नुमाइशखेत मैदान रामलीला व दुर्गा पूजा पंडाल में उमड़े श्रद्धालुओं को पुलिस व साइबर सेल ने सिखाए डिजिटल सुरक्षा के गुर


बागेश्वर : पुलिस अधीक्षक बागेश्वर श्री जितेन्द्र मेहरा (IPS) के कुशल निर्देशन में जनपद पुलिस द्वारा त्यौहारों के इस पावन अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के साथ-साथ आम जनमानस को आधुनिक डिजिटल खतरों से सुरक्षित करने हेतु अभियान चलाया जा रहा है। “सुरक्षा भी हो, जागरूकता भी” के इसी दृढ़ संकल्प के क्रम में रविवार देर शाम ऐतिहासिक नुमाइशखेत मैदान में आयोजित भव्य दुर्गा पूजा एवं रामलीला मंचन कार्यक्रम में कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम द्वारा भारी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया गया।
पर्व के दौरान उमड़ी भारी भीड़ को डिजिटल ठगी के प्रति सचेत करने के उद्देश्य से साइबर सेल से उपनिरीक्षक मंजू पंवार एवं कोतवाली बागेश्वर से उपनिरीक्षक संजय धोनी द्वारा मय पुलिस टीम के साथ पंडाल में उपस्थित समस्त श्रद्धालुओं, महिलाओं और युवाओं से सीधा संवाद स्थापित किया। टीम द्वारा वर्तमान में तेजी से बदल रहे साइबर अपराधों के तौर-तरीकों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई।
वर्तमान में बढ़ रहे साइबर अपराधों में सोशल मीडिया (व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम) की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में बताया गया। श्रद्धालुओं को सख्त हिदायत दी गई कि वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी निजी जानकारी जैसे- जन्मतिथि, पता, परिवार के विवरण और तस्वीरें कभी भी सार्वजनिक रूप से शेयर न करें। इसके साथ ही, अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स की सिक्योरिटी सेटिंग्स जैसे टू-स्टेप वेरिफिकेशन को हमेशा मजबूत रखने के व्यावहारिक तरीके सिखाए गए।
जागरूकता सत्र के दौरान जनता को विशेष रूप से “डिजिटल अरेस्ट”, फर्जी लॉटरी/केबीसी (KBC) मैसेज, संदिग्ध लिंक्स, यूपीआई (UPI) पेमेंट फ्रॉड और बैंक अधिकारी बनकर आने वाली फर्जी कॉल्स के प्रति सतर्क रहने की अपील की गई। उन्हें समझाया गया कि किसी भी अनजान कॉल या संदिग्ध लिंक पर भरोसा करके अपनी गोपनीय बैंकिंग जानकारी (ओटीपी या पिन) किसी से भी साझा न करें।
पुलिस टीम ने श्रद्धालुओं को आश्वस्त किया कि यदि कोई व्यक्ति किसी भी प्रकार की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है, तो वह बिना समय गंवाए तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल दर्ज कराए। यदि घटना के तुरंत बाद गोल्डन ऑवर में इस नंबर पर सूचना दी जाती है, तो ठगी गई धनराशि को संबंधित बैंक खातों में फ्रीज कराकर साइबर अपराध को रोका जा सकता है। इसके अतिरिक्त, नागरिक अपने नजदीकी साइबर सेल कार्यालय में आकर भी अपनी विधिक शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
त्योहारों की खुशियों के बीच आम जनमानस को सुरक्षा व डिजिटल सजगता का यह विशेष कवच प्रदान करने की बागेश्वर पुलिस की इस अनूठी पहल की रामलीला कमेटियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा उपस्थित समस्त श्रद्धालुओं द्वारा सराहना की गयी ।

