चंपावत:जिलाधिकारी नवनीत पांडे की अध्यक्षता में जिला स्तरीय पुनरीक्षण समन्वय समिति (डीएलआरसी) / डीसीसी तथा आरसेटी की बैठक जिला कार्यालय सभागार में आयोजित हुई!✍️ Ashok Gulati editor in chief

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चंपावत : Ashok Gulati editor in chief

जिलाधिकारी नवनीत पांडे की अध्यक्षता में जिला स्तरीय पुनरीक्षण समन्वय समिति (डीएलआरसी) / डीसीसी तथा आरसेटी की बैठक जिला कार्यालय सभागार में आयोजित हुई। बैठक में पीएम स्वनिधि योजना, वार्षिक ऋण योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, दुग्ध संघ के दुग्ध उत्पादको हेतु केसीसी वितरण, फसल बीमा, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, पीएमईजीपी योजना, ऋण जमानुपात, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, मुख्यमंत्री राज्य पशुधन योजना, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, स्टैण्डअप इंडिया योजना एवम एनआरएलएम योजना की प्रगति सहित अन्य बिन्दुओं पर विस्तृत रूप से चर्चा हुई।
बैठक में जिलाधिकारी ने विभिन्न एजेंडा बिंदुओं पर चर्चा करते हुए सरकार की योजनाओं का लाभ जन सामान्य तक पंहुचाने हेतु सभी गांवों में आधारभूत सुविधाएं मुहैय्या कराए जाने तथा बैंकिंग सेवाओं का लाभ प्रत्येक गांव के प्रत्येक व्यक्ति तक पंहुचाने हेतु संबंधितों को निर्देशित किया। साथ ही उन्होंने बैंकों को जनपद के लगने वाले मेले अथवा महोत्सवों में बैंकिंग सुविधा मुहैया कराए जाने जाने हेतु शिविर लगाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिले के प्रत्येक क्षेत्र में निवासरत व्यक्ति तक बैंकिंग सेवाएं मुहैय्या कराना बैंक का दाइत्व है। इस हेतु सभी बैंक दिए गए लक्ष्यों को समय पर पूर्ति करते हुए बैंकों के माध्यम से संचालित योजनाओं का लाभ प्रत्येक लाभार्थी तक अवश्य पंहुचाऐं। जिलाधिकारी ने लीड बैंक प्रबंधक को निर्देश दिए कि जिस बैंक का ऋण जमा अनुपात कम हैं उसके लिए कार्य योजना बनाये। तथा जिले का ऋण जमा अनुपात जो वर्तमान में 36.75 प्रतिशत है उसे 40 प्रतिशत किया जाय।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में बिजनेस बढ़ाने का माहौल जितना सरकार द्वारा बनाया जाता है, उतना ही बैंकों का भी इसे बनाने का दायित्व बनता है। बैंक सरकार की योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने हेतु एक अभियान के तहत कार्य कर जिले की आर्थिकी को बढ़ाने में अपना पूर्ण सहयोग प्रदान करें। उन्होंने कहा कि बैंक कृषि अनुवंशी गतिविधियों में किसानों को अधिक से अधिक ऋण वितरित करें।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि वह जिले में व्यवसाय को बढ़ाएं, इस हेतु विभिन्न विभागों के माध्यम से सरकार की योजनाओं का लाभ बैंक लाभार्थी को प्रदान करें, बैंक में ऋण हेतु आने वाले प्रत्येक आवेदक को कम से कम समय पर निस्तारण कर लाभ प्रदान करें।
जिले में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की समीक्षा के दौरान कहा गया कि सभी बैंक शाखा यह प्रयास करें कि उस क्षेत्र के हरएक किसान का केसीसी बने और उसका लाभ मिले। उन्होंने दुग्धसंघ के प्रत्येक दुग्ध उत्पादक का केसीसी बनाकर उसका लाभ उन तक पंहुचाने के निर्देशन दुग्ध व पशुपालन विभाग को दिए।
बैठक में अवगत कराया गया कि दुग्धसंघ के दुग्ध उत्पादकों हेतु केसीसी में 2312 आवेदन प्राप्त हुए जिनमे से 1874 आवेदन में स्वीकृति प्राप्त हुई है।
पशुपालन विभाग द्वारा बैंको में कुल 4629 आवेदन प्राप्त हुए जिसमे 3371 आवेदन स्वीकृत हुए है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तथा मौसम आधारित फसल बीमा योजना अंतर्गत मौसम खरीफ में कुल 6514 जिसमें 6101 लोनी तथा 608 नान लोनी कृषकों का बीमा कराया गया।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत अवगत कराया की राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 1600 का वार्षिक लक्ष्य था जिसमें 1629 आवेदन पत्र प्राप्त हुए तथा 1021 के आवेदन पत्र स्वीकृत हुए हैं।
राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत अधिशासी अधिकारी नगर पालिका द्वारा अवगत कराया कि राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत 18 का वार्षिक लक्ष्य था। जिसमें 39 आवेदन पत्र प्राप्त हुए साथ ही 39 आवेदन पत्रों पर ऋण स्वीकृत एवं वितरण किया गया। इसके अलावा अधिशासी अधिकारी नगर पालिका ने अवगत कराया कि पीएम स्वनिधि योजना अंतर्गत 790 का वार्षिक लक्ष्य था। जिसके सापेक्ष 909 आवेदन पत्र प्राप्त हुए। जिसमें से 793 आवेदन पत्र पर ऋण स्वीकृत एवं वितरित किए गए। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत 3502 के ऋण में कुल 6398.79लाख की धनराशि के ऋण वितरित किए गए।
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना अंतर्गत पर्यटन विभाग द्वारा अभी तक 12 लक्ष्य के सापेक्ष बैंकों को 16 आवेदन पत्र प्रेषित किए गए हैं जिनमें से 6 आवेदन पत्र पर बैंकों द्वारा ऋण स्वीकृत किये गए है। इसके अतिरिक्त दीनदयाल उपाध्याय होमस्टे योजना अंतर्गत 14 का लक्ष्य प्राप्त हुआ था जिसके जिसमें 25 आवेदन प्राप्त हुए।
बैठक में जिलाधिकारी ने आरसेटी द्वारा स्वरोजगार हेतु संचालित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। आरसेटी पर चर्चा करते हुए निदेशक भारतीय स्टेट बैंक आरटी ने बैठक में अवगत कराया की आरसेटी प्रशिक्षण संस्थान द्वारा जनपद में 1 जुलाई से 30 सितंबर 2024 तक कुल 11 प्रशिक्षण कार्यक्रमों के अंतर्गत 298 अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। साथ ही अवगत कराया कि 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2024 तक जनपद में 52 जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
इसके अतिरिक्त बैठक में बैंकों के माध्यम से सरकारी विभागों द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की भी समीक्षा की गई।
बैठक में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी वसुंधरा गर्ब्याल, मुख्य कृषि अधिकारी डी कुमार, सहायक परियोजना निदेशक विमी जोशी, लीड बैंक अधिकारी अमर सिंह ग्वाल, एजीएम (आरबीआई) परमदीप सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा विभिन्न बैंकों के प्रबंधक आदि उपस्थित रहे।

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