देहरादून: मुख्यमंत्री ने राज्य सड़क सुरक्षा परिषद बैठक में जनपदों में जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा सड़कों के किनारे लगने वाले अतिक्रमण को रोकने के लिए सघन अभियान चलाया जाए; पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा यातायात प्रबंधन के लिए जो कैमरे लगाये गये हैं, उनका इंटीग्रेशन किया जाए@  

खबर शेयर करें -

देहरादून 09 जनवरी, । विशेष संवाददाता

       सड़क दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी प्रयास किये जाएं। राज्य के सभी चिन्हित  मार्गों पर क्रैश बैरियर का अवशेष कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ चारधाम यात्रा से पहले पूर्ण किया जाए। ब्लैक स्पॉट पर नियमित रूप से रोड सेफ्टी ऑडिट किया जाए। राज्य के पर्यटक स्थलों के आस-पास जहां पर वाहनों के पार्किंग की व्यवस्था की गई है, उन क्षेत्रों में वाहन चालकों के लिए डोरमिट्री की व्यवस्था भी की जाए। सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत बिना लाइसेंस के वाहन चलाने, नशे में वाहन चलाने वालों और यातायात के अन्य नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नियमानुसार सख्त कारवाई की जाए। यह निर्देश मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक के दौरान अधिकारियों को दिये।
        मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन कारणों से सड़क दुघर्टनाएं अधिक हो रही हैं, इनको रोकने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाए। चिन्हित मार्गों पर क्रैश बैरियर के कार्यों की धीमी प्रगति पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित कार्यदाई संस्थाओं के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये कि जन सुरक्षा से संबधित ऐसे महत्वपूर्ण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि जनपदों में जिन स्थानों पर सड़क दुर्घटनाएं अधिक हो रही हैं, और वे अभी तक चिन्हित नहीं हुए हैं, सभी जिलाधिकारी जल्द ही ऐसे स्थलों को चिन्हित कर लें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए लघु फिल्में बनाकर व्यापक स्तर पर प्रचार और प्रसार किया जाए। स्कूलों में भी सड़क सुरक्षा से संबंधित जागरूकता की जानकारी स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल की जाए।मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को सड़कों के किनारे हो रहे अतिक्रमण को रोकने के लिये प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिये। इसके लिए पुलिस, नगर निगम, एमडीडीए और जिला प्रशासन लगातार कार्यवाही करें। जनपदों में भी जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा सड़कों के किनारे लगने वाले अतिक्रमण को रोकने के लिए सघन अभियान चलाया जाए। पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा यातायात प्रबंधन के लिए जो कैमरे लगाये गये हैं, उनका इंटीग्रेशन किया जाए।  
        बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य में 165 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किये गये हैं, जिनमें से 129 का सुधार किया गया है एवं 29 के सुधारीकरण की कार्यवाही गतिमान है। 43 ब्लैक स्पॉट ऐसे हैं जिनमें सुधार किये जाने के बाद कोई दुर्घटना नहीं हुई। सड़क सुरक्षा जागरूकता के लिए परिवहन विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा पर आधारित 52 हजार पुस्तकें शिक्षा विभाग को उपलब्ध कराई गई हैं। जनपदों में चिल्ड्रन ट्रैफिक पार्कों की स्थापना की जा रही है। पुलिस द्वारा ट्रैफिक आई -ऐप के माध्यम से जागरूकता, ट्रैफिक कार्टून बुक्स एवं जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
         बैठक में मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु, अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, श्री आनन्द बर्द्धन, डीजीपी श्री अभिनव कुमार, सचिव श्री अरविन्द सिंह ह्यांकी, श्री रविनाथ रमन, श्री एच.सी. सेमवाल, सचिव एवं गढ़वाल कमिश्नर श्री विनय शंकर पाण्डेय एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad