

आज से ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण की भराड़ीसैंण विधानसभा में पांच दिवसीय बजट सत्र शुरू हो गया है।उत्तराखंड के राजनीतिक इतिहास में पहली बार सरकार राज्यपाल अभिभाषण के दिन ही सदन में बजट पेश करेगी।सीमा क्षेत्रों में बसावटों पर जोर- राज्यपाल
राज्यपाल ने कहा कि एक साल में 25 टन ट्राउट मछली की आपूर्ति की गई। सहकारिता विभाग स्वयं सहायता समूहों को ब्याजरहित ऋण उपलब्ध करा रहा है। राज्य में कार्यशील पैक्स को उर्वरक खुदरा विक्रेता के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसके तहत 400 प्रधानमंत्री किसान केंद्र खोले जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि वन विभाग की ओर से मानव-वन्यजीव मृत्यु पर राहत राशि छह लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये की गई। वनाग्नि नियंत्रण व आपदा प्रबंधन के लिए वर्ष 2025 में एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर सिस्टम शुरू किया गया। उत्तरकाशी वन प्रभाग में एशिया का पहला स्नो लेपर्ड कंजर्वेशन सेंटर स्थापित किया जा रहा है। पीएम आवास योजना ग्रामीण के पहले चरण में 68,531 परिवारों को शत-प्रतिशत आवास स्वीकृत किए गए। 1321 भूमिहीन परिवारों को भूमि पट्टे आवंटित किए गए। 22,500 किमी से अधिक लक्ष्य के सापेक्ष 21,300 किमी से अधिक सड़क पीएम ग्राम सड़क योजना के तहत बनाई गई। 1860 बसावटें मुख्य मार्ग से जोड़ी गई हैं। वाइब्रेंट विलेज के तहत चारधाम मार्गों पर निर्माण कार्य चल रहे हैं।
छात्रों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ रहे हैं- राज्यपाल
राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में कहा कि अल्पसंख्यक छात्रों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए मदरसा बोर्ड की जगह अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण बनाया गया है। समाज कल्याण विभाग विभिन्न वर्गों के आर्थिक, सामाजिक विकास के लिए राजकीय वृद्ध आश्रम, भिक्षुक गृह संचालित कर रहा है। जनवरी 25 से 2026 तक 9,62,000 से अधिक पेंशनरों को एक हजार करोड़ से अधिक की धनराशि दी गई है।
कांग्रेस विधायकों ने किया सदन से वॉकआउट
बजट सत्र शुरू होते ही कांग्रेस विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया। राज्यपाल के अभिभाषण शुरू ही हुआ था कि कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
विपक्ष के शोर के बीच राज्यपाल का संबोधन शुरू
बजट सत्र शुरू हो गया है। इस दौरान विपक्ष ने नारेबाजी की। विपक्षी नेता नारेबाजी कर वेल में पहुंचे। इसके बाद शोर के बीच ही राज्यपाल का संबोधन शुरू हुआ।
सत्र शुरू होने से पहले कांग्रेस का प्रदर्शनlविधानसभा सत्र शुरू होने से पहले ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विधान भवन परिसर में प्रदर्शन शुरू कर दिया। बजट की अवधि बढ़ाने की मांग को लेकर कांग्रेस विधायक परिसर में धरने पर बैठ गएlबजट सत्र के पहले दिन सदन के बाहर सड़क पर प्रदर्शन शुरू हो गया। उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ताओं दिवालीखाल पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस ने बैरिकेड लगाकार उन्हें रोका।.. इधर दूसरी ओर

“राज्य गठन के 25 साल बाद भी गैरसैंण नहीं पहुंचे मुख्यालय, देहरादून और नैनीताल से चल रहा काम””lप्रदेश में स्थानीय बोली, भाषाओं को बढ़ावा देने के लिए भाषा संस्थान की स्थापना की गई है, लेकिन इसकी स्थापना के बाद संस्थान को अब तक अपना स्थायी मुख्यालय नहीं मिल पाया है।सबि धाणी देरादून, होणी खाणी देरादून प्रसिद्ध लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी के गीत के यह बोल उत्तराखंड के सरकारी विभागों के मुख्यालयों को लेकर सही साबित हो रहे हैं। देहरादून में जहां 204 सरकारी विभागों के मुख्यालय हैं, वहीं, ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण भराणीसैंण में राज्य गठन के 25 साल बाद भी सरकारी मुख्यालय की स्थापना नहीं हुई।छह अक्तूबर वर्ष 2020 को त्रिवेंद्र सरकार ने गैरसैंण में भाषा संस्थान का मुख्यालय बनाने की घोषणा की थी, उस दौरान कहा गया कि गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाया गया है।गैरसैंण में भाषा संस्थान के मुख्यालय के बाद वहां विभिन्न संस्थानों की स्थापना की प्रक्रिया शुरू होगी, लेकिन वर्षों बाद अब भाषा संस्थान के मुख्यालय के लिए देहरादून में भूमि की तलाश की जा रही है।एक रिपोर्ट के मुताबिक विभिन्न सरकारी कार्यालयों एवं मुख्यालयों में 204 देहरादून में हैं। जबकि दूसरे नंबर पर 22 नैनीताल में हैं। सामाजिक कार्यकर्ता एसपी नौटियाल के मुताबिक रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, बागेश्वर और चंपावत में एक भी विभाग का मुख्यालय नहीं है। 265 में से 77 प्रतिशत मुख्यालय देहरादून में हैं।
लगभग सभी विभागों का मुख्यालय देहरादून में हैं। नए भी देहरादून में स्थापित हो रहे हैं, इन मुख्यालयों का विकेंद्रीकरण हो व अधिक से अधिक मुख्यालय पर्वतीय क्षेत्रों में हों। ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण भराणीसैंण में भी कुछ सरकारी विभागों के मुख्यालय स्थापित होने चाहिए थे, जो नहीं हुए।