ब्रेकिंग पटना:😲 नीतीश कुमार ने आठवीं बार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया! .. 😆अब भाजपा के गोद में पुनः बैठेंगे; शाम 4:00 बजे 9 बार मुख्यमंत्री की शपथ ग्रहण करेंगे नीतीश@.. लगातार नौवीं बार cm बनने का विश्व रिकॉर्ड बनने जा रहा है?

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पटना:😲 नीतीश कुमार ने आठवीं बार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया! .. 😆अब भाजपा के गोद में पुनः बैठेंगे; शाम 4:00 बजे नवी बार मुख्यमंत्री की शपथ ग्रहण करेंगे नीतीश@…..

नीतीश ने आठवीं बार CM पद छोड़ा, अब नौवीं बार शपथ लेंगे, 28 साल में तीसरी बार BJP के साथ कर सरकार बनाएंगे बीजेपी के दो डिप्टी सीएम होंगे भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष आज दोपहर पटना पहुंच रहे है शाम 4:00 बजे राजपाल नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री की ग्रहण करेंगेlबिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार सुबह पद से इस्तीफा दे दिया। माना जा रहा है कि वे शाम को ही भाजपा के समर्थन से मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।बिहार में सियासी उलटफेर की अटकलें एक बार फिर सही साबित हुईं। नीतीश कुमार ने रविवार सुबह वही किया, जिसका पिछले दिनों से अंदाजा लगाया जा रहा था। रविवार सुबह उन्होंने राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर को इस्तीफा सौंप दिया। उन्होंने राज्यपाल को बताया कि वे महागठबंधन से अलग होने का फैसला कर चुके हैंबिहार में सियासी उलटफेर की अटकलें एक बार फिर सही साबित हुईं। नीतीश कुमार ने रविवार सुबह वही किया, जिसका पिछले दिनों से अंदाजा लगाया जा रहा था। रविवार सुबह उन्होंने राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर को इस्तीफा सौंप दिया। उन्होंने राज्यपाल को बताया कि वे महागठबंधन से अलग होने का फैसला कर चुके हैं

बिहार में अब आगे क्या?
जदयू का भाजपा से गठबंधन तय है। माना जा रहा है कि जल्द ही विधायकों का समर्थन पत्र राज्यपाल को सौंपकर रविवार शाम ही नीतीश मुख्यमंत्री पद की शपथ ले लेंगे। विधानसभा में भाजपा के 78, जदयू के 45 और हम के 4 विधायक हैं। 243 सदस्यीय विधानसभा में तीनों दलों को मिलाकर यह आंकड़ा 127 होता है, जो बहुमत के 122 के आंकड़े से पांच ज्यादा है।
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उधर, नजरें राजद और खासकर लालू प्रसाद और तेजस्वी के बयानों पर रहेंगी। अतीत में जब नीतीश ने राजद से नाता तोड़ा था, तब आपसी तल्खी चरम पर पहुंच गई थी।

आठवीं बार मुख्यमंत्री पद छोड़ा, नौवीं बार दोबारा लेंगे शपथ
नीतीश ने किस तरह आठवीं बार सीएम पद छोड़ा है, यह आपको बताते हैं…

  • नीतीश कुमार पहली बार 3 मार्च 2000 को सीएम बने थे। हालांकि, बहुमत न जुटा पाने की वजह से उन्हें 10 मार्च 2000 को पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
  • बिहार में 2005 में हुए चुनाव में नीतीश भाजपा के समर्थन से दूसरी बार मुख्यमंत्री पद पर काबिज हुए।
  • 2010 में हुए विधानसभा चुनाव के बाद एक बार फिर नीतीश सीएम बने।
  • लोकसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ पार्टी के खराब प्रदर्शन की वजह से उन्होंने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया। इस दौरान उन्होंने जीतनराम मांझी को मुख्यमंत्री पद सौंपा। हालांकि, 2015 में जब पार्टी में अंदरुनी कलह शुरू हुई तो नीतीश ने मांझी को हटाकर एक बार फिर खुद सीएम पद ग्रहण किया।
  • 2015 के विधानसभा चुनाव में महागठबंधन (जदयू, राजद, कांग्रेस और लेफ्ट गठबंधन) की एनडीए के खिलाफ जीत के बाद नीतीश कुमार एक बार फिर बिहार के मुख्यमंत्री बने। यह कुल पांचवीं बार रहा, जब नीतीश ने सीएम पद की शपथ ली।
  • डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के खिलाफ लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद नीतीश कुमार ने महागठबंधन से अलग होने का फैसला किया। उन्होंने जुलाई 2017 में ही पद से इस्तीफा दिया और एक बार फिर एनडीए का दामन थाम कर सीएम पद संभाला।
  • 2020 के विधानसभा चुनाव में एनडीए गठबंधन ने जीत हासिल की। हालांकि, जदयू की सीटें भाजपा के मुकाबले काफी घट गईं। इसके बावजूद नीतीश कुमार ने सीएम पद की शपथ ली।
  • 2022 में एनडीए से अलग होने के एलान के ठीक बाद नीतीश कुमार ने राजद के नेतृत्व वाले महागठबंधन से जुड़ने का एलान कर दिया। इसी के साथ नीतीश कुमार ने आठवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। 28 जनवरी 2024 को उन्होंने आठवीं बार मुख्यमंत्री पद छोड़ दिया।
  • तीसरी बार भाजपा के साथ
  • 1996 में नीतीश ने भाजपा से पहली बार गठबंधन किया था। 3 मार्च 2000 को सीएम बने, लेकिन बहुमत नहीं जुटा पाने की वजह से पद छोड़ा और अटलजी की सरकार में केंद्र में रेल मंत्री बने।
  • 1996 से 2013 तक नीतीश भाजपा के साथ रहे। जब नरेंद्र मोदी को भाजपा ने प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया तो वे एनडीए से अलग हो गए। 2015 में महागठबंधन की सरकार में सीएम रहे।
  • दूसरी बार वे 2017 में एनडीए में लौटे और भाजपा की मदद से सरकार बनाई।
  • 2024 में अब वे तीसरी बार भाजपा की मदद से मुख्यमंत्री बनेंगे। 28 साल में तीसरी बार वे भाजपा के साथ हैं बरहाल नीतीश कुमार ने नवमी बार मुख्यमंत्री बनकर विश्व रिकॉर्ड कायम कर दिया है वह अपने स्वार्थ के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं आपको याद होगा जब नीतीश कुमार ने लालू यादव का दामन थामा था उन्होंने भाजपा के लिए कहा था कि वह मर जाएंगे परंतु बीजेपी में नहीं जाएंगे परंतु यह राजनीति है इसमें ना ईमान है है ना धर्म है अपने स्वार्थ व कुर्सी के लिए कुछ भी कर सकते हैं इसका प्रत्यक्ष प्रमाण पलटू राम नीतीश कुमार है?
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