चंपावत :प्रशासनिक कार्यशैली का आधार होगा संवाद, जवाबदेही और गुणवत्ता: जिलाधिकारी ✍️ Ashok Gulati editor in chief

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चंपावत 24 जून |

✔️. मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं के अनुरूप चंपावत में समावेशी व संतुलित विकास को मिलेगा बल: जिलाधिकारी

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित अपनी पहली प्रेस वार्ता में साझा की जिले के समग्र विकास की कार्ययोजना

नवागत जिलाधिकारी मनीष कुमार ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों से पहली बार औपचारिक संवाद स्थापित किया। इस अवसर पर उन्होंने जिले के समग्र एवं संतुलित विकास हेतु अपनी प्राथमिकताओं, कार्यदृष्टि और मा. मुख्यमंत्री की दूरगामी योजनाओं को साझा करते हुए बताया कि चंपावत जनपद को राज्य के मॉडल जिले के रूप में स्थापित करना उनका मुख्य लक्ष्य है।

जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छ पेयजल, सड़क, आधारभूत संरचना एवं ग्रामीण आजीविका जैसे बुनियादी क्षेत्रों में समर्पित कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी विभागों में समन्वय स्थापित करते हुए माननीय मुख्यमंत्री जी के आदर्श चंपावत के सपने को साकार किया जाएगा तथा पारदर्शी, निष्पक्ष और समावेशी प्रशासन की स्थापना की जाएगी।

उन्होंने बताया कि जनपद को टीबी मुक्त बनाना, आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष रूप से संपन्न कराना, तथा आपदा प्रबंधन एवं मानसून की चुनौतियों से प्रभावी रूप में निपटना वर्तमान प्रशासन की प्राथमिक चुनौतियां हैं। इसके साथ ही जल संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं को लेकर व्यापक सुधार की दिशा में ठोस प्रयास किए जाएंगे।

प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों द्वारा जिले के विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों से जिलाधिकारी को अवगत कराया, जिनमें लोहाघाट में राष्ट्रीय राजमार्ग का विकास, जल जीवन मिशन, डामरीकरण कार्य, विभिन्न पंपिंग योजनाएं, चिकित्सा व्यवस्थाएं, ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें, पर्यटन विकास, डेंजर जोन की पहचान, देवदार वनों का संरक्षण, खेल विकास, पूर्णागिरि मार्ग की मरम्मत, कोलीढेक झील में मूलभूत सुविधाओं का सृजन, दुग्ध उत्पादन, कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सशक्तीकरण तथा Zero Tolerance नीति जैसे विषय शामिल रहे।

जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया कि इन सभी विषयों पर प्राथमिकता के आधार पर गंभीरता से कार्य किया जाएगा और जनता की अपेक्षाओं को पूर्ण करने हेतु हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि— स्वास्थ्य सेवाओं में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को सुदृढ़ बनाते हुए विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती और जरूरी उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। हर घर तक स्वच्छ पेयजल की पहुँच के साथ जल स्रोतों के संरक्षण हेतु स्थायी समाधान पर कार्य किया जाएगा। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कृषि, पशुपालन, मधुमक्खी पालन, बागवानी और पुष्प उत्पादन को प्रोत्साहित किया जाएगा।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में लापरवाही या गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी सीधे उत्तरदायी माने जाएंगे।

“जनता से संवाद और जवाबदेही हमारी कार्यशैली की बुनियाद होगी। शासन-प्रशासन में पारदर्शिता, संवेदनशीलता और उत्तरदायित्व सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।” — जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार

प्रेस वार्ता के अंत में जिलाधिकारी ने मीडिया प्रतिनिधियों के सुझावों को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि जनसरोकार से जुड़े विषयों को संवेदनशीलता के साथ सुलझाया जाएगा और जनता के साथ निरंतर संवाद बनाए रखा जाएगा।

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