एक कलमकार की हकीकत दास्तान: हमारा दूसरा लोग करते हैं प्रयोग

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इस वीडियो पत्रकार ने अपनी पीड़ा व्यक्त की है वास्तव रूप से बिल्कुल सही की है परंतु दुर्भाग्य है हजारों संगठन बना दिए हैं केवल अपने स्वार्थ के लिए किसी भी संगठन ने पत्रकार साथियों के लिए कुछ नहीं किया सवाय अपने काम निकालने के लिए यही कारण है ना नेता ना अधिकारी की नजर में आज पत्रकारों की गिनती जीरो है केवल पत्रकारों को यू एंड थ्रो करते हैं अपनी वाईफाई के लिए इस्तेमाल करते है कल एक नैनीताल का हमारा साथी का निधन हुआ ना किसी प्रशासन शासन ने मदद करने का प्रयास किया ना ही सैकड़ों हमारे बने संगठनों ने कोई भी प्रयास किया केवल अपनी वाहवाही लूटने के लिए अपने चार दोस्तों को मिलाया और संगठन खड़ा कर लिया 35 साल की पत्रकारिता में इतना दुर्भाग्यपूर्ण होगा मैंने कल्पना भी नहीं की थी जब संकट के समय में अपने ही साथी साथ नहीं देंगे तो संगठन किस लिए बनाया हुआ है ?ऊपर वीडियो में बात हमारे साथी कह रहा है मैं उससे हंड्रेड परसेंट सहमत हूं केवल एक दूसरे की टांग खींचना यह हमारा उद्देश रह गया है इस वीडियो से प्रेरणा लें और एक कड़ी में जुड़ जाएं इस महामारी में कितने साथी बिछड़ जाएंगे कह नहीं सकते ? मैंने अपनी भावनाएं व्यक्त कर दी है किसी को ठेस लगी हो तो उसके लिए खेद है Ashok गुलाटी प्रधान संपादक उत्तरांचल देवभूमि माया तथा देवभूमि माया न्यूज़ पोर्टल धन्यवाद

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