लालकुआँ: सेंंचुरी पेपर मिल के दूषित नाले के खिलाफ बड़े आन्दोलन की तैयारी,सेंचुरी पेपर मिल के दूषित नाले को भूमिगत करने एवं नाले में पल रहे विशालकाय मगरमच्छों से निजात दिलाने की मांग को लेकर शान्तिपूरी क्षेत्र के ग्राम प्रधानों सहित कई जनप्रतिनिधियों ने खोला मोर्चा,अखिर क्यों मौन शासन प्रशासन, चांदी के जूते के तले….?✍ashok गुलाटी editor in chief

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लालकुआँ :।

लालकुआँ सेंंचुरी पेपर मिल के दूषित नाले के खिलाफ बड़े आन्दोलन की तैयारी,सेंचुरी पेपर मिल के दूषित नाले को भूमिगत करने एवं नाले में पल रहे विशालकाय मगरमच्छों से निजात दिलाने की मांग को लेकर शान्तिपूरी क्षेत्र के ग्राम प्रधानों सहित कई जनप्रतिनिधियों ने खोला मोर्चा।

लालकुआँ सेंचुरी पेपर मिल के दूषित नाले को भूमिगत करने एवं नाले में पल रहे विशालकाय मगरमच्छों से निजात दिलाने की मांग को लेकर शान्तिपूरी क्षेत्र के पूर्व एंव वर्तमान ग्राम प्रधान तथा जनप्रतिनिधि तथा समाजसेवी हुए एकजुट, बड़े आन्दोलन की दी चेतावनी।

नाला रोको, जीवन बचाओ, के तहत शुरू होगा बड़ा आन्दोलन, ग्राम प्रधानों ने प्रशासन को दी एक सप्ताह की चेतावनी, एक सप्ताह के भीतर मगरमच्छों एंव दूषित नाले को भूमिगत करने को लेकर उचित कार्यवाही नही कि गई तो शान्तिपूरी क्षेत्र से लेकर लालकुआँ तक होगा बड़ा आन्दोलन।

देखिए जल्द ही बड़ी कबरेज,लालकुआँ से किच्छा के हर गांव गांव लोगों की जुबानी और उनकी परेशानी, केंसर, टीवी,दामा, जैसी गम्भीर बिमारियों से लड़ती जिंदगी, अखिर क्यों मौन शासन प्रशासन। नागरिकों का कहना है कि चांदी के जूते के तले सब कुछ दब जा रहा हैl

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