
रानीखेत (उत्तराखंड)। रानीखेत के निकटवर्ती ग्राम सभा रोड और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों गुलदार (तेंदुए) का जबरदस्त आतंक बना हुआ है। पिछले कुछ दिनों से रिहायशी इलाकों में गुलदार की लगातार दस्तक से ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल है। गुलदार अब तक कई ग्रामीणों की गाय, बकरियों और अन्य मवेशियों पर जानलेवा हमला कर उन्हें मार चुका है, जिससे स्थानीय पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
पालतू कुत्ते गायब, इवनिंग वॉक करने वाले भी घरों में कैद
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, गुलदार ने सबसे पहले गांव के कुत्तों को अपना निशाना बनाना शुरू किया था। स्थिति यह हो चुकी है कि गांव के भीतर अब कुत्तों की संख्या नाममात्र की रह गई है। कुत्तों के खात्मे के बाद अब गुलदार बेखौफ होकर मुख्य रास्तों और घरों के आंगन तक पहुंच रहा है।
इस बढ़ते मूवमेंट का असर अब लोगों की दिनचर्या पर साफ दिखने लगा है। खौफ के कारण शाम को घूमने (इवनिंग वॉक) पर निकलने वाले लोगों की संख्या में भारी कमी आई है। लोग अपने स्वास्थ्य के लिए भी शाम ढलने के बाद बाहर कदम रखने से कतरा रहे हैं।
नौकरीपेशा लोगों की बढ़ी मुश्किलें, बच्चों की सुरक्षा को लेकर सहमे अभिभावक
जो ग्रामीण और युवा मुख्य रानीखेत बाजार या अन्य व्यावसायिक जगहों पर प्राइवेट नौकरी व काम के लिए आते हैं, उन्हें रात के समय वापस घर लौटने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सुनसान ग्रामीण रास्तों पर रात के समय सफर करना खतरे से खाली नहीं रह गया है।
सबसे ज्यादा चिंता बच्चों की सुरक्षा को लेकर बनी हुई है। उत्तराखंड के विभिन्न पहाड़ी क्षेत्रों में पिछले कुछ समय में गुलदार द्वारा मासूम बच्चों को निशाना बनाए जाने की दर्दनाक घटनाओं को देखते हुए अभिभावक हर समय किसी अनहोनी की आशंका से सहमे हुए हैं।
ग्राम प्रधान ने अधिकारियों से की वार्ता, वन विभाग ने दिया आश्वासन
मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्राम प्रधान खष्टी अधिकारी ने वन क्षेत्राधिकारी (रेंज ऑफिसर) और वन रक्षकों से सीधे संपर्क कर धरातल पर ठोस कार्रवाई करने की मांग की। ग्राम प्रधान ने अधिकारियों को क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और ग्रामीणों के भीतर व्याप्त गंभीर भय से अवगत कराया।
ग्राम प्रधान से वार्ता के बाद वन क्षेत्राधिकारी तपन मिश्रा ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वन विभाग इस मामले को लेकर पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने बताया कि बरसात के मौसम में रास्तों के किनारे उगी घनी झाड़ियों को जल्द ही कटवा दिया जाएगा, जो गुलदार के छिपने के मुख्य ठिकाने (हाइड आउट्स) बने हुए हैं। वन क्षेत्राधिकारी तपन मिश्रा ने जल्द से जल्द इन झाड़ियों को साफ करवाकर और गश्त बढ़ाकर ग्रामीणों को गुलदार के आतंक से पूरी तरह मुक्ति दिलाने का भरोसा दिया है।

