बागेश्वरजिलाधिकारी अनुराधा पाल ने जड़ी-बूटी को बढ़ावा दिए जाने एवं उससे रोजगार सृजन के सम्बन्ध में अधिकारियों की बैठक लेते हए कहा कि वन क्षेत्र को आर्थिकी का महत्त्वपूर्ण संसाधन बनाया जा सकता है।

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बागेश्वर 11 अप्रैल, विशेष संवाददाता
जिलाधिकारी अनुराधा पाल ने जड़ी-बूटी को बढ़ावा दिए जाने एवं उससे रोजगार सृजन के सम्बन्ध में अधिकारियों की बैठक लेते हए कहा कि वन क्षेत्र को आर्थिकी का महत्त्वपूर्ण संसाधन बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जनपद में वनों को आर्थिकी से जोड़ने की आवश्यकता है। हम वनों एवं पर्यावरण को बिना नुकसान पहुंचाए इनसे प्राप्त होने वाली जड़ी-बूटियों के माध्यम से जनपद में रोजगार सृजन और आर्थिकी को सुधारने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

  उन्होंने प्रभागीय वनाधिकारी को निर्देश दिए कि सभी जनपद के वन क्षेत्रों में जड़ी-बूटियों की सम्भावनाओं को तलाशते हुए प्रस्ताव तैयार किए जाएं। संबंधित विभाग हितधारकों से संवाद स्थापित कर के इस कार्य में आ रही समस्याओं और उनके निराकरण पर कार्य किया जाए। इसमें वन पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय लोगों को साथ लेकर जड़ी बूटियों का उत्पादन अधिक बढ़ाए जाने की दिशा पर प्रयास किए जाए। उन्होंने कहा कि जड़ी बूटियों के उत्पादन और चुगान के लिए श्रमिकों के प्रशिक्षण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा वनों से प्राप्त होने वाली जड़ी-बूटियों को अधिक से अधिक बढ़ावा देकर रोजगार सृजन किया जा सकता है।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी संजय सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी हिमांशु बागरी, जिला उद्यान अधिकारी आरके सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी व कृषक भीम सिंह, भाजी चन्द्र, गोविन्द बिष्ट आदि मौजूद थे।  

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