“असम, केरल और पुडुचेरी में एक चरण में 9 अप्रैल को मतदान होगा. वहीं तमिलनाडु में भी एक चरण में 23 अप्रैल को मतदान,पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होगा.,अलग-अलग राज्यों की आठ विधानसभा सीटों पर 9 अप्रैल और 23 अप्रैल को उपचुनाव होंगे”…



चुनाव आयोग ने चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के विधानसभा चुनावों की घोषणा कर दी है.
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी के विधानसभा चुनावों की तारीख़ों के बारे में बताया.
असम, केरल और पुडुचेरी में एक चरण में 9 अप्रैल को मतदान होगा. वहीं तमिलनाडु में भी एक चरण में 23 अप्रैल को मतदान होगा.
वहीं पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होगा.
इसके अलावा अलग-अलग राज्यों की आठ विधानसभा सीटों पर 9 अप्रैल और 23 अप्रैल को उपचुनाव होंगेबंगाल में 23-29 अप्रैल, तमिलनाडु में 23 अप्रैल को मतदान; बाकी राज्यों में 9 अप्रैल को वोटिंग, नतीजे 4 मई को आएंगे l: देश के चार राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2026 का कार्यक्रम घोषित हो गया है। असम, केरल और पुदुचेरी में नौ अप्रैल को मतदान होगा, जबकि तमिलनाडु में 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को मतदान कराया जाएगा। सभी राज्यों के चुनाव नतीजे चार मई को घोषित किए जाएंगे।चुनाव में अनोखे पोलिंग स्टेशन: कहीं 445 वोटरों के लिए पोलिंग बूथ, कहीं नदी पार कर मतदान कराने जाएंगे अधिकारी,पांच राज्यों में हो रहे चुनाव के दौरान कई अनोखे और दूरस्थ पोलिंग स्टेशन चर्चा में हैं। असम, केरल, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुदुचेरी में कुछ स्थानों पर तो केवल कुछ मतदाताओं के लिए भी मतदान केंद्र बनाए गए हैं।भारत जैसे विशाल देश में लोकतंत्र केवल एक व्यवस्था नहीं, बल्कि एक महाकुंभ है। इस उत्सव में एक-एक वोट की बहुत बड़ी कीमत है। चुनाव आयोग का लक्ष्य है कि कोई भी मतदाता पीछे न छूटे। इसी संकल्प को पूरा करने के लिए चुनाव अधिकारी दुर्गम रास्तों, उफनती नदियों और ऊंचे पहाड़ों की चुनौतियों को पार कर हर मतदाता तक पहुंचते हैं। चुनाव आयोग ने रविवार को अपने अधिकारियों के इसी परिश्रम का जिक्र करते हुए उन पोलिंग बूथ की जानकारी दी जहां वोटरो की संख्या या तो सैकड़ों में है या वहां जाने का रास्ता बेहद कठीन है। आइए हम आपको देश के कुछ ऐसे ही अनोखे और कठिन पोलिंग बूथों के बारे में विस्तार से बताते हैं।असम: मतदान दल माजुली से नाव (फेरी) और सड़क मार्ग के जरिए 50-60 किलोमीटर की कठिन यात्रा करते हैं, ब्रह्मपुत्र नदी पार करते हैं, और अंततः ट्रैक्टर के सहारे 248 मतदाताओं वाले दूरस्थ धानेखाना मतदान केंद्र तक पहुंचते हैं।केरल: इदुक्की जिले के एक आदिवासी क्षेत्र में स्थित बूथ नंबर 34 इडामलाकुडी, जिसमें कुल 693 मतदाता हैं, एक अनोखा दूरस्थ मतदान केंद्र है। यहां मतदान अधिकारी एक विशेष वाहन के माध्यम से ऊबड़-खाबड़ रास्तों (ऑफ-रोड) पर 30 किलोमीटर की यात्रा पूरी करने के बाद 8 किलोमीटर की पैदल यात्रा (ट्रेकिंग) करके पहुंचते हैं।
पश्चिम बंगाल: अलीपुरद्वार जिले में, मतदान दल बक्सा टाइगर रिजर्व की पहाड़ियों से होते हुए पैदल यात्रा (ट्रेक) करके बक्सा (759 मतदाता), चूनाभट्टी (235 मतदाता) और अदमा (445 मतदाता) के मतदान केंद्रों तक पहुंचते हैं।
तमिलनाडु: थेनी जिले की वरुसनाडु पहाड़ियों में, मतदान अधिकारी कठिन रास्तों से होकर तीन घंटे की यात्रा करके वेल्लीमलई मतदान केंद्र तक पहुंचते हैं, जो केवल पांच मतदाताओं के लिए बनाया गया है।
पुदुचेरी: 1885 में निर्मित, पुडुचेरी का वी.ओ. चिदंबरम पिल्लई स्कूल, जो कभी फ्रांसीसी प्रणाली के तहत ‘इकोल प्राइमायर डी गारकॉन्स’ हुआ करता था, को ‘मॉडल पोलिंग स्टेशन’ के रूप में नामित किया गया था। यह स्कूल क्रमशः 722 और 651 मतदाताओं वाले दो मतदान केंद्रों की मेजबानी करता है।असम, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी में एक और पश्चिम बंगाल में दो चरणों में होगा मतदानlचुनाव आयोग ने चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के विधानसभा चुनावों की घोषणा कर दी है.
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी के विधानसभा चुनावों की तारीख़ों के बारे में बताया.
असम, केरल और पुडुचेरी में एक चरण में 9 अप्रैल को मतदान होगा. वहीं तमिलनाडु में भी एक चरण में 23 अप्रैल को मतदान होगा.
वहीं पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होगा.
इसके अलावा अलग-अलग राज्यों की आठ विधानसभा सीटों पर 9 अप्रैल और 23 अप्रैल को उपचुनाव होंगे.lसभी राज्यों की विधानसभा सीटों और उपचुनाव पर मतगणना 4 मई को होगीll