खटीमा: कॉलेज गई युवती हुई लापता; नागरिकों ने एसएसआई का घिराव किया@ दीपक यादव ब्यूरो चीफ की रिपोर्ट

खबर शेयर करें -

(दीपक यादव ब्यूरो चीप की रिपोर्ट ) खटीमा के झनकट क्षेत्र निवासी शिवजेश्वर ने खटीमा कोतवाली में अपनी पुत्री की गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज करते हुए बताया कि उनकी पुत्री कल्पना सोमवार सुबह 10 बजे अपने घर से कॉलेज में फॉर्म भरने हेतु जाने के लिए निकली थी जो कि तब से ही लापता है। उनकी पुत्री का मोबाइल घर पर ही बरामद हुआ। शाम तक पुत्री के घर न लौटने की स्थिति में परिवार वालों ने पुत्री की सहेलियों एवं रिश्तेदारों से कल्पना के बारे में पता किया पर कोई जानकारी नहीं मिल सकीं। जिसके बाद कल्पना के परिजनों ने खुद कल्पना को खोजने की कोशिश करी परंतु गुमशुदा कल्पना की कोई खोज खबर ना मिल सकी। जिसके उपरांत कल्पना के परिजनों ने खटीमा कोतवाली में कल्पना की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करते हुए शक जाहिर किया कि उनके पड़ोस में दुकान चलाने वाला वाहिद जोकि इस्लामनगर खटीमा का निवासी है। पूर्व में कई बार कल्पना के साथ अश्लील हरकत कर चुका है एवं उसने कई बार कल्पना के मोबाइल पर अश्लील मैसेज भी भेजे थे। जिस पर परिवार जनों के विरोध जताने के कारण वाहिद उनकी पुत्री और उनसे रंजीश रखता है। परिजनों ने शक जाहिर किया कि उनकी पुत्री की गुमशुदगी में वाहिद का हाथ भी हो सकता है। गुमशुदा कल्पना के चाचा श्रवण कुमार ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि कल्पना सोमवार सुबह 10 बजे घर से निकली थी आज तीसरा दिन है परंतु उसका कोई पता नहीं चल सका है। हमने रिपोर्ट दर्ज कराई है अधिकारी जल्द ही कल्पना को ढूंढने का आश्वासन दे रहे हैं। वही इस बारे में जानकारी देते हुए खटीमा कोतवाली के एसएसआई अशोक कुमार ने बताया कि झनकट क्षेत्र निवासी शिवजेश्वर ने अपनी पुत्री की गुमशुदगी दर्ज कराई है। हमारे द्वारा जांच शुरू कर दी गई है सोशल मीडिया अकाउंट खंगाले जा रहे हैं …

श्रवण कुमार – गुमशुदा युवती के चाचा /अशोक कुमार – एसएसआई खटीमा कोतवाली

अन्य लोगों से भी पूछताछ जारी है। साथ ही हमारी आम जनता से भी अपील है कि यदि उक्त गुमशुदा युवती के बारे में कोई जानकारी मिले तो पुलिस से साझा करें जिससे गुमशुदा युवती को तलाश में पुलिस को मदद मिल सके।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad