ब्रेकिंग पिथौरागढ़: (अपडेट) प्रधानमंत्री मोदी 💥गुंजी गांव पहुंचे; 👉पारंपरिक संगीत वाद्ययंत्र मोदी ने जमकर बजाया@👉 अभूतपूर्व स्वागत। @ग्राउंड जीरो से अशोक गुलाटी editor-in-chief लाइव

खबर शेयर करें -

पिथौरागढ़/। आज पीएम नरेंद्र मोदी उत्तराखंड के पिथौरागढ़ व अल्मोड़ा जिले के दौरे पर पहुंचे है। यहां पर स्थित पार्वती कुंड में पीएम मोदी ने पूजा अर्चना की। तत्पश्चात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय सीमा से सटे गुंजी गांव का भी दौरा किया। इस खास मौके पर पीए मोदी का भव्य स्वागत किया गया। यहां के स्थानीय महिला और पुरुषों ने पीएम मोदी का स्वागत किया। पीएम मोदी ने स्थानीय कलाकारों, भारतीय सेना, आईटीबीपी और बीआरओ कर्मियों के साथ भी बातचीत की। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुंजी गांव में उत्तराखंड के पारंपरिक संगीत वाद्ययंत्र पर हाथ आजमाया। पीएम मोदी सेना, आईटीबीपी और बीआरओ के साथ स्थानीय लोगों से बातचीत करने के लिए गुंजी गांव पहुंच गए हैं। यहां पर रंगा समाज के लोगाें ने पीएम को पारंपरिक परिधान रंगा व्यंथला पहनाया। इसके बाद वह अल्मोड़ा जिले के जागेश्वरधाम के लिए रवाना हो गये। जहां वह पूजा अर्चना के बाद टीआरसी में अल्प विश्राम के बाद पिथौरागढ़ के लिए रवाना होंगे। पिथौरागढ़ में वह 4200 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास करेंगे तथा जनसभा को भी संबोधित करेंगे। कुछ देर जागेश्वर धाम पहुंचेंगे जहां पूजा अर्चना करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री जागेश्वर में स्थित टीआरसी में भोजन करेंगे जहां उनके लिए पहाड़ी व्यंजन तैयार किया जा रहे हैं। उसके बाद पिथौरागढ़ में जनसभा को संबोधन करेंगे। और उत्तराखंड को आज बहुत बड़ी सौगात मिलने वाली है जिसकी प्रधानमंत्री घोषणा करेंगे। लोगों का सभा में पहुंचना शुरू हो गया है अनुमान है कि 50000 से अधिक लोग लोग पहुंचेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किए आदि कैलाश के विराट दर्शन।

आदि कैलाश की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने मोदी।

प्रधानमंत्री के भ्रमण से आदि कैलाश क्षेत्र में अध्यात्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा।

प्रधानमंत्री के आगमन पर स्थानीय लोगों में दिखा गजब का उत्साह, कैलाश आगमन पर किया जोरदार स्वागत।

आदि कैलाश यात्रा से प्रधानमंत्री मोदी ने दिया भक्ति और शक्ति का संदेश।

आदि कैलाश पहुंचने पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने किया प्रधानमंत्री का स्वागत।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 12 अक्टूबर को भारत की आध्यात्मिक भूमि आदि कैलाश पहुंचे। यहां शिव मंदिर में पूजा करते हुए प्रधानमंत्री ने आदि कैलाश के विराट दर्शन किए और देश की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली के लिए प्रार्थना की। शिव धाम आदि कैलाश आगमन पर प्रधानमंत्री मोदी का जोरदार स्वागत हुआ। इस दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे।
 
प्रधानमंत्री मोदी अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत 12 अक्टूबर, 2023 को सुबह 8.45 बजे हेलीकॉप्टर से पिथौरागढ़ जनपद में ज्योलिंगकांग हेलीपैड पर उतरे। यहां से दाहिनी ओर करीब डेढ़ किमी की दूरी कार से तय करते हुए हिमालय की चोटी पर स्थित पार्वती सरोवर और शिव मंदिर पहुॅचे। करीब 25 मिनट तक शिव की पूजा और ध्यान किया। आदि कैलाश मंदिर में रं-समुदाय के लामा पुजारियों ने पौराणिक काल से प्रसिद्ध शिव-पार्वती की ‘माटी पूजा’ पूरे विधि विधान के साथ संपन्न की।

इसके बाद पीएम मोदी ने आदि कैलाश पर्वत और पार्वती सरोवर के दर्शन भी किए। आदि कैलाश और पार्वती सरोवर के दर्शन कर प्रधानमंत्री अभीभूत हो उठे। उन्होंने कहा कि आदि कैलाश के दर्शन कर उनका मन प्रसन्न और जीवन धन्य हो गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देव भूमि है। यहां कण-कण में देवी देवताओं का वास है। भगवान आदि कैलाश के दर्शन कर उन्हें परम आनंद की अनुभूति हुई है। उन्होंने कहा कि देवभूमि के मंदिर आस्था ही नही आर्थिकी का भी केंद्र हैं। इन मंदिरों से हजारों लोगों की आर्थिकी प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से जुड़ी है। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सभी मंदिरों को एक सर्किट के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को आदि कैलाश और आसपास के क्षेत्र के बारे जानकारी दी।

प्रधानमंत्री के भ्रमण से चीन सीमा पर तैनात सेना के जवानों के साथ ही सीमा पर बसे गांव कुटी, नाबि, रोंगकांग, गुंजी, नपल्चयू, गर्व्यांग, बूंदी के ग्रामीणों में गजब उत्साह देखने को मिला। आदि कैलाश के दर्शन करने के बाद पीएम मोदी ज्योलिंगकांग हैलीपेड से गुंजी के लिए रवाना हुए।

प्रधानमंत्री मोदी आदि कैलाश की यात्रा करने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री भी बन गए है। तीन देशों की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से लगी इस भूमि से प्रधानमंत्री ने पूरे विश्व को अध्यात्म और वैश्विक क्षेत्र में उभरती भारत की शक्ति का संदेश भी दिया। प्रधानमंत्री के भ्रमण से आदि कैलाश क्षेत्र में आध्यात्मिक पर्यटन की संभावनाएं बढ गई है।

पिथौरागढ़ जनपद में आदि कैलाश 14 हजार फुट से अधिक ऊॅचाई पर चीन और नेपाल की सीमा से सटा है और भारत की आध्यात्मिक भूमि है। आदि कैलाश के बारे में मान्यता है कि यह स्थान भगवान शिव के परिवार का निवास स्थान है। आदि कैलाश मार्ग पर मुख्य आकर्षण ओम पर्वत है। इस पर्वत पर ओम की आकृति उभरी हुई है। ओम पर्वत कैलाश यात्रा मार्ग में नावीढांगा में स्थित है। ओम पर्वत को आदि कैलाश का छोटा कैलाश भी कहा जाता है।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad