बेकिंग बनबसा (चंपावत‌‌) भारत नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा बनबसा शारदा बैराज पर पुलिस प्रशासन की पैनी 👁️! असामाजिक तत्वों में हड़कंप मचा👉😲 नेपाल में संचालित कैसिनो में नियमित रूप से जाने वाले जुआरियों की बन रही है सूची? ✔️सुन्दर बहादुर ब्यूरो चीफ की खास रिपोर्ट ग्राउंड जीरो से -: लाइव

खबर शेयर करें -
हेमंत कुमार कठैत चौकी इंचार्ज पुलिस चौकी शारदा बैराज बनबसा

‌ बनबसा ,(चंपावत )सुंदर बहादुर ब्यूरो चीफ चंपावत के बनबसा से है। भारत नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित रिपोर्टिंग पुलिस चौकी शारदा बैराज बनबसा में उच्चाधिकारियों के आदेश पर पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। वहीं पुलिस अधीक्षक चंपावत के आदेश के क्रम में भारत नेपाल सीमा पर आवागमन और पारगमन करने वाले सभी नागरिकों की लगातार गहनता से चेकिंग की जा रही है। आपको बता दें कि नेपाल में संचालित कैसिनो में जाकर जुआ खेलने वालों पर पुलिस प्रशासन की पैनी नजर है। बनबसा पुलिस प्रशासन ने अनावश्यक और बार-बार नेपाल जाने वालों का डाटा बनाना शुरू कर दिया है। नेपाल सीमा के अंदर 25 हजार रूपए प्रति व्यक्ति से अधिक ले जाना नियम विरुद्ध है। इसलिए सीमा पर आवागमन और पारगमन करने वाले प्रत्येक नागरिकों तथा संदिग्धों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और आने जाने वाले वाहनों की भी चेकिंग तथा पूछताछ की जा रही है। वहीं इस मामले में पुलिस चौकी शारदा बैराज बनबसा के चौकी इंचार्ज एसआई हेमंत सिंह कठैत ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के आदेश के क्रम में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर आवागमन और पारगमन करने वाले प्रत्येक नागरिकों और वाहनों की चेकिंग की जा रही है।…

पुलिस द्वारा की जा रही चेकिंग
हेमंत कुमार कठैत चौकी इंचार्ज पुलिस चौकी शारदा बैराज बनबसा

साथ ही उन्होंने बताया कि नेपाल में संचालित कैसिनो में नियमित रूप से जाने वाले लोगों का डेटाबेस तैयार किया जा रहा है, ऐसे लोगों की सूची बनाकर उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इधर सूत्रों के मुताबिक कैसिनो में जाकर जुआ खेलने वालों जुआरियों लाखों रुपया लुटा कर आ जाते हैं इसको प्रशासन ने गंभीरता से लिया है अगर 25000 से भी ज्यादा किसी के पास रुपया होगा तो उसे बताना होगा यह धनराशि किस लिए लेकर जा रही है। वरना 25,000 से अधिक की धनराशि जप्त कर ली जाएगी। प्रशासन की

सख्ती से जुआ खेलने वाले जुआरियों प्रेमियों
में हड़कंप मचा हुआ है।।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad