काशीपुर:नये वार्डों का अपेक्षित विकास करना रहेगा प्राथमिकता में शामिल : संदीप सहगल✍️ Ashok Gulati editor in chief

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काशीपुर। पिछले बीस-बाइस वर्षों से काशीपुर में भाजपा राज होने के बावजूद शहर में जलभराव जैसी लंबे समय से चली आ रहीं समस्याएं समाधान की बाट जोह रही हैं। जनता की निगाहें शहर के नए विकास से अधिक पुरानी समस्याओं के निवारण पर टिकीं हैं। कांग्रेस मेयर प्रत्याशी एडवोकेट संदीप सहगल ने कहा कि जनादेश उनके पक्ष में आने के बाद प्राथमिकता से इन समस्याओं का निवारण उनके द्वारा किया जाएगा। ज्ञातव्य है कि काशीपुर शहर की सबसे प्रमुख समस्या जलभराव है। हर साल बरसात में करीब चार महीने लोगों की मुसीबतें बढ़ीं रहती हैं। बेहतर ड्रेनेज सिस्टम न होने से एमपी चौक, मुख्य बाजार, रतन रोड, मुंशीराम चौराहा, कटोराताल, काजीबाग, पटेल नगर, स्टेशन रोड, आर्य नगर, जसपुर खुर्द, मालवा फार्म, हेमपुर इस्माइल समेत कई कालोनियों में पानी घुटनों तक भर जाता है। यहां पानी निकासी के लिए लोगों को मोटर का इस्तेमाल करना पड़ता है। हर बार दुकानों में बारिश का पानी घुसने से व्यापारियों को काफी नुकसान उठाना पड़ता है। यहां तक कि नगर निगम कार्यालय भी जलभराव की समस्या से अछूता नहीं है। निगम की अनदेखी के चलते क्षेत्र में जल निकासी की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। कांग्रेस प्रत्याशी एडवोकेट संदीप सहगल ने कहा कि मेरा वादा है कि चुनाव जीतने के उपरांत जल निकासी की ठोस रूपरेखा तैयार कर क्षेत्रवासियों को इस प्रमुख समस्या से हमेशा-हमेशा के लिए निजात दिलाई जाएगी। निगम क्षेत्र की कई सड़कें बनने के इंतजार में वर्षों से जस की तस पड़ीं हैं। तमाम जगह स्ट्रीट लाइट न होने से रात के समय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। शहर में 2018 में हुए परिसीमन के बाद निगम क्षेत्र में 16 ग्राम सभाओं को जोड़कर 20 नए वार्ड बनाए गए थे। ये गांव निगम से तो जुड़ गए लेकिन अब भी विकास उन तक नहीं पहुंचा। जर्जर सड़कों और स्ट्रीट लाइट की समस्या यहां आज भी बनी हुई है। सड़कें भी खस्ताहाल हैं। इस विषय पर कांग्रेस प्रत्याशी ने कहा कि नये वार्डों का अपेक्षित विकास करना उनकी प्राथमिकता में शामिल है। शहर में कूड़े की सफाई के लिए वाहनों की व्यवस्था तो की गई, लेकिन आज भी कई स्थानों से समय पर कूड़ा नहीं उठता। ऐसे में लोगों को दुर्गंध के बीच से गुजरना पड़ता है। कांग्रेस मेयर प्रत्याशी ने इस समस्या को गंभीर बताते हुए समस्या का समुचित हल निकाले जाने की बात कही। यह बताएं जाने पर कि शहर में वेंडिंग जोन न होने के कारण सड़क किनारे जगह-जगह ठेले लगे रहते हैं। पांच स्थानों पर प्रस्तावित वेंडिंग जोन के लिए निगम बोर्ड द्वारा समिति भी गठित की गई थी। शहर में सीतापुर नेत्र चिकित्सालय के पास, डिजाइन सेंटर, पुराना ढेला पुल, कुंडेश्वरी रोड साहनी रिजॉर्ट के पास, टांडा तिराहा, मानपुर तिराहा पर वेंडिंग जोन बनना था लेकिन यह कार्य सिर्फ फाइलों तक सीमित रह गया। एडवोकेट संदीप सहगल ने कहा कि मेयर चुने जाने के बाद ऐसी सभी फाइलें खोली जाएंगी, जिनमें विकास कैद है। उन्होंने एक बार फिर स्पष्ट कहा कि “वायदा नहीं काम होगा, तभी काशीपुर का नाम होगा।”

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