
चंपावत :सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के नेतृत्व में औषधि नियंत्रण विभाग एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा मंगलवार को पीलीभीत चुंगी, टनकपुर क्षेत्र में संयुक्त रूप से “सुरक्षित दवा सुरक्षित जीवन अभियान” के अंतर्गत औचक निरीक्षण की कार्यवाही संपन्न की गई। इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में औषधियों की गुणवत्ता और विक्रय नियमों की सघनता से जांच करना रहा।
निरीक्षण टीम द्वारा क्षेत्र के कुल 04 मेडिकल प्रतिष्ठानों का बारीकी से परीक्षण किया गया। इस दौरान प्रतिष्ठानों पर सीसीटीवी कैमरों की कार्यक्षमता, दवाओं के सुरक्षित भंडारण हेतु उचित तापमान की व्यवस्था, लाइसेंस की अनिवार्य शर्तों का अनुपालन तथा औषधियों से संबंधित अभिलेखों व रजिस्टरों की गहनता से पड़ताल की गई। कार्यवाही के दौरान एक मेडिकल स्टोर स्वामी द्वारा मौके पर कुछ दवाइयों के खरीद बिल प्रस्तुत न कर पाने की स्थिति में उसे गंभीर चेतावनी दी गई। संबंधित स्टोर स्वामी को निर्देशित किया गया है कि वह आगामी 05 दिनों के भीतर कार्यालय खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन, चम्पावत में अपना स्पष्टीकरण अनिवार्य रूप से प्रेषित करें।
निरीक्षण दल ने सभी दवा विक्रेताओं को एमटीपी किट और एंटीबायोटिक्स का विक्रय केवल डॉक्टर के वैध पर्चे पर ही करने के सख्त निर्देश दिए। सभी संचालकों को सचेत किया गया है कि यदि कोई भी व्यक्ति लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 एवं नियमावली 1945 के सुसंगत प्रावधानों के तहत कठोर कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। अभियान के दौरान संदेह के आधार पर 03 औषधियों के नमूने भी संग्रहित किए गए, जिन्हें गुणवत्ता जांच हेतु राजकीय विश्लेषणशाला को प्रेषित कर दिया गया है। विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि जनहित में जनपद के अन्य क्षेत्रों में भी इस प्रकार की कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।