ब्रेकिंग चंपावत:: 1 जून से 3 जून तक रीठा साहिब में होने वाले “जोड़ मेले- 2023” की आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गुरुद्वारा रीठा साहिब के सभागार में बैठक का आयोजन किया गया!!

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चम्पावत 16 मई विशेष संवाददाता।

   जनपद चंपावत के रीठा साहिब में होने वाले *"जोड़ मेले- 2023"* की आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर मंगलवार को जिलाधिकारी नरेंद्र सिंह भंडारी की अध्यक्षता में गुरुद्वारा रीठा साहिब के सभागार में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के अध्यक्ष बाबा स्याम सिंह द्वारा जिलाधिकारी सहित सभी का स्वागत किया गया। 
    बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि आगामी 1 जून से 3 जून 2023 को आयोजित होने वाले जनपद के सुप्रसिद्ध जोड़ मेले में पेयजल, बिजली, सड़क, चिकित्सा आदि सभी आवश्यक व्यवस्थाएं चाक-चौबंद होनी चाहिए। यह मेला हमारे जनपद के साथ साथ राज्य व देश- विदेश में भी विशेष पहचान रखता हैं। इसीलिए मेले के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना ना करना पड़े। साथ ही मेले के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था व लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी ने गुरुद्वारा प्रबंधन समिति की मांग पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं जुटाने के भी निर्देश अधिकारियों दिए। उन्होंने सड़क मार्ग, पेयजल, बिजली आदि की आपूर्ति सुचारु रखने के निर्देश दिए। 
 गुरुद्वारा के प्रबंधक बाबा श्याम सिंह द्वारा मेले के दौरान क्षेत्र में पार्किंग स्थल की समस्या जिलाधिकारी के सम्मुख रखी। जिस पर जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग को उप जिलाधिकारी के नेतृत्व में मेला परिसर में जितने भी पार्किंग संभावित स्थल हैं उनमें एक सप्ताह के भीतर अस्थाई पार्किंग निर्माण करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने पीडब्ल्यूडी से कहा कि सड़क मार्ग में बैरियर लगाए जाने व सुरक्षात्मक कार्य के लिए प्रस्ताव भेजें उन्हें अनटाइड फ़ंड से 3 दिन के भीतर धनराशि दे दी जाएगी। सिंचाई विभाग द्वारा वर्तमान में सुरक्षा के जो भी कार्य गतिमान है उन्हें भी पूर्ण कर लिया जाए।
   इसके साथ ही जिलाधिकारी ने कहा कि मेले के दौरान दुग्ध विभाग व एनआरएलएम महिला समूह द्वारा स्थानीय उत्पादों के स्टॉल लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा जहां जहां नदी में अधिक गहराई है और खतरा है या ऐसे स्थान जहां विगत वर्ष में अप्रिय घटना हुई है उनकी रोकथाम के लिए ऐसे संभावित स्थानों में सिंचाई विभाग द्वारा एक सप्ताह के भीतर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं। साथ ही एक सप्ताह में उप जिलाधिकारी पाटी सभी विभागों के साथ व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे कि कितने कार्य किए जा चुके हैं और कितने कार्य होने शेष हैं।

मेले के दौरान जिला पंचायत द्वारा लगभग 70 अस्थाई शौचालयों का निर्माण क्षेत्र में किया जाएगा और जल संयोजन की व्यवस्था जल संस्थान द्वारा की जाएगी। उन्होंने कहा कि खुले में शौच न हो इसके लिए पर्याप्त संख्या में शौचालयों का निर्माण किया जाएगा। श्री भंडारी ने कहा कि जल संस्थान क्षेत्र में जिन भी स्थानों में पानी की आवश्यकता है या जिन स्थानों में गुरुद्वारा समिति द्वारा लंगर लगाए जाते हैं उन स्थानों (टनकपुर से रीठा साहिब तक) के सभी पड़ावो में पानी की पूर्ण व्यवस्था की जाए।तथा उपजिलाधिकारी इन पड़ावों को चिह्नित कर अनुमति भी प्रदान करेंगे। पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पींचा ने बताया कि मेले के दौरान नदी के पास जल पुलिस की तैनाती की जाएगी ताकि वहां पर किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को होने से रोका जा सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि मेला क्षेत्र में सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही विद्युत विभाग पूरे मेला अवधि के दौरान विद्युत व्यवस्था सुचारू रखेगा। इसके साथ ही लाइनमैन व टेक्निकल स्टाफ मेले के दौरान तैनात रहेंगे। साथ ही सभी विभागों के कर्मचारी जिनके द्वारा यहां कार्य किया जाना है 28 मई तक कार्य पूर्ण कर लें, और 31 मई से यहां कर्मचारी तैनात रहेंगे। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता न होने पाए।
उन्होंने परियोजना अधिकारी उरेडा को निर्देश देते हुए कहा कि उनके द्वारा लगाई गई लाइटें जो खराब हो गई है मेले से पहले सही कर ली जाए यदि संभव हो सके तो नई लाइटें भी लगाई जाए।
साथ ही उन्होंने कहा कि 2 चिकित्सक व एंबुलेंस पूरे मेला अवधि में 24 घंटे यहां तैनात रहेंगे साथ ही पर्याप्त मात्रा में दवाई विशेष रूप से सांपों के डसने से संबंधित दवाई एंटी वेनम की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में रखी जाए व 108 वाहन ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के साथ उपलब्ध रहे। इस संबंध में एसडीएम विशेष रूप से इन दवाइयों की जांच करेंगे।
जो चिकित्सक यहां तैनात हैं वह अन्य स्टाफ के साथ तैनात रहेंगे।
जिलाधिकारी ने कहा कि इस दौरान वाहन दुर्घटनाओं को रोके जाने हेतु दोपहिया और चौपहिया वाहनों के नियंत्रण हेतु पुलिस व परिवहन विभाग द्वारा लगातार जगपुडा पुल से रीठा साहिब तक निगरानी की जाएगी।
जिला पंचायत द्वारा पूरे गुरुद्वारा परिसर में डस्टबिन रखे जाएंगे। जिला पंचायत द्वारा जो भी व्यवस्था की जानी हैं,वह शीघ्रता से करने के साथ ही ल उसके प्रस्ताव भेजे ताकि धनराशि उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा जाने वाले मार्ग में स्थानीय लोगों द्वारा दुकानें बाहर की ओर लगाई गई है जिससे वाहनों की आवाजाही में दिक्कत होती है दुकानें बाहर न लगे इस हेतु जिला पंचायत स्थानीय लोगों से वार्ता कर मार्ग दुरुस्त रखें। इस अवधि में वाहनों का गुरुद्वारा परिसर में प्रवेश पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। निर्मित पार्किंग स्थल में ही वाहन पार्क किए जाएंगे। नदी में जो भी सुरक्षात्मक कार्य किए जाने हैं वह कर लिए जाए। साथ ही नदी में अस्थाई मार्ग बनाया जाए। जिससे कि नदी के आर पार भी आवाजाही आसानी से हो सके।
बैठक का संचालन उपजिलाधिकारी पाटी अनिल कुमार चन्याल द्वारा किया गया।
बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक देवेंद्र सिंह पींचा, मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र सिंह रावत, अपरजिलाधिकारी हेमन्त कुमार वर्मा, समेत स्थानीय लोग आदि उपस्थित रहे।

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