लाल कुआं: 26 सितंबर l अखिल भारतीय किसान महासंघभारत 27 सितंबर बंद को सफल बनाने के लिए लालकुआं व बिन्दुखत्ता क्षेत्र में प्रचार, नुक्कड़ सभाएं, जनसंपर्क किया गया!!

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लाल कुआं नैनीताल 26 सितंबरl अखिल भारतीय किसान महासंघ

• किसानों के 27 सितंबर के ‘भारत बंद’ की तैयारियों हेतु किसान महासभा की बैठक
• भारत बंद को सफल बनाने के लिए लालकुआं व बिन्दुखत्ता क्षेत्र में प्रचार, नुक्कड़ सभाएं व जनसंपर्क किया गया
• शांतिपूर्ण बंद की अपील

संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा आहूत 27 सितंबर के ‘भारत बंद’ की तैयारियों हेतु किसान महासभा नेताओं की एक बैठक किसान महासभा कार्यालय कार रोड बिन्दुखत्ता में सम्पन्न हुई। बैठक में तय किया गया कि कार रोड चौराहा पर एकत्रित होकर पूरे कार रोड में जुलूस निकालकर लालकुआं तक जायेगा और सभी से किसानों के भारत बंद के समर्थन में शांतिपूर्ण बंद करने की अपील की जायेगी।

मीटिंग के पश्चात भारत बंद के समर्थन में लालकुआं और बिन्दुखत्ता क्षेत्र में प्रचार प्रसार किया गया। जिसके तहत लालकुआं बाजार, कार रोड, इंद्रानगर , ट्राली लाइन, राजीवनगर, बोरिंग पट्टी, पूर्वी पश्चिमी घोड़ानाला, पटेलनगर, शास्त्रीनगर, तिवारीनगर, गांधीनगर, पुराना बिंदुखेड़ा, खुरियाखत्ता, संजयनगर, रावतनगर, सत्रह एकड़, सुभाषनगर, टूटी पुलिया, शांतिनगर समेत विभिन्न क्षेत्रों में नुक्कड़ सभाएं, माइक प्रचार व जनसंपर्क किया गया।

इस अवसर पर हुई नुक्कड़ सभाओं में बोलते हुए वरिष्ठ किसान नेता बहादुर सिंह जंगी ने कहा कि, “कोरोना के कारण पहले से ही बेरोजगारी और महंगाई की जबरदस्त मार झेल रही जनता के ऊपर मोदी सरकार ने आपदा में अवसर देखते हुए तीनों कृषि कानून थोप दिए ये जनता को और भी बड़े संकट में धकेल रहे हैं। इसीलिए अब खेती किसानी को बचाने की यह लड़ाई देश और लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई में तब्दील हो गई है। नए कंपनी राज के खिलाफ किसानों का यह विद्रोह देश को कॉरपोरेट गुलामी की ओर जाने से बचाने के लिए है। किसान देश की खेती, किसानी बचाने और उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों को बढ़ाने वाले आवश्यक वस्तु संशोधन कानून के खिलाफ दस महीने से दिल्ली बॉर्डर पर बैठे हुए हैं लेकिन मोदी सरकार हठधर्मिता पर अड़ी हुई है। यह स्पष्ट दिखाता है कि मोदी सरकार की जवाबदेही जनता और किसानों के प्रति नहीं बल्कि अंबानी अडानी जैसे पूंजीपतियों को मुनाफा पहुंचाने के प्रति है। अतः सभी नागरिकों को इसका समर्थन करने के लिए आगे आना चाहिए और 27 सितंबर के भारत बंद को सफल बनाने में एकजुटता प्रदर्शित करनी चाहिए।”

कल के 27 सितंबर के ‘भारत बंद’ के समर्थन में हुई बैठक और प्रचार प्रसार में अखिल भारतीय किसान महासभा की बैठक में बहादुर सिंह जंगी, डॉ कैलाश पाण्डेय, भुवन जोशी, किशन बघरी, स्वरूप सिंह दानू, पुष्कर दुबड़िया, नैन सिंह कोरंगा, ललित जोशी, आनंद सिंह दानू, हरीश भण्डारी, कमल जोशी, धीरज कुमार, त्रिलोक सिंह दानू, पनीराम, निर्मला शाही, चंद्रशेखर पाठक, खीम सिंह, शिव सिंह, नंदू आदि शामिल रहे।

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