उत्तराखंड महिला सहित चार जज करो ना पॉजिटिव; स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा

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देहरादून विशेष संवाददाता उत्तराखंड राज्य में कोरोना तीव्र गति से फैला रहा है उत्तराखंड के एक महिला जब सहित चार जज करो ना पॉजिटिव पाए गए हैं जिससे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है विवरण के मुताबिक उत्तराखंड में कोरोना वायरस के नए-नए मामले सामने आते जा रहे हैं, जिसको लेकर राज्य में सरकार के साथ पुलिस प्रशासन द्वारा इस वायरस की रोकथाम के लिए लोगों को समझाया जा रहा है और साथ ही पुलिस चालान भी काट रही है। लोग इस बीमारी के खतरे को समझें और इससे अपना और अपने परिवार का बचाव कर सकें। लेकिन इसी बीच इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड के चार जिलों के जज कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। जिसके बाद से प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप की स्थिति पैदा हो गई है।

कोविड-19 संक्रमण ने अपनी मजबूती फिर दिखा दी है। उत्तराखंड में भी लगातार केस बढ़ते जा रहे हैं। लोगों को फिर से लॉकडाउन का डर सताने लगा है। प्रदेश के कई प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी व नेता अब तक संक्रमण के घेरे में आ चुके हैं।इसी कड़ी में अब हरिद्वार की एक महिला जज सहित चार जिलों के सिविल जज कोरोना संक्रमित मिले हैं। बताया जा रहा है कि उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग के तीन सिविल जज हरिद्वार में अटल बिहारी वाजपेयी राज्य अथिति गृह में ठहरे थे। इसी दौरान हरिद्वार की एक महिला जज की मुलाकात इन तीनों जजों से हुई।अब हुआ यह कि बीते रविवार जब उत्तरकाशी के जज संक्रमित पाए गए तब स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा बाकियों के भी सैंपल लिए। जिसके बाद सोमवार को बाकी तीनों जजों की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है।सीएमओ डॉ. एसके झा ने बताया कि तीनों जजों को फिलहाल कोविड केयर सेंटर में भर्ती किया गया है। जहां वे आइसोलेट किए गए हैं। महिला जज को होम आइसोलेट किया गया है। इसके अलावा बीते दस दिनों में जो भी इनके संपर्क में आया, उसकी भी जांच की जाएगी। वहीं सैनिटाइजेशन कराने के बाद राज्य अथिति गृह को बंद कर दिया गया है।देहरादून जिले में कोरोना संक्रमण का प्रसार लगातार बढ़ रहा है। सोमवार को जिले में 224 लोगों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई। जिलाधिकारी ने बताया कि सोमवार को जिले का आंकड़ा 32147 पहुंच गया है। इनमें से 29471 मरीज अबतक स्वस्थ हो चुके हैं। वर्तमान में 1251 मरीजों का उपचार चल रहा है। वहीं, 4236 सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। वर्तमान में यदि कोरोना से ही रफ्तार रही तो आने वाले समय में लॉकडाउन लगना निश्चित है ताज्जुब की बात यह है इसके बावजूद भी लोग मास्क नहीं लगा रहे हैं और खुलेआम सोशल डिस्टेंस की धज्जियां उड़ा रहे हैं कि मानो उत्तराखंड में करो ना नाम की कोई चीज ही ना हो

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