बिग ब्रेकिंग नई दिल्ली: सी डब्ल्यू सी की बैठक कल [बुधवार] को नैनीताल हरिद्वार, के नामों पर लगा सकती है !@ हरीश रावत सहित बड़े नेताओं की प्रदेश प्रभारी के साथ बैठक& नैनीताल से यशपाल आर्य/ हरिद्वार से हरीश रावत पर मोहर लगा लगभग तय?+Ashok Gulati editor in chief

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नई दिल्ली: सी डब्ल्यू सी की बैठक कल [बुधवार] को नैनीताल हरिद्वार, के नामों पर लगा सकती है !@ हरीश रावत सहित बड़े नेताओं की प्रदेश प्रभारी के साथ के बैठक& नैनीताल से यशपाल आर्य/ हरिद्वार से हरीश रावत पर मोहर लगा लगभग तय?+Ashok Gulati editor in chief…..

लोकसभा सीटों पर प्रत्याशियों का एलान कर भाजपा अब नामांकन की तैयारी में जुट गई है। उधर, कांग्रेस में हरिद्वार और नैनीताल लोकसभा सीटों पर टिकट को लेकर मारामारी जारी है।कांग्रेस केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक से पहले आज प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं के साथ प्रदेश प्रभारी शैलजा कुमारी ने बैठक की। हरीश रावत, करन माहरा, यशपाल आर्य व प्रीतम सिंह इस दौरान बैठक में मौजूद रहे। पार्टी को उत्तराखंड की दो लोकसभा सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा करने की है। कल बैठक होने जा रही है जिसमें नैनीताल एवं हरिद्वार की सीट पर नाम की मोहर लग जाएगी। ध्यान देने की बात यह है कि लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने गढ़वाल, टिहरी और अल्मोड़ा सीट पर प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। जबकि हरिद्वार और नैनीताल सीट पर प्रत्याशियों को लेकर पेच फंसा है। गढ़वाल सीट से गणेश गोदियाल, टिहरी से जोत सिंह गुनसोला और अल्मोड़ा से प्रदीप टम्टा को चुनाव मैदान में उतारा है। इसमें गोदियाल और गुनसोला पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। वहीं, टम्टा तीसरी बार चुनाव मैदान में होंगे।

केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में गहन मंत्रणा के बाद कांग्रेस ने उत्तराखंड की पांच सीटों में से तीन पर प्रत्याशियों की घोषणा कर दी थी। दो बार के विधायक और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रहे गणेश गोदियाल पर कांग्रेस ने गढ़वाल सीट पर दांव लगाया है।

जबकि मसूरी विधानसभा सीट से 2002 व 2007 में विधायक चुने गए जोत सिंह गुनसोला को पार्टी ने टिकट दिया। उनके सामने इस सीट पर राजशाही का तिलिस्म तोड़ने की चुनौती है। आरक्षित अल्मोड़ा सीट पर इस बार भी प्रदीप टम्टा पर दांव लगाया है। 2009 के लोकसभा चुनाव में इस सीट पर टम्टा सांसद चुने गए थे। जबकि 2014 और 2019 के चुनाव में उन्हें हार मिली।
कांग्रेस प्रचार में पिछड़ रही
भाजपा की तुलना में कांग्रेस प्रचार में पिछड़ रही है। हरिद्वार संसदीय सीट से भाजपा प्रत्याशी त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रचार के लिए मोर्चा संभाल लिया है। उधर, गढ़वाल संसदीय सीट पर अनिल बलूनी भी प्रचार में उतर गए हैं, लेकिन कांग्रेस में हरिद्वार और नैनीताल सीट पर प्रत्याशियों के नामों को लेकर सहमति नहीं बन रही है।

कई दावेदार होने से आपसी खींचतान
आपसी खींचतान के कारण केंद्रीय चुनाव समिति ने दोनों सीटों पर टिकट प्रतीक्षा में रख दिया है। हरिद्वार सीट से पूर्व सीएम हरीश रावत अपने बेटे वीरेंद्र रावत के लिए टिकट मांग रहे हैं, जबकि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा इस बात पर अड़े हैं कि यहां से हरीश रावत खुद चुनाव लड़े या फिर उन्हें मौका दिया जाए। नैनीताल सीट पर कई दावेदार होने से आपसी खींचतान चल रही है।

यहां से यशपाल आर्य, भुवन कापड़ी, महेंद्र पाल, रणजीत रावत, प्रकाश जोशी के नामों की चर्चा है। इन नामों में यशपाल आर्य के नाम पर तकरीबन सहमति है, पर आर्य चुनाव लड़ने के इच्छुक नहीं बताए जा रहे हैं। हालांकि, पार्टी में एक बड़ा वर्ग नैनीताल-ऊधम सिंह नगर सीट के जातीय समीकरण के हिसाब से आर्य को मजबूत प्रत्याशी के तौर पर देख रहा है। उच्च विश्वसनीय पदस्थ सूत्रों के मुताबिक नैनीताल उधम सिंह नगर से यशपाल आर्य तथा हरिद्वार से हरीश रावत के नाम की घोषणा हो जाएगी ,यदि हरीश रावत के नाम की समिति नहीं बनती है ,तो नया चेहरा पर कांग्रेस पार्टी दाव खेल सकती है? परंतु इसकी संभावना कम है। परंतु राजनीति मैं कुछ भी संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता ?

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