रुद्रपुर:चन्दोला होम्योपैथिक व वसुंधरा नर्सिंग कॉलेज बने शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रतीक! Ashok Gulati editor in chief

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✔️उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय की परीक्षाओं में छात्रों का दबदबा, निरंतर श्रेष्ठ परिणामों से रुद्रपुर का नाम रोशन..@

रुद्रपुर।शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, निरंतर परिश्रम और सही मार्गदर्शन का परिणाम होती है। इस कथन को साकार कर दिखाया है चन्दोला होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल तथा वसुंधरा नर्सिंग एवं पैरामेडिकल कॉलेज, रुद्रपुर के विद्यार्थियों ने, जिन्होंने उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय की विभिन्न परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर न केवल संस्थान बल्कि पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है।
लगातार कई वर्षों से शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुशासन और परिणामों के लिए पहचाने जाने वाले इन संस्थानों ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि यदि विद्यार्थियों को सही दिशा, योग्य शिक्षक और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण मिले, तो सफलता स्वयं उनके कदम चूमती है।
विश्वविद्यालय स्तर पर संस्थान की साख और मजबूत
उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय की परीक्षाओं में मेरिट सूची में स्थान प्राप्त करना किसी भी छात्र के लिए बड़ी उपलब्धि होती है। ऐसे में जब एक ही संस्थान के विभिन्न बैचों के अनेक विद्यार्थी शीर्ष स्थानों पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं, तो यह संस्थान की शैक्षणिक प्रणाली की मजबूती को दर्शाता है।
इस वर्ष घोषित परीक्षा परिणामों में चन्दोला होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के बीएचएमएस (BHMS) पाठ्यक्रम के लगभग सभी बैचों में विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन किया। प्रथम वर्ष से लेकर अंतिम वर्ष तक, हर कक्षा में मेधावी छात्रों ने अपने ज्ञान, परिश्रम और आत्मविश्वास का परिचय दिया।
प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों ने दिखाई मजबूत नींव
बैच 2022-23 (I BHMS) के परिणामों ने यह स्पष्ट कर दिया कि संस्थान में प्रवेश लेने वाले नवोदित विद्यार्थी भी उच्च स्तर की तैयारी और गंभीर अध्ययन के साथ आगे बढ़ रहे हैं। इस बैच में अदिति बिष्ट ने 72.7 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। अदिति की यह सफलता उनके नियमित अध्ययन, अनुशासन और विषयों की गहरी समझ का प्रमाण है।
वहीं अमरीन ने 69.7 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरा और कल्पा नेगी ने 69 प्रतिशत अंकों के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया। इन तीनों छात्राओं की सफलता ने यह साबित किया कि प्रतियोगिता केवल अंकों की नहीं, बल्कि निरंतर सीखने की प्रक्रिया की होती है।
नए बैच ने भी दिखाई प्रतिभा की चमक
बैच 2023-24 (I BHMS) के विद्यार्थियों ने भी निराश नहीं किया। इस बैच में विशिष्टा माहेश्वरी ने 68.4 प्रतिशत अंक अर्जित कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। विशिष्टा का कहना है कि नियमित कक्षाएं, शिक्षकों का सहयोग और आत्मअनुशासन उनकी सफलता की कुंजी रहे।
तस्कीन शम्सी ने 67.9 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरा तथा बुशरा खान ने 67.8 प्रतिशत अंकों के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया। यह परिणाम इस बात का संकेत हैं कि संस्थान में विभिन्न सामाजिक और शैक्षणिक पृष्ठभूमि से आए विद्यार्थी समान रूप से आगे बढ़ रहे हैं।
द्वितीय और तृतीय वर्ष में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन
केवल प्रारंभिक कक्षाओं में ही नहीं, बल्कि उच्च कक्षाओं में भी विद्यार्थियों ने अपनी निरंतरता बनाए रखी। बैच 2021-22 (II BHMS) में सुहासिनी वत्स ने 70.11 प्रतिशत अंकों के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया। उनके बाद प्रीति भारद्वाज (69.11 प्रतिशत) और शिवानी (67.56 प्रतिशत) ने क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया।
बैच 2020-21 (III BHMS) का परिणाम विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा, जहां देवेश यादव और प्रिया सेमवाल ने 69 प्रतिशत अंकों के साथ संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया। यह संयोग नहीं बल्कि स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का उदाहरण है। नित्या विश्वकर्मा ने 68.9 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरा तथा यादव खुशी पतिराम ने 68.5 प्रतिशत अंकों के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया।
अंतिम वर्ष में भी छात्रों ने कायम रखा भरोसा
बीएचएमएस के अंतिम वर्ष, बैच 2019-20 (IV BHMS) के परिणामों ने संस्थान की परिपक्व शैक्षणिक व्यवस्था को रेखांकित किया। अक्षय कुमार ने 68 प्रतिशत अंकों के साथ कॉलेज टॉप किया, जबकि ऐश्वर्या कुमारी (67 प्रतिशत) और साक्षी (66 प्रतिशत) ने क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त किया।
अंतिम वर्ष के ये परिणाम यह दर्शाते हैं कि विद्यार्थी न केवल पाठ्यक्रम पूरा कर रहे हैं, बल्कि चिकित्सा क्षेत्र में भविष्य की जिम्मेदारियों के लिए स्वयं को पूरी तरह तैयार भी कर रहे हैं।
प्रबंधन और शिक्षकों का समर्पण बना सफलता की नींव
विद्यार्थियों की इस ऐतिहासिक सफलता पर कॉलेज के प्रबंध निदेशक डॉ. के.सी. चन्दोला एवं सचिव वसुंधरा चन्दोला ने गहरी प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह परिणाम केवल छात्रों की मेहनत नहीं, बल्कि संस्थान की समर्पित शिक्षण व्यवस्था और अनुभवी फैकल्टी का प्रतिफल है।
उन्होंने कहा,
“हमारा उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक दिलाना नहीं, बल्कि ऐसे चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी तैयार करना है जो समाज के प्रति संवेदनशील हों और अपने ज्ञान का उपयोग मानव कल्याण के लिए करें।”
कॉलेज के प्राचार्य एवं विभागाध्यक्षों ने भी इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता भविष्य में और अधिक उत्कृष्ट परिणामों की प्रेरणा बनेगी।
असफल विद्यार्थियों के लिए भी सकारात्मक संदेश
प्रबंधन ने उन विद्यार्थियों का भी विशेष रूप से उत्साहवर्धन किया जो इस बार मेरिट सूची में स्थान नहीं बना सके। प्रबंधन का कहना है कि असफलता अंत नहीं, बल्कि आत्ममंथन का अवसर होती है। सही मार्गदर्शन और निरंतर प्रयास से प्रत्येक विद्यार्थी सफलता प्राप्त कर सकता है।
कॉलेज प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि ऐसे छात्रों को अतिरिक्त मार्गदर्शन, परामर्श और अकादमिक सहयोग प्रदान किया जाएगा, ताकि वे आगामी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
रुद्रपुर के लिए गर्व का विषय
इन उत्कृष्ट परिणामों ने न केवल चन्दोला होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं वसुंधरा नर्सिंग कॉलेज की प्रतिष्ठा बढ़ाई है, बल्कि रुद्रपुर शहर को भी शिक्षा के मानचित्र पर एक मजबूत पहचान दिलाई है। यह सफलता उन अभिभावकों के लिए भी संतोष का विषय है, जिन्होंने अपने बच्चों का भविष्य इन संस्थानों पर भरोसा कर सौंपा।
भविष्य की ओर आत्मविश्वास के साथ कदम
विद्यार्थियों की यह उपलब्धि यह संकेत देती है कि आने वाले वर्षों में यह संस्थान चिकित्सा और स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में और भी ऊंचे कीर्तिमान स्थापित करेगा। निरंतर उत्कृष्ट परिणाम, अनुशासित वातावरण और सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ आगे बढ़ते हुए चन्दोला होम्योपैथिक एवं वसुंधरा नर्सिंग कॉलेज शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणास्रोत बनते जा रहे हैं।

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