देहरादून:सरकार आपदा प्रभावितों के साथ, राहत एवं बचाव कार्यों में नहीं छोड़ी जाएगी कोई कसर- मुख्यमंत्री✍️ Ashok Gulati editor in chief

खबर शेयर करें -
  • सरकार आपदा प्रभावितों के साथ, राहत एवं बचाव कार्यों में नहीं छोड़ी जाएगी कोई कसर- मुख्यमंत्री
  • मुख्यमंत्री ने सचिव आपदा प्रबंधन से ली नुकसान तथा राहत और बचाव कार्यों की जानकारी

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन से राजधानी देहरादून तथा प्रदेश के अन्य जनपदों में मंगलवार रात अतिवृष्टि से हुए नुकसान की जानकारी ली तथा युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि के कारण जो लोग भी  प्रभावित हुए हैं, उन्हें तत्काल हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। जो लोग लापता हुए हैं, उनकी तलाश के लिए युद्धस्तर पर कार्य किए जाएं। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में सरकार सभी प्रभावित परिवारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए की राहत और बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं होनी चाहिए। अधिकारी प्रभावित क्षेत्र का दौरा करें और लोगों की  समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने आने वाले दिनों में भी मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट को देखते हुए सभी जनपदों में विशेष सतर्कता बरते जाने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से प्रदेश में अतिवृष्टि से उत्पन्न स्थिति पर नजर रखने तथा जनपदों व विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।

वहीं, मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को अतिवृष्टि से प्रभावित देहरादून जनपद के मालदेवता क्षेत्र एवं केसरवाला का स्थलीय निरीक्षण कर वहाँ की स्थिति का जायज़ा लिया। निरीक्षण के दौरान माननीय मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की गति तेज करने के निर्देश अधिकारियों को दिए तथा स्थानीय नागरिकों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिवृष्टि के कारण प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में सड़कों, पुलों एवं सरकारी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुँचा है, जिससे आमजन के जीवन पर भी व्यापक प्रभाव पड़ा है। उन्होंने निर्देश दिए कि अवरुद्ध मार्गों को शीघ्र चालू किया जाए, सुरक्षित पेयजल व बिजली की आपूर्ति तत्काल सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन व प्रशासन की टीम निरंतर फील्ड में सक्रिय है और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ राहत, बचाव व पुनर्वास कार्यों को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि नदियों के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए आपदा से निपटने हेतु विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

मुख्यमंत्री राज्य आपदा परिचालन केंद्र और विभिन्न जिलों की परिस्थितियों की लगातार समीक्षा कर रहे हैं एवं सभी जिलाधिकारियों के साथ नियमित संपर्क बनाए हुए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों के प्रत्येक नागरिक की समस्याओं को तात्कालिक प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए।

स्थलीय निरीक्षण के दौरान माननीय मुख्यमंत्री के साथ विधायक श्री उमेश शर्मा ‘काऊ’, गढ़वाल आयुक्त श्री विनय शंकर पांडेय, आईजी गढ़वाल श्री राजीव स्वरूप, अपर सचिव श्री बंशीधर तिवारी सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन पहुंचे कंट्रोल रूम

राहत और बचाव कार्यों की निगरानी की

राज्य में हो रही लगातार अतिवृष्टि से उत्पन्न स्थिति को देखते हुए मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभागों एवं जिलों के अधिकारियों से विस्तृत जानकारी लेते हुए राहत, बचाव एवं पुनर्वास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।

मुख्य सचिव ने कहा कि अतिवृष्टि के कारण अनेक क्षेत्रों में सड़कें, पुल और अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियां क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। इस स्थिति को देखते हुए उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि अवरुद्ध मार्गों को शीघ्र खोला जाए,  पेयजल, बिजली और दूरसंचार सेवाओं को प्राथमिकता पर बहाल किया जाए। इसके साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाएं एवं आवश्यक राहत सामग्री की आपूर्ति तत्काल सुनिश्चित की जाए।

मुख्य सचिव ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं आपदा की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। मुख्यमंत्री ने देहरादून जिले के मालदेवता और केसरवाला क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की है तथा प्रभावित नागरिकों को हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया है।

मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि शासन और प्रशासन की टीमें फील्ड में पूरी सक्रियता के साथ कार्य कर रही हैं। नदियों के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए विशेष सतर्कता बरती जा रही है और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए प्रभावित नागरिकों की समस्याओं का तत्काल समाधान करें।

कंट्रोल रूम से राहत और बचाव कार्यों की निगरानी

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन मंगलवार सुबह ही अपनी टीम के साथ कंट्रोल रूम पहुंचे

राज्य में लगातार हो रही अतिवृष्टि के चलते उत्पन्न आपदा की गंभीर स्थिति से निपटने के लिए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र मंगलवार तड़के से ही सक्रिय दिखा। राजधानी देहरादून तथा प्रदेश के अन्य हिस्सों में अतिवृष्टि से बाढ़ तथा मलबा आने की जैसे ही सूचना मिली, सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन अपनी टीम के साथ नियंत्रण कक्ष पहुंचे और  राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी की।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad