप्लांट और गैस्ट्रो सर्जरी) के नेतृत्व में डॉ. अनिल मेहता, डॉ. लाइज़ा, डॉ. प्रेम कुमार और दिव्या की टीम ने मरीज का सफलतापूर्वक इलाज किया। डॉ सुरेश कुमार सिंधवी ने बताया कि शुरूआती अवस्था में मरीज को टाइफॉयड बुखार था। जिसका सही इलाज स्थानीय अस्पताल में नहीं हो पाया। इस कारण टाइफॉयड ने आंत में छेद (इंटेस्टाइनल परफोरेशन) कर दिया। पहली सर्जरी मेरठ में हुई। जहाँ डॉक्टरों ने बड़ा ऑपरेशन करके आंत पर टांके लगाए। लेकिन यह उपचार असफल हो गया। मरीज की हालत बिगड़ गई। मरीज को दिल्ली के गंगाराम अस्पताल रेफ़र किया गया। गंगाराम अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने पहले चरण में इलियोस्टॉमी की। इलियोस्टॉमी में आंत का एक हिस्सा पेट की सतह पर जोड़ दिया जाता है, ताकि गंदगी (स्टूल/वेस्ट) सीधे बाहर निकल सके और आंत को आराम मिल सके। यह प्रक्रिया पेरिटोनाइटिस और सेप्सिस जैसे गंभीर इन्फेक्शन को नियंत्रित करने के लिए की गई थी। इस सर्जरी के बाद मरीज की हालत धीरे-धीरे स्थिर होने लगी। लगभग दो महीने तक मरीज इसी स्थिति में रहा, और जब शरीर पूरी तरह तैयार हो गया, तब डॉक्टरों ने इलियोस्टॉमी रिवर्सल सर्जरी की, जिसमें आंत को फिर से जोड़कर सामान्य प्रक्रिया बहाल की गई। पूरी प्रक्रिया के दौरान डॉक्टरों की टीम ने बहुत मेहनत, सही निर्णय और देखभाल के साथ मरीज का इलाज किया और अंततः उसे सामान्य जीवन की ओर लौटाया। मंगलवार को समदर्शी, रेड क्रॉस सोसाइटी, विश्व हिंदू परिषद प्रेस परिषद उत्तराखंड आदि सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने संयुक्त सभा कर डॉक्टरों की टीम का आभार प्रकट किया तथा प्रतिनिधि मंडल भेजकर डॉक्टरों की टीम को सम्मानित करने का निर्णय लिया।

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