ब्रेकिंग खटीमा (उधम सिंह नगर) युवा सीएम का गृह क्षेत्र! “चिराग तले अंधेरा”👉😲अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगा 1953 में निर्मित झनकईया पुल हुआ जर्जर? 🙄कभी भी घट सकती है बड़ी दुर्घटना+अशोक सरकार ब्यूरो चीफ/दीपक यादव संवाददाता की :-रिपोर्ट

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अजय कपूर स्थानीय किसान खालीमहुवट खटीमा
अजय भट्ट केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री भारत सरकार

खटीमा (उधम सिंह नगर )अशोक सागर ब्यूरो चीफ/दीपक यादव संवादाता की रिपोर्ट /किसी ने सही कहा है चिराग तले अंधेरा ही होता है यह कहावत युवा मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र में साबित हो गई है जंजर हालत में हालत में हो चुका पुल कभी भी धराशाई होकर गिर सकता है। विवरण के मुताबिक उधम सिंह नगर के खटीमा में मेलाघाट रोड पर अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगा हुआ लगभग 70 वर्षीय 1953 में निर्मित झनकईया पुल की हालत हुई जर्जर। पुल की एप्रोच में पड़े दरार भारी वाहनों के लिए बना खतरा। पुल टूटने से भारी क्षति होने की बनी आशंका। आपको बता दें कि 1953 में निर्मित यह पुल भारत नेपाल सीमा पर स्थित आबादी के साथ ही नेपाल और उत्तर प्रदेश के हजारों लाखों की आबादी को जोड़ता है। पुल के निचले हिस्से में आई दरार के कारण यह पुल भारी वाहनों के आवागमन हेतु खतरा साबित हो सकता है। समय रहते यदि पुल की स्थिति की ओर ध्यान नहीं गया तो पुल कभी भी किसी बड़े हादसे की वजह बन सकता है और क्षेत्र के हजारों किसान भी प्रभावित हो सकते हैं। वहीं पुल टूटने से भारी क्षति और परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, जबकि इसकी जर्जर हालत को देखते हुए स्थानीय लोगों द्वारा कई बार आवाज उठाई गई है लेकिन शासन प्रशासन इस संबंध में कोई ठोस कदम उठाने को तैयार नहीं है। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस पुल के टूटने से भारी क्षति हो सकती है, साथ ही इस पुल की कई बार अस्थाई मरम्मत भी हो चुकी है। कुछ समय पहले पीडब्ल्यूडी द्वारा भी इस पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाया गया था जबकि भारी वाहनों का आवागमन लगातार जारी है। वहीं इस पुल के पास शारदा तट पर गंगा स्नान का भारी मेला भी लगता है और पूर्णागिरि मेले के दौरान इस पुल से प्रतिदिन हजारों लोगों और वाहनों का आवागमन भी रहता है। वहीं स्थानीय लोगों ने एक नए पुल के निर्माण की मांग शासन प्रशासन से की है।..

अजय कपूर स्थानीय किसान खालीमहुवट खटीमा
निर्मल सिंह स्थानीय किसान बगुलिया खटीमा
निर्मल सिंह स्थानीय किसान बगुलिया खटीमा

वहीं स्थानीय किसान अजय कपूर और निर्मल सिंह ने बताया कि पुल की जर्जर हालत को देखते हुए एक नए पुल के निर्माण की जरूरत है क्योंकि पुल टूटने से भारी क्षति हो सकती है और बहुत बड़ी आबादी का संपर्क भी टूट सकता है।
वहीं केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट ने बताया कि इस पुल के निरीक्षण और विस्तृत जानकारी के बाद यदि कोई कमी पाई जाती है तो कार्रवाई की जाएगी।

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