Champawat: जल संरक्षण कार्यों को देखने पहुंची नोडल अधिकारी श्रीमती रश्मि रंजीता जिले में प्राक्रतिक जल स्रोतों, नौलों व अमृत सरोवरों का किया निरीक्षण! 👉सूरी पंत ब्यूरो चीफ

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चंपावत 13 नवम्बर ।

 अपने जनपद भ्रमण पर चंपावत पहुंची गृह मंत्रालय, भारत सरकार की निदेशक व नोडल अधिकारी जल शक्ति अभियान श्रीमती रंजीता रश्मि ने जनपद में विभिन्न स्थानों में पहुंचकर प्राकृतिक जल स्रोतों, नौलों, अमृत सरोवरों व नर्सरी आदि का निरीक्षण कर इनके संवर्धन संचयन के तहत किए जा रहे कार्यों का अवलोकन किया।
   सोमवार देर सायं जिला मुख्यालय पहुंचने के पश्चात जिला मुख्यालय पहुंचने के पश्चात जिला कार्यालय सभागार में संबंधित अधिकारियों के साथ जल शक्ति अभियान "कैच द रेन" के तहत समीक्षा बैठक कर आवश्यक जानकारी और दिशा निर्देश दिए। 

इससे पूर्व उन्होंने सोमवार को श्यामलाताल क्षेत्र अंतर्गत जल शक्ति अभियान के तहत विभिन्न जल स्रोतों तथा नलों में जल संरक्षण एवं संवर्धन के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया।
जिला कार्यलय सभागार में अधिकारियों के साथ जल शक्ति अभियान के तहत समीक्षा बैठक में प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जिले में जल शक्ति अभियान अंतर्गत जल संचय, जल संरक्षण, जल संवर्धन, पौधारोपण अभियान, समेत गंडक नदी पुनर्जन्म तथा नौला सुधार कार्यक्रमों आदि के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई। साथ ही जल संरक्षण व संचयन हेतु तैयार विभिन्न कार्यों झील, सरोवरो, चाल खाल आदि के निर्माण के साथ भविष्य हेतु प्रस्तावित परियोजनाओं की जानकारी भी दी गई।
उन्होंने कहा कि जल संवर्धन व संचयन के क्षेत्र में चल रहे कार्यों को प्राकृतिक स्रोतों, नौलों आदि को सहेजने की आवश्यकता है इसलिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग के प्रति लोगों को और अधिक जागरूक करें, साथ ही उन्होंने कहा कि जनपद की गंडक नदी के पुनर्जीवन, संचयन व संवर्धन पर अधिक से अधिक कार्य करें। उन्होंने कहा कि नौला यहां की संस्कृति धरोहर एवं यहां के इतिहास को दिखाता है इसे संरक्षित किया जाए। इस क्षेत्र में प्राथमिकता देते हुए कार्य किये जाए तथा उनके पुनर्जन्म का कार्य भी कराया जाए।
मंगलवार को श्रीमती रंजिता ने जिला मुख्यालय के नर्सिंग कॉलेज अंतर्गत रैन वाटर हार्वेस्टिंग टैंक का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारे जल का मुख्य स्रोत वर्षा का जल है और इसलिए हमारे जल स्रोतों को अधिकतम मात्रा में वर्षा से प्राप्त जल को जमा करने के लिए तैयार रहना चाहिए।
इसके पश्चात उन्होंने देवीधुरा रेंज के भूतली नाला निरीक्षण करने के अलावा नघान पहुंचकर नघान अमृत सरोवर तथा बाजगांव खेतीखान में अमृत सरोवर के तहत कराए गए कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया।
इसके अतिरिक्त उन्होंने धरोंज में क्षेत्रीय भ्रमण कर धरोंज में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से वार्ता कर जल शक्ति अभियान में नारी शक्ति के योगदान के संबंध में चर्चा की और उनकी समस्याओं के समाधान पर अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।
साथ ही उन्होंने कहा की जल संवर्धन व संचयन के क्षेत्र में चल रहे कार्यों को प्राकृतिक स्रोतों, नौलों आदि को सहेजने की आवश्यकता हैं, और जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन पर ध्यान तथा आवश्यकता पर ज़ोर देने से युवा जल के महत्त्व को समझ सकेंगे। इसलिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग के प्रति लोगों को और अधिक जागरुक करें।

बैठक में एवं भ्रमण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह, जिला विकास अधिकारी दिनेश सिंह दिगारी,अधिशासी अभियंता सिंचाई तरुन बंसल, लघु सिंचाई प्रशांत कुमार, पेयजल निगम, जल संस्थान, उपप्रभागीय वनाधिकारी नेहा चौधरी, खंड विकास अधिकारी चंपावत चंपावत, लोहाघाट, पाटी, तथा अन्य विभागीय अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

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