चंपावत:”श्री कपलेश्वर महादेव मंदिर” में जिलाधिकारी ने भेंट की “मुख्यमंत्री संस्कृति संवर्धन किट”!✍️ Ashok gulati एडिटर इन चीफ

खबर शेयर करें -

‘ग्राम पंचायत राकड़ी फूलारा स्थित श्री कपलेश्वर महादेव मंदिर (कफलांग) में जिलाधिकारी मनीष कुमार द्वारा मुख्यमंत्री संस्कृति संवर्धन किट भेंट की गई’…

चंपावत : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में संचालित “मुख्यमंत्री संस्कृति संवर्धन पहल – कला, परंपरा और पहचान” के अंतर्गत जनपद चम्पावत के ग्राम पंचायत राकड़ी फूलारा स्थित श्री कपलेश्वर महादेव मंदिर (कफलांग) में जिलाधिकारी मनीष कुमार द्वारा मुख्यमंत्री संस्कृति संवर्धन किट भेंट की गई।

यह पहल जनपद में सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक मूल्यों एवं सामाजिक उत्तरदायित्व को सुदृढ़ करते हुए युवाओं को नशे से दूर रखने और समाज में व्यापक जनजागरूकता फैलाने का प्रभावी माध्यम बन रही है।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर जनपद की सुख-समृद्धि, शांति एवं सतत विकास की कामना की। उन्होंने मंदिर परिसर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा ग्रामीणों एवं मंदिर समिति के पदाधिकारियों से संवाद कर आवश्यक जानकारी प्राप्त की।

निरीक्षण के दौरान स्थानीय नागरिकों ने मंदिर सौंदर्यीकरण, जलापूर्ति, भूमि संबंधी समस्या, नौला संरक्षण तथा मंदिर परिसर में बैठने की व्यवस्था सहित विभिन्न मुद्दों से जिलाधिकारी को अवगत कराया।

जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी को मंदिर परिसर में बैठने की व्यवस्था हेतु प्रस्ताव तैयार करने, नौला संरक्षण के लिए संबंधित विभागों के समन्वय से कार्ययोजना बनाने तथा जलापूर्ति की समस्या के समाधान हेतु जल संस्थान एवं स्वजल विभाग को त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही अन्य संबंधित अधिकारियों को भी आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित संत-महात्माओं एवं ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाजहित में एक प्रेरणादायी एवं अनुकरणीय प्रयास बताया तथा माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया।

जिलाधिकारी ने बताया कि “मुख्यमंत्री संस्कृति संवर्धन पहल” के अंतर्गत जनपद के विभिन्न धार्मिक, शैक्षिक एवं सामुदायिक संस्थानों को संस्कृति संवर्धन किट वितरित की जा रही हैं। इन किटों में धार्मिक एवं सांस्कृतिक साहित्य, पारंपरिक वाद्य यंत्र तथा नशा मुक्ति से संबंधित जागरूकता सामग्री शामिल है, जिससे युवाओं को अपनी जड़ों एवं लोक परंपराओं से जोड़ते हुए नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

इस अवसर पर मंदिर में संत-महात्मा, स्थानीय नागरिक, युवा एवं जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad