बिग ब्रेकिंग Dehradun:.. आखिर कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने दिया पद से इस्तीफा,फफक-फफक कर रो पड़े ‘मंत्री जी’ ! Ashok Gulati editor in chief

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देहरादून:उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने आज अपने पद से इस्तीफा दे दिया। बजट सत्र के दौरान सदन में पहाड़ी समुदाय के लोगों के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी देने के बाद से लगातार उनके इस्तीफे की मांग हो रही थी।उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने आज अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने सीएम अवास पहुंचकर मुख्यमंत्री धामी को इस्तीफा सौंपा। उन्होंने इससे पहले प्रेसवार्ता कर इसकी जानकारी दी थी। प्रेसवार्ता कर वह भावुक हो गए और फफक-फफक कर रो पड़े। वहीं उन्होंने अपने राज्य आंदोलन में संघर्ष और योगदान को बताया।उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने आज अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने सीएम अवास पहुंचकर मुख्यमंत्री धामी को इस्तीफा सौंपा। उन्होंने इससे पहले प्रेसवार्ता कर इसकी जानकारी दी थी। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान भावुक हो गए और फफक-फफक कर रो पड़े। वहीं उन्होंने अपने राज्य आंदोलन में संघर्ष और योगदान को बताया।उन्होंने कहा कि जो सदन में बयान दिया था उस पर उसी दिन सदन में स्पष्टीकरण भी दे दिया था। मेरे भाव बिल्कुल गलत नहीं थे। गाली वाला शब्द भी उनके वक्तव्य से पहले का है। जो न तो पहाड़ के लिए कहा गया और न ही मैदान के लिए। वह पार्टी के पुराने कार्यकर्ता हैं। उनका जन्म उत्तराखंड में हुआ है। कुछ लोगों की ओर से सोशल मीडिया पर ऐसा माहौल बनाया गया। मैं भी आंदोलनकारी रहा हूं, लेकिन आज ये साबित करना पड़ रहा है कि हमने भी प्रदेश के लिए योगदान दिया है। लेकिन आज जिस तरह का माहौल बनाया जा रहा है उससे बहुत आहत हूं। इसलिए मुझे इस्तीफा देना पड़ रहा है।बता दें कि बीते दिनों बजट सत्र के दौरान सदन में पहाड़ी लोगों के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी देने के बाद से लगातार उनका विरोध हो रहा था। तमाम संगठन और विपक्षी दल उनसे इस्तीफे की मांग कर रहे थे।इस्तीफे के एलान से पहले शहीदों को किया नमन
कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल इस्तीफे का एलान करने से पहले अपनी धर्मपत्नी के साथ मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा में बने उत्तराखंड शहीद स्मारक पहुंचे थे। उन्होंने अमर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए प्रदेश विकास की तरफ बढ़े और प्रदेश में सौहार्दपूर्ण वातावरण बना रहे, इसका संकल्प लिया।
कैबिनेट में चार कुर्सियां पहले ही खाली थी
धामी कैबिनेट में चार कुर्सियां लंबे समय से खाली चल रही हैं। इन चार खाली कुर्सियों को भरने के साथ ही कुछ बदलाव होने के कयास भी लगाए जा रहे थे। वहीं, आज मंत्री अग्रवाल के इस्तीफा देने के बाद अब एक और कुर्सी खाली हो गई है।
प्रेमचंद अग्रवाल का राजनीतिक सफर
विद्यार्थी परिषद से लेकर भारतीय जनता युवा मोर्चा से जुड़े रहे अग्रवाल युवावस्था से ही सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे। प्रेम चंद अग्रवाल ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र से 2007 में पहला चुनाव जीते। 2007 के विधानसभा चुनाव के बाद से वह लगातार तीन बार ऋषिकेश से विधायक रहे हैं। वर्तमान में वह संसदीय कार्यमंत्री और वित्त मंत्री का पद संभाल रहे थे।

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