चंपावत : वर्षा जल संचयन हेतु जनपद में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग पर भी किए जाएं अभिनव प्रयास: श्रीमती रंजीता रश्मि जल शक्ति अभियान नोडल अधिकारी @ ✍️ अशोक गुलाटी editor-in-chief. live

खबर शेयर करें -

”तीन दिवसीय जनपद भ्रमण पर पहुंची जल शक्ति अभियान की नोडल अधिकारी श्रीमती रंजीता रश्मि द्वारा मंगलवार को जिला कार्यालय सभागार में जल शक्ति अभियान अंतर्गत जिले में जल संचय, जल संरक्षण हेतु किये जा रहे कार्यों की समीक्षा के साथ ही उन्होंने मंगलवार को जिले के विभिन्न क्षेत्रों, लोहाघाट झुमाधुरी आदि क्षेत्रों में जल संरक्षण में कराये गए कार्यों का स्थलीय निरीक्षण भी किया, तथा पौध भी रोपित किए…

चंपावत 3 सितंबर |अशोक गुलाटी editor-in-chief. live

चंपावत: लाइव

तीन दिवसीय जनपद भ्रमण पर पहुंची जल शक्ति अभियान की नोडल अधिकारी श्रीमती रंजीता रश्मि द्वारा मंगलवार को जिला कार्यालय सभागार में जल शक्ति अभियान अंतर्गत जिले में जल संचय, जल संरक्षण हेतु किये जा रहे कार्यों की समीक्षा के साथ ही उन्होंने मंगलवार को जिले के विभिन्न क्षेत्रों, लोहाघाट झुमाधुरी आदि क्षेत्रों में जल संरक्षण में कराये गए कार्यों का स्थलीय निरीक्षण भी किया, तथा पौध भी रोपित किए।
जिला कार्यालय सभागार में जिलाधिकारी नवनीत पांडे द्वारा निदेशक गृह मंत्रालय तथा नोडल अधिकारी जल शक्ति अभियान श्रीमती रंजीता रश्मि का स्वागत करते हुए प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जिले में जल शक्ति अभियान अंतर्गत जल संचय, जल संरक्षण, जल संवर्धन, पौधारोपण अभियान समेत गंडक नदी पुनर्जन्म तथा नौला सुधार कार्यक्रमों आदि के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई।
जिलाधिकारी ने जल संरक्षण व संचय हेतु तैयार विभिन्न कार्यों झील, सरोवर, चाल खाल, खंतियों के निर्माण के साथ ही भविष्य हेतु प्रस्तावित परियोजनाओं की जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि जिले में जल संचय व संरक्षण हेतु कोलीढेक झील के साथ ही 75 अमृत सरोवरों का निर्माण किया गया है। इसके साथ ही मनरेगा तथा अन्य योजनाओं के साथ (डपटेलिंग) मिलकर जल संवर्धन के कार्य जिसमें चाल-खाल, खंतिया एवं चेक डैम, जल समरण टैंक, जल कुंड आदि का निर्माण किया गया है।जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि इसी अभियान के अंतर्गत हरेला पर्व मनाया गया जिसके अंतर्गत इस मानसून काल में वर्तमान तक जन सहभागिता से 7 लाख से अधिक पौधों का रोपण जिले में कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त 489 नौलों को जिले में चिन्हित किया गया है। जिनके संरक्षण पुनर्जनन वह संवर्धन हेतु विभिन्न एजेंसीयों के माध्यम से सर्वे कर डीपीआर तैयार कर कार्य प्रस्तावित है। जिलाधिकारी ने कहा कि सारा परियोजना अंतर्गत भी जिले में विभिन्न स्थानों में जल संवर्धन के कार्य कराए जा रहे हैं। जिला मुख्यालय में स्थित गंडक नदी का पुनर्जनन हेतु कार्यवाही गतिमान है। जनपद के 15 अधिकारियों को अलग-अलग जोन तैयार कर नोडल अधिकारी का दायित्व सोपा गया है जिले में 75 जो अमृत सरोवर बनाए गए हैं। इस वर्ष उनमें विशेष सफाई अभियान चलाकर उनके समीप भी पौधारोपण का कार्य किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि जल संरक्षण व जल संचय के अंतर्गत जिला मुख्यालय में कुर्म सरोवर तथा डिपटेश्वर झील का निर्माण प्रस्तावित है। इस संबंध में कार्यवाही तेजी से गतिमान है।
बैठक में जिले में वन विभाग, ग्राम्य विकास विकास, सिंचाई विभाग, रीप आदि विभागों के द्वारा जल शक्ति अभियान के अंतर्गत किए गए कार्यों की जानकारी दी गई।
बैठक में निदेशक श्रीमती रंजिता ने जिले में वन विभाग द्वारा जल संरक्षण के क्षेत्र में कराए गए कार्यों की सराहना की। साथ ही कहा कि जिले में रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर भी कार्य किया जाए। उन्होंने जिले में महिला समूह के द्वारा भी इस क्षेत्र में कराये जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सहभागिता बेहतर हो उनके उत्पादों, सामग्री को बेहतर मूल्य और बाजार उपलब्ध हो इस क्षेत्र में भी कार्य किया जाए। उन्होंने जिले में नौला सुधार के क्षेत्र में किये जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि नौला यहां की संस्कृति, धरोहर एवं यहां का इतिहास को दिखाता है। इसे संरक्षित किया जाए। इस क्षेत्र में प्राथमिकता देते हुए कार्य किए जाएं तथा उनके पुनर्जनन का कार्य कराया जाए। उन्होंने जिला मुख्यालय के युवा उद्यमी कमल गिरी का जिक्र करते हुए कहा कि उनके द्वारा सेब उत्पादन सहित औद्यानिकी के क्षेत्र में किये जा रहे उत्कृष्ट कार्य की सराहना करते हुए अन्य युवाओं को भी इसी प्रकार आगे जाकर स्वरोजगार को अपनाने की अपील युवाओं से की। बैठक में नौला फाउंडेशन से आये गिरधर बिष्ट तथा इंटेक की ओर से प्रोमिता सरकार द्वारा नौला सुधार सर्वेक्षण के क्षेत्र में किये जा रहे कार्यों ,अनुभवों को पीपीटी के माध्यम से सांझा किए। बैठक में कृषि विज्ञान केन्द्र से आए वैज्ञानिकों द्वारा भी जिले में जल संरक्षण हेतु किए जा रहे कार्यों सहित किसानों को इस संबंध में समय समय पर उपलब्ध प्रशिक्षण कार्यों की जानकारी दी गई।

इससे पूर्व निदेशक गृह मंत्रालय श्रीमती रंजीता द्वारा विकास भवन में स्थित जल शक्ति केंद्र का भी निरीक्षण कर जिले में जल संरक्षण संवर्धन हेतु किये जा रहे कार्यों, ऑनलाइन कार्यों तथा जियो टैगिंग के बारे में जानकारी ली गई
बैठक में आयोग के …..>

वरिष्ठ वैज्ञानिक परवेज अहमद, प्रभागीय वनाधिकारी आरसी कांडपाल, मुख्य विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह, जिला विकास अधिकारी दिनेश सिंह दिगारी, सहायक परियोजना निदेशक विमी जोशी, अधिशासी अभियंता सिंचाई तरुण बंसल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। संचालन अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई प्रशांत कुमार द्वारा किया गया।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad