काठगोदाम: [Nainital] काशीपुर निवासी किसान ने की आत्महत्या: सीएम धामी ने दिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश, कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत को सौंपी जिम्मेदारी! Ashok Gulati editor in chief

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‘पुलिस के भ्रष्टाचार ने ले ली एक निर्दोष की जान, आत्महत्या से पहले लाइव करके कप्तान उधम सिंह नगर, थाना प्रभारी पर लगाए गंभीर आरोप” ..

ऊधमसिंह नगर जिले के काशीपुर निवासी किसान के हल्द्वानी में आत्महत्या करने के मामले को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गंभीर से लेते हुए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए। कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत को जांच सौंपी गई।मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घटना के सभी तथ्यों व परिस्थितियों की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की जाए, जिससे सच्चाई सामने आ सके। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या दोष पाया जाता है तो संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन व पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ से भी पूरे प्रकरण की जानकारी ली है। ध्यान देने की बात यह है कि काठगोदाम होटल में काशीपुर [उधम सिंह नगर] के किसान ने होटल में कनपटी पर गोली मारकर की आत्महत्या, कई लोगों पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप लगाए हैं,ऊधमसिंह नगर के आईटीआई थाना क्षेत्र के ग्राम पैगा निवासी सुखवंत सिंह (40) ने गौलापार स्थित देवभूमि होटल के कमरा नंबर 101 में शनिवार रात करीब ढाई बजे अपनी कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली। परिजनों के अनुसार प्रॉपर्टी डीलरों ने सुखवंत सिंह से साढ़े तीन करोड़ में भूमि का सौदा कर 50 लाख मूल्य की दूसरी जमीन की रजिस्ट्री करा दी थी। सुखवंत ने दो दिन पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर कुंडा थाना के एसओ, पैंगा के चौकी प्रभारी और ऊधमसिंह नगर के एसएसपी पर प्रापर्टी डीलरों के साथ मिलकर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था।होम

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Haldwani: काशीपुर के किसान ने होटल में कनपटी पर गोली मारकर की आत्महत्या, कई लोगों पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी Published by: अलका त्यागी Updated Sun, 11 Jan 2026 11:41 AM IST
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सार
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नैनीताल
हल्द्वानी के होटल में रुके काशीपुर के एक युवक ने आत्महत्या कर ली। घटना का कारण प्रापर्टी से जुड़ा बताया जा रहा है।
Haldwani: man from Kashipur staying at hotel committed suicide by shooting himself

  • फोटो : istock
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विस्तार
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ऊधमसिंह नगर के आईटीआई थाना क्षेत्र के ग्राम पैगा निवासी सुखवंत सिंह (40) ने गौलापार स्थित देवभूमि होटल के कमरा नंबर 101 में शनिवार रात करीब ढाई बजे अपनी कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली। परिजनों के अनुसार प्रॉपर्टी डीलरों ने सुखवंत सिंह से साढ़े तीन करोड़ में भूमि का सौदा कर 50 लाख मूल्य की दूसरी जमीन की रजिस्ट्री करा दी थी। सुखवंत ने दो दिन पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर कुंडा थाना के एसओ, पैंगा के चौकी प्रभारी और ऊधमसिंह नगर के एसएसपी पर प्रापर्टी डीलरों के साथ मिलकर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था।

काठगोदाम थाने के एसओ विमल मिश्रा ने बताया कि पैगा निवासी तेजा सिंह का बड़ा बेटा सुखवंत सिंह किसान थे। वह पत्नी प्रदीप कौर (38) और बेटे गुरसेज (14) के साथ रहते थे। शुक्रवार को उन्होंने घर में बेटे की स्कूल की छुट्टी का हवाला देते हुए कहा कि वह परिवार के साथ नैनीताल घूमने जा रहा हैं।

पुलिस के अनुसार शनिवार दोपहर 12 बजे परिवार ने गौलापार के होटल देवभूमि में कमरा लिया। रात में तीनों खाना खाकर कमरा नंबर 101 में सो गए। रात करीब ढाई बजे होटल में गोली चलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तो रिसेप्शन में प्रदीप कौर और उनका बेटा गुरसेज घायल अवस्था में मिले। उन्होंने कहा कि उनका कमरा भीतर से बंद है। धक्का देकर दरवाजा खोला गया तो बेड पर सुखवंत सिंह का शव पड़ा था। हाथ में एक तमंचा था। कनपटी के बाईं ओर गोली के निशान थे और बुलेट आरपार हो गई थी।

शव को मोर्चरी भेजा गया जबकि प्रदीप कौर और गुरसेज का सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) हल्द्वानी में उपचार कराया गया। रविवार को पोस्टमार्टम से पहले शव का एसटीएच में एक्सरे कराया गया। सिर में कोई गोली नहीं फंसी थी। डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम शाम सवा पांच बजे सुखवंत सिंह का शव पिता तेजा सिंह और भाई परमिंदर सिंह को सौंप दिया।
3.80 करोड़ का सौदा कर 50 लाख की जमीन की करा दी रजिस्ट्री
पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे तेजा सिंह सिंह ने बताया कि एक साल पहले पेपर मिल के लिए सात एकड़ जमीन अधिग्रहीत हुई थी। इसका पैसा सुखवंत सिंह को मिला था जिससे वह दूसरी जगह जमीन खरीदना चाह रहे के। प्रापर्टी डीलरों ने उसे कुंडा के बक्सौरा में सात एकड़ जमीन दिखाई। इसका बाजार मूल्य चार करोड़ रुपये था। नकद व चेक के माध्यम से सुखवंत ने 3.80 करोड़ दे दिए। 15 अप्रैल 2025 को काशीपुर में कुछ अन्य लोगों की मौजूदगी में जिस जमीन की रजिस्ट्री की गई, वह दूसरी थी। उसका बाजार मूल्य तकरीबन 50 लाख रुपये था। इसकी जानकारी होने के बाद सुखवंत सिंह ने आरोपियों से रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने पुलिस के साथ मिलकर उनका और पूरे परिवार का उत्पीड़न किया। सुखवंत सिंह के खिलाफ झूठी प्राथमिकी दर्ज कराई गई। इसमें थाना से लेकर जिला स्तर के पुलिस अधिकारी शामिल थे। देहरादून भी जाकर पुलिस अफसरों से मिला लेकिन कुछ नहीं हुआ।

सोते समय पत्नी के सिर पर हुआ प्रहार
प्रदीप कौर ने बताया कि रात करीब सवा दो बजे के आसपास उसे सिर पर किसी चीज से प्रहार हुआ। आंख खुली तो सामने सुखवंत सिंह तमंचा लिए खड़ा था। इस पर वह डर गई और बेटे को उठाकर कमरे से बाहर निकली। उसके बाहर निकलते ही सुखवंत सिंह ने कमरा बंद कर लिया। जब वह सीढ़ी से नीचे उतर रही थी तभी उसे कमरे से गनशॉट की आवाज सुनाई दी।

पत्नी ने पुलिस को सौंपा सुसाइड नोट
प्रदीप कौर ने पुलिस को छह और तीन पेज के दो सुसाइड नोट सौंपे हैं। उन्होंने बताया कि एक दिन पहले सुखवंत सिंह ने इन्हें उसे दिया और कल पुलिस को देने के लिए कहा। उसे इस बात का अंदेशा नहीं था कि वह ऐसा कुछ करने वाले हैं। सुसाइड नोट में लगभग वही बातें लिखी हैं जो वीडियो में सुखवंत सिंह ने बोला है।

एक बार पीड़ित मेरे पास आया था। उसकी समस्या को पब्लिक के सामने ही सुना गया था। इसके बाद थाना प्रभारी को जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। थाना स्तर पर क्या कार्रवाई हुई, इसकी जांच की जाएगी।

  • मणिकांत मिश्रा, एसएसपी, ऊधमसिंह नगर

वीडियो और नौ पेज के सुसाइड नोट का उल्लेख पंचनामा में किया गया है। परिवार वालों को सुरक्षा मुहैया कराई गई है। मृतक की पत्नी और बच्चे की मनोचिकित्सक से काउंसलिंग कराई गई है। सुरक्षा के साथ उनको बार्डर तक पहुंचाया गया। यदि कोई तहरीर मिलती है तो विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।

[डॉ. मंजूनाथ टीसी, एसएसपी, नैनीताल] इधर दूसरी और किसान ने मृत्यु से पूर्व कहा मैं एक किसान हूं। मैं आत्महत्या कर रहा हूं। क्योंकि हमारे साथ फ्रॉड हुआ है और चार महीनों से पुलिस हमारा ही उत्पीड़न कर रही है। मैं मर रहा हूं। मेरे मरने के बाद मेरे शरीर के सभी अंगों को बेच देना और जो रुपये मिलेंगे वो जिम्मेदार पुलिस अफसरों को दे देना। हम मर चुके हैं और हम अपनी मौत की जांच सिर्फ सीबीआई से करवाना चाहते हैं क्योंकि पुलिस के बड़े-बड़े अधिकारी इसमें मिले हैं। आरोपियों को बचाकर हमें झूठा ठहराया गया। मुझे सिर्फ इंसाफ चाहिए।यह शब्द पैगा निवासी किसान सुखवंत सिंह के हैं। जिन्होंने गोली मारकर खुद की जान ले ली। अपनी जान लेने से पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया जिसमें आरोपियों सहित पुलिस के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके वीडियो ने सभी को झकझोर दिया है। इसमें आठ महिला समेत 26 लोगों का नाम लेकर उन पर जमीन खरीद-फरोख्त में चार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया हैजारी वीडियो में सुखवंत सिंह ने बताया कि जब वह अपनी इस शिकायत को लेकर आईटीआई थाना पहुंचा तो पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की बल्कि उनके परिवार के साथ अभद्रता कर घंटों थाने में बैठा कर रखा गया। वहीं जब जिले के एक पुलिस अधिकारी से शिकायत की तो भी कार्रवाई नहीं हुई बल्कि जिन पर रुपये हड़पने का आरोप लगाया उनसे मोटी रकम लेकर उनका ही उत्पीड़न किया गया। वीडियो में कहा कि मरने के बाद उनके व उनकी पत्नी व बेटे के शरीर के अंगों को बेचकर जिम्मेदार पुलिस अफसरों को रुपये दे देना। ताकि वह सुख-चैन से रह सकें। अंत में कहा कि उसकी आत्महत्या के लिए यह सभी लोग जिम्मेदार हैं। जब तक इन जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं होगी उसकी आत्मा को शांति नहीं मिलेगी।

12 वर्षीय बेटे पर चलाई गोली

सुखवंत सिंह बीते दिन अपनी पत्नी और बच्चों के साथ नैनीताल घूमने आया था और गौला पार के देवभूमि होटल में ठहरा हुआ था। देर रात प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद को लेकर वह मानसिक रूप से परेशान हो गया। बीते शनिवार की देर रात करीब ढाई बजे पत्नी-बच्चे के सामने उसने आत्मघाती कदम उठाया। पहले उसने अपने 12 वर्षीय बेटे गुरसेज पर गोली चलाई लेकिन उनकी पत्नी ने बेटे को धक्का देकर बचा लिया जिस पर पत्नी परदीप कौर और गुरसेज घायल हो गए। पत्नी बच्चे के साथ धक्का-मुक्की करके वहां से निकल आई। इसके बाद सुखवंत सिंह ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।

2021 में खुली थी हिस्ट्रीशीट
मृतक सुखवंत सिंह पुत्र तेजा सिंह वर्ष 2021 से थाना आईटीआई का हिस्ट्रीशीटर था। पुलिस के अनुसार वर्ष 2018 से फेसबुक व व्हाट्सएप के माध्यम से लोगों के साथ संपर्क कर धोखाधड़ी के अपराध किए जिस संबंध में प्राथमिकी दर्ज हैं। आईटीआई थाना में 2018 में धारा 420 के चार प्राथमिकी दर्ज हैं। वर्ष 2020 में भी धारा 420, 467, 468, 471, 411 कोतवाली जसपुर में प्राथमिकी दर्ज हैं। इसी के चलते सुखवंत सिंह के खिलाफ 14 सितंबर 2021 को थाना आईटीआई पर हिस्ट्रीशीट संख्या 05ए खोली गई थी।

कोट…
एसपी स्वप्न किशोर सिंह ने जारी वीडियो में बताया कि सुखवंत सिंह पर पांच प्राथमिकी दर्ज हैं। इसमें एक जसपुर में और चार आईटीआई थाना में दर्ज हैं। यह भी बताया कि सुखवंत सिंह ने कुछ पुलिस अधिकारियों और लोगों पर आरोप लगाए हैं। इस मामले की जांच बाजपुर सीओ विभव सैनी को सौंपी गई है। बरहाल अब देखना होगा मृत्यु की आत्मा को इंसाफ मिलता है? या फिर। मोटी मोटी की फाइलों में जांच रिपोर्ट सीमित कर रह जाती है? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा|

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