

बागेश्वर :जनपद गंगा समिति की बैठक जिलाधिकारी आकांक्षा कोंड़े की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में नगर निकायों, जिला पंचायत एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।
बैठक में जनपद में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की वर्तमान स्थिति तथा लेगेसी वेस्ट (पुराना जमा कचरा) के निस्तारण की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी निकायों में कचरा प्रसंस्करण एवं वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर सुदृढ़ किया जाए तथा अवैध डंपिंग स्थलों की पहचान कर उन्हें शीघ्र समाप्त किया जाए।
मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में सभी संबंधित विभागों एवं हितधारकों की बैठक आयोजित कर डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण में समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
नगर पालिका परिषद बागेश्वर द्वारा कचरा पृथक्करण एवं संग्रहण से संबंधित शिकायतों के त्वरित निस्तारण हेतु क्यूआर कोड आधारित नई व्यवस्था शुरू किए जाने की जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने इस पहल का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि अधिकाधिक नागरिक इसका लाभ उठा सकें।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि प्लास्टिक या कचरा जलाने की घटनाएँ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया जाए। उन्होंने अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत को निर्देशित किया कि प्लास्टिक के अनुचित निस्तारण एवं सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने वालों के विरुद्ध चालान की कार्रवाई तेज की जाए।
उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल अभियान नहीं बल्कि जनआंदोलन है। नमामि गंगे के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए सभी विभागों, निकायों एवं ग्राम पंचायतों को समन्वित प्रयास करते हुए समयबद्ध लक्ष्य प्राप्त करने होंगे तथा नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी आदित्य रत्न, अपर जिलाधिकारी एन.एस. नबियाल, उपजिलाधिकारी अनिल चनियाल एवं वैभव कांडपाल सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।