बागेश्वर:कुमाऊँ आयुक्त का दौरा: विकास कार्यों की व्यापक समीक्षा, समयबद्धता और पारदर्शिता पर जोर..!✍️ Ashok gulati एडिटर इन चीफ

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बागेश्वर, 24 फरवरी, l

कुमाऊँ आयुक्त का बागेश्वर दौरा: विकास कार्यों की व्यापक समीक्षा, समयबद्धता और पारदर्शिता पर जोर
जनपद बागेश्वर में विकास योजनाओं का व्यापक मंथन, कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत ने दिए समयबद्ध कार्य पूर्ण करने के निर्देश
स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पेयजल, स्वच्छता और राजस्व पर गहन मंथन

कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत के जनपद बागेश्वर में दो दिवसीय दौरे के प्रथम दिन कलेक्ट्रेट सभागार में विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं विकास कार्यों की व्यापक एवं विस्तृत समीक्षा की गई। सर्वप्रथम जनपद आगमन पर जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे द्वारा उनका औपचारिक स्वागत किया गया तथा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया।

आयुक्त को बैठक में समस्त विभागों द्वारा जनपद में संचालित जिला योजना, राज्य पोषित एवं केंद्र पोषित योजनाओं, अवशेष धनराशि की स्थिति तथा मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति के संबंध में विस्तारपूर्वक अवगत कराया गया।

मत्स्य विभाग द्वारा ट्राउट मछली उत्पादन की उपलब्धियों से आयुक्त को अवगत कराया गया, जिस पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया। उद्यान विभाग द्वारा कीवी उत्पादन की वर्तमान स्थिति, विपणन संभावनाओं तथा आगामी 10 वर्षों की कार्ययोजना के रोडमैप की विस्तृत प्रस्तुति दी गई। “अभिनव पहल” के अंतर्गत जनपद में पहली बार प्रारंभ की गई काला धान की खेती के बारे में भी विस्तार से जानकारी साझा की गई। जिला मिशन इकाई द्वारा कुटकी उत्पादन की प्रगति से भी आयुक्त को अवगत कराया गया।

पशुपालन विभाग द्वारा ब्रायलर फार्म नीति एवं “गोट वैली योजना” के क्रियान्वयन की स्थिति की जानकारी दी गई। औषधि विभाग द्वारा नशा रोकथाम अभियान, स्प्यूरियस दवाओं की रोकथाम हेतु की जा रही कार्यवाही तथा जागरूकता कार्यक्रमों के संबंध में आयुक्त को विस्तृत रूप से अवगत कराया गया। “नशामुक्त उत्तराखंड” अभियान के अंतर्गत बच्चों को नशे से दूर रखने, पुनर्वास की व्यवस्था तथा प्रवर्तन संबंधी कार्यों की भी समीक्षा की गई।

जिला पंचायत द्वारा स्वच्छता कार्यों, नगर निकायों द्वारा लिगेसी वेस्ट के पूर्ण निस्तारण, स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था, शौचालय एवं पिंक टॉयलेट की वर्तमान स्थिति के संबंध में भी उन्हें विस्तार से जानकारी दी गई। कौसानी क्षेत्र में आवश्यकता होने पर शौचालयों का पुनः सर्वे कराए जाने के निर्देश दिए गए।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला चिकित्सालय में प्रारंभ किए गए टोकन सिस्टम एवं सेंट्रल बिलिंग सिस्टम की जानकारी दी गई। “हैलो हेल्थ बागेश्वर” सेवा की वर्तमान स्थिति से अवगत कराते हुए इसे 24 घंटे सुचारू रूप से संचालित रखने हेतु निर्देश प्राप्त हुए। आयुक्त द्वारा जिला अस्पताल में दूरभाष के माध्यम से चिकित्सकों एवं स्टाफ की उपलब्धता की पुष्टि भी की गई। शिक्षा विभाग द्वारा पीएम श्री योजना अंतर्गत संचालित राजकीय प्राथमिक विद्यालय की उपलब्धियों से अवगत कराया गया।

लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्माणाधीन एवं अनुरक्षणाधीन परियोजनाओं, राष्ट्रीय राजमार्ग, पीएमजीएसवाई सड़कों तथा विभिन्न पार्किंग स्थलों की स्थिति से आयुक्त को अवगत कराया गया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी सड़कों पर स्पष्ट नाम पट्ट अंकित किए जाएं तथा 60 दिनों के भीतर यह कार्य पूर्ण किया जाए।

पेयजल निगम द्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत कांडा ग्राम समूह पंपिंग परियोजना एवं अमृत 2.0 के तहत कपकोट पंपिंग योजना की अद्यतन प्रगति की जानकारी दी गई। दूरसंचार विभाग/बीएसएनएल द्वारा जनपद में स्थापित टावरों की वास्तविक स्थिति, नेटवर्क की उपलब्धता एवं मानव संसाधन की स्थिति से भी अवगत कराया गया।

राजस्व प्राप्तियों की स्थिति, साइबर क्राइम सेल में प्राप्त प्रार्थना पत्रों, साइबर अपराध की रोकथाम हेतु अपनाए गए कदमों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की कॉलिंग प्रतिशतता से आयुक्त को अवगत कराया गया, जिस पर उन्होंने असंतोष व्यक्त करते हुए इसे बढ़ाने के निर्देश दिए।

वन विभाग द्वारा कम्पा के अंतर्गत वृक्षारोपण कार्यों, पौधों की जीवितता, मानव-वन्यजीव संघर्ष, मुआवजा वितरण, वन हस्तांतरण प्रस्तावों की प्रगति तथा नए ईको-ट्रेल विकास की स्थिति से अवगत कराया गया। खेल विभाग द्वारा खेल अवसंरचना, निर्माणाधीन भवनों के हस्तांतरण तथा खेल छात्रावास की स्थापना के संबंध में जानकारी दी गई, जिस पर समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश प्राप्त हुए।

बैठक में कुन्ती नाले, अल्मोड़ा मैग्नेसाइट, मास्टर ड्रेनेज निर्माण, चिकित्सकों की कमी, कांडा नर्सिंग कॉलेज, कौसानी पार्किंग योजना, ग्राम खोली स्टेडियम, सेना एवं सीपीएमएफ से संबंधित लंबित प्रकरण, बीआरओ सड़क चौड़ीकरण हेतु भूमि अधिग्रहण, रीप (REAP), सारा प्राधिकरण एवं अन्य विकास कार्यों की भी विस्तृत समीक्षा की गई।

मुख्य विकास अधिकारी आर.सी. तिवारी द्वारा “वन डिस्ट्रिक्ट वन रिवर” के अंतर्गत गरुड़ गंगा पुनर्जीवन योजना की प्रगति से आयुक्त को अवगत कराया गया।

बैठक में आयुक्त द्वारा निर्देश दिए गए कि विकास कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता रहे तथा लंबित प्रकरणों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में पुलिस अधीक्षक जितेंद्र मेहरा, अपर जिलाधिकारी एन.एस. नबियाल, मुख्य विकास अधिकारी आर.सी. तिवारी, समस्त उप जिलाधिकारी एवं सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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