”पवित्र छड़ी यात्रा के प्रमुख सेवक स्वामी वीरेंद्रानंद महाराज जी ने दशहरा के पावन अवसर पर श्री केदारनाथ एवं श्री त्रियुगीनारायण धाम से समस्त देशवासियों और प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अपने भीतर के ईर्ष्या, द्वेष और अहंकार रूपी रावण का दहन करें तथा राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ देश की एकता, अखंडता और समृद्धि के लिए कार्य करें ”



































केदारनाथ :आज अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर जगद्गुरु शंकराचार्य भगवान की पवित्र छड़ी श्री केदारनाथ धाम पहुँची। वहाँ सभी साधु-संतों ने भगवान श्री केदारनाथ के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की।
प्रशासनिक अधिकारी, तहसीलदार हरीश चंद्र भट्ट जी ने पवित्र छड़ी को श्री त्रियुगीनारायण मंदिर के लिए रवाना किया। श्री त्रियुगीनारायण धाम पहुँचने पर संतों ने भगवान श्री नारायण के दर्शन किए तथा पवित्र छड़ी का विधिवत पूजन किया। इस अवसर पर सभी संतों ने देश की खुशहाली, सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण के लिए प्रार्थना की।
दशहरा पर्व पर राष्ट्र प्रथम का संदेश
पवित्र छड़ी यात्रा के प्रमुख सेवक स्वामी वीरेंद्रानंद महाराज जी ने दशहरा के पावन अवसर पर श्री केदारनाथ एवं श्री त्रियुगीनारायण धाम से समस्त देशवासियों और प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अपने भीतर के ईर्ष्या, द्वेष और अहंकार रूपी रावण का दहन करें तथा राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ देश की एकता, अखंडता और समृद्धि के लिए कार्य करें।
इस पावन अवसर पर भगवान श्री दत्तात्रेय महाराज जी की जय, भारत माता की जय, पवित्र छड़ी भगवान की जय, देवभूमि उत्तराखंड की जय, श्री पंच अखाड़े की जय तथा श्री हरि गिरि महाराज जी की जय के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा।
आज अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर जगद्गुरु शंकराचार्य भगवान की पवित्र छड़ी श्री केदारनाथ धाम पहुँची। वहाँ सभी साधु-संतों ने भगवान श्री केदारनाथ के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की।






इसके पश्चात प्रशासनिक अधिकारी, तहसीलदार श्री हरीश चंद्र भट्ट जी ने पवित्र छड़ी को श्री त्रियुगीनारायण मंदिर के लिए रवाना किया। श्री त्रियुगीनारायण धाम पहुँचने पर संतों ने भगवान श्री नारायण के दर्शन किए तथा पवित्र छड़ी का विधिवत पूजन किया। इस अवसर पर सभी संतों ने देश की खुशहाली, सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण के लिए प्रार्थना की।
दशहरा पर्व पर राष्ट्र प्रथम का संदेश
पवित्र छड़ी यात्रा के प्रमुख सेवक स्वामी वीरेंद्रानंद महाराज जी ने दशहरा के पावन अवसर पर श्री केदारनाथ एवं श्री त्रियुगीनारायण धाम से समस्त देशवासियों और प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अपने भीतर के ईर्ष्या, द्वेष और अहंकार रूपी रावण का दहन करें तथा राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ देश की एकता, अखंडता और समृद्धि के लिए कार्य करें। ….



इस पावन अवसर पर भगवान श्री दत्तात्रेय महाराज जी की जय, भारत माता की जय, पवित्र छड़ी भगवान की जय, देवभूमि उत्तराखंड की जय, श्री पंच अखाड़े की जय तथा श्री हरि गिरि महाराज जी की जय के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा।

