रुद्रपुर: (उधम सिंह नगर)‘सख्त कानून’ के बावजूद राज्य में रुक नहीं रहा ‘लव जिहाद’?🥺 विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के हंगामे के बाद पुलिस ने ली पीड़ित पक्ष की तहरीर!

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छतरपुर की नाबालिक किशोरी हुई लव जिहाद का शिकार,पीड़ित पक्ष की तहरीर लेने से चार घंटे तक बचती रही पुलिस, विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के हंगामे के बाद पुलिस ने ली पीड़ित पक्ष की तहरीर
रूद्रपुर। उधम सिंह नगर विशेष संवाददाता कोतवाली अंतर्गत लव जिहाद का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है।छतरपुर की नाबालिक किशोरी हुई लव जिहाद का शिकार,पीड़ित पक्ष की तहरीर लेने से चार घंटे तक बचती रही पुलिस, विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के हंगामे के बाद पुलिस ने ली पीड़ित पक्ष की तहरीर ली । ध्यान देने की बात यह है किजान पड़ता है जैसे लव जिहादियों को सरकार एवं कानून का तनिक भी भय नहीं रह गया है कदाचित यही कारण है कि उत्तराखंड सरकार द्वारा लव जिहाद एवं जबरिया धर्मांतरण पर सख्त कानून बनाए जाने के बावजूद राज्य के भीतर लव जिहाद के मामले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला रुद्रपुर से लगे छतरपुर इलाके का है। जहां दिलदार अंसारी पुत्र शमसुद्दीन नामक एक युवक ने एक 14 वर्षीय नाबालिक किशोरी को एक अर्ध निर्मित मकान में ले जाकर अपनी हवस का शिकार बनाने की कोशिश की। नाबालिक पीड़िता के रोने की आवाज सुनकर पास से ही गुजर रहे कुछ व्यक्ति घटनास्थल पर पहुंचे और उन्होंने पीड़िता को आरोपी के चुंगल से आजाद कराया और आरोपी को सिडकुल चौकी के हवाले कर दिया। जैसा कि लव जिहाद के मामलों में अक्सर ही देखा जाता है कि पुलिस ऐसे संवेदनशील मामलों में आसानी से हरकत में नहीं आती। ऐन ऐसा ही रवैया, उपरोक्त मामले में सिडकुल चौकी की पुलिस का भी था। पीड़ित पक्ष के अनुसार सिडकुल पुलिस चौकी कर्मियों ने पीड़ित पक्ष, जिसमें पीड़िता की विधवा मां भी शामिल थी, की तहरीर ही तकरीबन चार घंटे तक नहीं ली और इस दौरान आरोपी पक्ष के लोग सिडकुल चौकी में ही पीड़िता एवं उसकी विधवा मां को मामले को सुलटा लेने एवं तहरीर ना देने का दबाव बनाते रहे तथा तहरीर देने की स्थिति में अंजाम भुगतने को तैयार रहने की धमकी देते रहे। इसी बीच मामले की भनक विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल की कार्यकर्ताओं को लग गई और योगेंद्र चौहान ,सुल्तान सिंह ,अजय पाल, सुदेव दास गुप्ता ,राकेश कश्यप सहित तमाम विश्व हिंदू परिषद कार्यकर्ता सिडकुल चौकी में जमा हो गए तथा पुलिस का ढुलमुल रवैया देख नारेबाजी और हंगामा पर उतारू हो गए। चौकी में हंगामा बढ़ता देख पुलिस ने अंततः पीड़िता की मां की तहरीर ले ली। फिर भी इस बात के आसार कम ही है कि पुलिस उपरोक्त मामले में कोई सख्त कार्यवाही करेगी। वह इसलिए क्योंकि, पीड़िता की मां ने अपनी तहरीर में इस बात का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि आरोपी, पीड़िता के परिवार जन को नुकसान पहुंचाने की धमकी देकर पूर्व में उसके साथ शारीरिक संबंध बन चुका है। बावजूद इसके पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल कराने का कोई उपक्रम नहीं किया। लिहाजा इस आशंका से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता कि जिस तरह पुलिस अन्य मामलों को समझौता करवा कर चौकी से ही रफा-दफा कर देती है ,वैसे ही इस गंभीर मामले को भी ना रफा-दफा कर दे। ऐसे में अहम सवाल यह है कि जब पुलिस द्वारा लव जिहाद के मामलों में कार्यवाही करने में ऐसी हीला हवाली की जाएगी तो सरकार के सख्त से सख्त कानून बना देने से भी क्या फर्क पड़ेगा? हर हाल बजरंग दल की सक्रिय भूमिका होने के कारण मामला दर्ज हो सका अब देखना यह होगा कि पुलिस इस पर क्या कार्रवाई करती है या फिर अमलाफिर रेड्डी की टोकरी में ना चला जाए?

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